फिल्म जगत में काम के बदले सही मेहनताना और सम्मान पर शहनाज गिल का बेबाक विचार अभिनेत्री शहनाज गिल ने करियर की शुरुआती चुनौतियों, मुफ्त काम के अनुभवों और फिल्मों में सही मेहनताना मांगने के अपने सिद्धांत पर खुलकर बात की है। भारतीय मनोरंजन उद्योग में पहचान बनाना और उसे बनाए रखना हमेशा से एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया रही है। 'पंजाब की कैटरीना कैफ' के नाम से लोकप्रिय होकर हर घर में अपनी खास जगह बनाने वाली शहनाज गिल ने इस सच्चाई को बेहद करीब से महसूस किया है। 'बिग बॉस 13' के मंच से देशव्यापी ख्याति हासिल करने के बाद उन्होंने हिंदी और पंजाबी सिनेमा में अपनी एक मजबूत और स्वतंत्र पहचान कायम की है। शुरुआती दौर में विज्ञापन अभियानों और संगीत वीडियो से अपने सफर की शुरुआत करने वाली इस कलाकार का यह मुकाम बिना संघर्ष के नहीं मिला है। करियर के शुरुआती दिनों में कई परियोजनाओं के लिए फीस न लेने के कटु अनुभवों के बाद अब वह अपने काम के उचित मूल्य और पेशेवर सम्मान के लिए मजबूती से आवाज उठाती हैं। मुफ्त काम और सम्मान के अनुभव से मिला सबक अपने करियर के शुरुआती दौर में शहनाज गिल ने उद्योग में पैर जमाने के लिए कई प्रोजेक्ट बिना कोई वित्तीय मुआवजा लिए पूरे किए थे। उनका मानना था कि शुरुआत में बिना पैसे के काम करने से लोगों का विश्वास और पेशेवर सम्मान हासिल होगा। हालांकि, समय के साथ उन्हें यह अहसास हुआ कि इस प्रकार के समझौते से वह स्थान और इज्जत नहीं मिलती जिसकी एक कलाकार हकदार होती है। उन्होंने पाया कि मुफ्त में सेवा देने से लोगों का रुख सम्मानजनक बनने के बजाय अपेक्षाओं तक सीमित रह जाता है। इस अनुभव ने उनके पेशेवर दृष्टिकोण को पूरी तरह बदल दिया और उन्होंने अपनी मेहनत का वाजिब हक मांगना शुरू किया। पैसा, इज्जत और हक के लिए संघर्ष की आवश्यकता शहनाज गिल के अनुसार, किसी भी क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति के लिए पैसा केवल आजीविका चलाने का साधन नहीं होता, बल्कि यह उसकी मेहनत और आत्मसम्मान का प्रतीक भी है। जब वह अपनी क्षमता और परिश्रम के आधार पर अपनी फीस तय करती हैं, तो कई बार उन्हें मनमुताबिक भुगतान मिल जाता है, जबकि कई मौकों पर बजट कम होने के कारण उम्मीद से कम प्रस्ताव दिए जाते हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि हर व्यक्ति को अपने पारिश्रमिक के अधिकार के लिए बोलना चाहिए। इसके साथ ही वह यह भी मानती हैं कि हर परिस्थिति में बहस करना समझदारी नहीं है। यदि कोई निर्माता या संस्था शुरुआत से ही सही भुगतान करने की नीयत नहीं रखती, तो वहां व्यर्थ की चर्चा करने के बजाय अपना रुख साफ रखना अधिक उपयोगी होता है। फिल्मों का चयन: कहानी और किरदार को प्राथमिकता फिल्मों के चयन के मामले में शहनाज गिल का दृष्टिकोण वाणिज्यिक लाभ से काफी अलग है। उनके लिए फिल्में केवल कमाई का जरिया नहीं हैं, बल्कि सिनेमा को वह एक बहुत ही पवित्र और कलात्मक माध्यम मानती हैं। विज्ञापन, ब्रांड एंडोर्समेंट और सार्वजनिक आयोजनों से उनकी अच्छी कमाई हो जाती है, इसलिए फिल्मों के मामले में वह पैसों को मुख्य शर्त नहीं बनने देतीं। यदि किसी फिल्म की कहानी बेहद दमदार है और उनका किरदार प्रभावशाली है, तो वह अपनी फीस में लचीलापन दिखाने के लिए तैयार हो जाती हैं। हालांकि, वह इस बात पर अडिग हैं कि सिर्फ पैसों के लालच में वह कभी किसी कमजोर पटकथा वाली फिल्म का हिस्सा नहीं बनेंगी और न ही किसी पर्दे पर महज सजावटी वस्तु के रूप में नजर आना पसंद करेंगी। 'बिग बॉस 13' का मोड़ और 4.5 लाख रुपये प्रति सप्ताह की फीस शहनाज गिल के करियर में सबसे बड़ा और निर्णायक मोड़ रिएलिटी शो 'बिग बॉस 13' से आया। शो के दौरान दिवंगत अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला के साथ उनकी सहज और आत्मीय केमिस्ट्री को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला और यह जोड़ी 'सिडनाज' के नाम से बेहद प्रसिद्ध हुई। इस शो में प्रवेश करते समय वह सबसे कम फीस पाने वाली प्रतिभागियों में शामिल थीं, जहां उन्हें प्रति सप्ताह लगभग 4.5 लाख रुपये का पारिश्रमिक मिलता था। बाद में उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में स्वीकार भी किया था कि शो में प्रवेश के समय वह सबसे सस्ती प्रतियोगी थीं, लेकिन शो समाप्त होते-होते उन्होंने अपनी लोकप्रियता से खुद को सबसे मूल्यवान हस्तियों में स्थापित कर लिया। त्रासदी के बाद वापसी और बॉलीवुड में नई शुरुआत वर्ष 2021 में सिद्धार्थ शुक्ला के आकस्मिक निधन के बाद शहनाज गिल को एक कठिन व्यक्तिगत और मानसिक दौर से गुजरना पड़ा। इस व्यक्तिगत क्षति से धीरे-धीरे उबरते हुए उन्होंने पुनः अपने काम पर ध्यान केंद्रित किया और पेशेवर जीवन में वापसी की। उन्होंने बॉलीवुड में अपना पहला कदम सलमान खान के अभिनय वाली फिल्म 'किसी का भाई किसी की जान' से रखा। इसके बाद वह 'थैंक यू फॉर कमिंग' और हाल ही में प्रदर्शित हुई फिल्म 'इश्कनामा' में अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन कर चुकी हैं। आज वह पंजाबी सिनेमा के साथ-साथ हिंदी फिल्म उद्योग में लगातार सक्रिय हैं और उद्योग की कार्यशैली को बेहतर ढंग से सीखने का प्रयास कर रही हैं। इसका आप पर असर मनोरंजन प्रशंसकों और कलाकारों के लिए: • पेशेवर मूल्य की समझ: यह अनुभव दर्शाता है कि किसी भी उद्योग में कड़ी मेहनत के साथ-साथ अपने काम का सही मूल्य मांगना और आत्मसम्मान बनाए रखना क्यों आवश्यक है। • करियर में धैर्य का महत्व: शुरुआती असफलताओं और संघर्षों के बावजूद अपने कौशल को निखारकर लंबी अवधि की सफलता हासिल की जा सकती है। सवाल-जवाब 1. शहनाज गिल ने करियर के शुरुआती दौर के बारे में क्या कहा? शहनाज गिल ने बताया कि शुरुआती दिनों में उन्होंने सम्मान और भरोसा पाने की उम्मीद में कई प्रोजेक्ट बिना पैसे के किए, लेकिन उन्हें वह इज्जत नहीं मिली जिसकी वह हकदार थीं। 2. शहनाज गिल के लिए फिल्मों में चयन का मुख्य आधार क्या है? फिल्मों के लिए वह पैसों से अधिक अच्छी कहानी और मजबूत किरदार को प्राथमिकता देती हैं, जबकि विज्ञापन और इवेंट्स से वह वाणिज्यिक कमाई करती हैं। 3. बिग बॉस 13 में शहनाज गिल की प्रति सप्ताह फीस कितनी थी? बिग बॉस 13 के दौरान शहनाज गिल को प्रति सप्ताह लगभग 4.5 लाख रुपये मिलते थे, जहां वह सबसे कम फीस पाने वाली प्रतिभागियों में शामिल थीं। 4. शहनाज गिल ने किस फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया था? उन्होंने सलमान खान की फिल्म किसी का भाई किसी की जान से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था। 5. सिनेमा में काम के दौरान फीस को लेकर शहनाज गिल का क्या रुख है? यदि फिल्म की कहानी और किरदार बहुत अच्छे हों तो वह फीस में समझौता कर लेती हैं, लेकिन बिना उचित बजट वाले प्रोजेक्ट्स पर व्यर्थ बहस करने के बजाय अपनी नीति स्पष्ट रखती हैं। प्रेरणा और सबक शहनाज गिल के सफर से मुख्य प्रेरणाएं: • अपने काम की सही कीमत पहचानना: मुफ्त काम से सम्मान नहीं मिलता, अपनी मेहनत के अनुसार पारिश्रमिक मांगना आत्मसम्मान की पहली शर्त है। • गुणवत्ता को प्राथमिकता देना: कम समय के वित्तीय लाभ के बजाय अपने क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण कार्य और मजबूत पहचान को वरीयता दें। • व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना: हर विवाद में उलझने के बजाय अपनी ऊर्जा को सही अवसरों और आत्म-सुधार पर लगाना चाहिए। • विपरीत परिस्थितियों में वापसी: व्यक्तिगत और पेशेवर क्षति के बाद भी धैर्य के साथ पुनः प्रयास करना सफलता की कुंजी है। https://trendkia.com/bollywood/philma-jagata-men-kama-ke-badale-sahi-mehanatana-aura-sammana-para-shehnaaz-gill-ka-bebaka-vichara-11772 TrendKia — Har trend, sabse pehle.