पोस्टर पर नहीं छपा था हेमा मालिनी का नाम, प्रोड्यूसर के आइडिया ने बना दी 'ड्रीम गर्ल' की पहचान हेमा मालिनी को 'ड्रीम गर्ल' नाम उनकी 1977 की सुपरहिट फिल्म से नहीं, बल्कि 1968 में डेब्यू से पहले ही प्रोड्यूसर के एक प्रमोशन आइडिया से मिल गया था, जिसका खुलासा उन्होंने 'द कपिल शर्मा शो' में किया. बॉलीवुड में हेमा मालिनी को दशकों से 'ड्रीम गर्ल' के नाम से पुकारा जाता है, और ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि यह उपनाम उन्हें साल 1977 की सुपरहिट फिल्म 'ड्रीम गर्ल' से मिला होगा. लेकिन असली कहानी इससे कहीं पुरानी है. यह नाम हेमा मालिनी के साथ बॉलीवुड में कदम रखने से भी पहले जुड़ गया था. खुद हेमा मालिनी ने 'द कपिल शर्मा शो' में इस दिलचस्प किस्से का खुलासा किया था. पोस्टर पर छपा ही नहीं असली नाम साल 1968 में हेमा मालिनी अपनी पहली हिंदी फिल्म 'सपनों का सौदागर' से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली थीं. इसी दौरान फिल्म के प्रोड्यूसर बी. आनंदस्वामी ने प्रमोशन का एक बिल्कुल अलग तरीका अपनाया. उन्होंने पोस्टर्स पर हेमा मालिनी का नाम छापने के बजाय बड़े-बड़े अक्षरों में लिखवा दिया, 'ड्रीम गर्ल कमिंग टू टाउन'. यह देखकर हेमा मालिनी खुद हैरान रह गईं कि आखिर पोस्टर्स से उनका असली नाम गायब क्यों है. जब उन्होंने प्रोड्यूसर से इसकी वजह पूछी, तो जवाब मिला कि यही नाम आगे चलकर उनकी नई पहचान बनेगा. प्रोड्यूसर का तर्क था कि पहले लोग इस रहस्यमयी नाम को लेकर उत्सुक होंगे, और बाद में यह राज खोला जाएगा कि आखिर यह खूबसूरत 'ड्रीम गर्ल' है कौन. रिलीज से पहले ही बन गईं सबकी 'ड्रीम गर्ल' प्रोड्यूसर का यह दांव पूरी तरह सफल रहा. फिल्म रिलीज होने से पहले ही हेमा मालिनी हर किसी की जुबान पर 'ड्रीम गर्ल' के नाम से चढ़ चुकी थीं. 'सपनों का सौदागर' का निर्देशन महेश कौल ने किया था, और इसमें हेमा मालिनी के साथ उस दौर के शोमैन राज कपूर लीड रोल में नजर आए थे. फिल्म के गाने शंकर-जयकिशन की मशहूर जोड़ी ने कंपोज किए थे. इस फिल्म से करियर की शुरुआत करने के बाद हेमा मालिनी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार बॉलीवुड में अपनी जगह मजबूत करती चली गईं. नौ साल बाद सच में आई 'ड्रीम गर्ल' दिलचस्प बात यह है कि इस पहली फिल्म के करीब नौ साल बाद, 1977 में हेमा मालिनी सचमुच 'ड्रीम गर्ल' नाम की एक फिल्म में नजर आईं. इसका निर्देशन प्रमोद चक्रवर्ती ने किया था, और इसमें धर्मेंद्र और अशोक कुमार जैसे बड़े सितारे भी शामिल थे. इस फिल्म में हेमा मालिनी ने एक अनाथालय चलाने के लिए पांच अलग-अलग रूप बदले थे, जिनमें सपना, पद्मा, चंपाबाई और राजकुमारी जैसे किरदार शामिल थे. दर्शकों ने उनके इस बहुरूपी अभिनय को खूब सराहा. जो नाम कभी सिर्फ एक प्रमोशन स्टंट के तौर पर गढ़ा गया था, वह हमेशा-हमेशा के लिए हेमा मालिनी की असली पहचान बन गया, और आज तक बॉलीवुड में वे इकलौती सच्ची 'ड्रीम गर्ल' मानी जाती हैं. सवाल-जवाब 1. हेमा मालिनी को 'ड्रीम गर्ल' नाम कब मिला था? यह नाम उन्हें 1968 में उनकी पहली फिल्म 'सपनों का सौदागर' की रिलीज से पहले ही मिल गया था, जब पोस्टर्स पर उनके असली नाम की जगह 'ड्रीम गर्ल कमिंग टू टाउन' लिखा गया था. 2. यह प्रमोशन आइडिया किसने सोचा था? फिल्म 'सपनों का सौदागर' के प्रोड्यूसर बी. आनंदस्वामी ने यह अनोखा प्रमोशन तरीका अपनाया था. 3. हेमा मालिनी की पहली फिल्म कौन सी थी? उनकी पहली हिंदी फिल्म 'सपनों का सौदागर' थी, जो 1968 में रिलीज हुई और जिसका निर्देशन महेश कौल ने किया था. 4. 'सपनों का सौदागर' में हेमा मालिनी के साथ लीड रोल में कौन थे? इस फिल्म में शोमैन राज कपूर लीड रोल में थे, और इसके गाने शंकर-जयकिशन ने कंपोज किए थे. 5. 1977 की फिल्म 'ड्रीम गर्ल' में हेमा मालिनी ने क्या किरदार निभाए थे? उन्होंने एक अनाथालय चलाने के लिए सपना, पद्मा, चंपाबाई और राजकुमारी जैसे पांच अलग-अलग रूप बदले थे. 6. 1977 की 'ड्रीम गर्ल' का निर्देशन किसने किया था और इसमें कौन-कौन शामिल थे? इसे प्रमोद चक्रवर्ती ने डायरेक्ट किया था, और इसमें धर्मेंद्र और अशोक कुमार जैसे स्टार्स शामिल थे. 7. हेमा मालिनी ने इस किस्से का खुलासा कहां किया था? उन्होंने यह किस्सा 'द कपिल शर्मा शो' में सुनाया था. https://trendkia.com/bollywood/postara-para-nahin-chhapa-tha-hema-malini-ka-nama-prodyusara-ke-aidiya-ne-bana-di-dream-girl-ki-pahachana-5019 TrendKia — Har trend, sabse pehle.