पुणे में नाना पाटेकर का राजकीय सम्मान संग अंतिम संस्कार, सिनेमा और सियासत के दिग्गजों ने दी नम आंखों से विदाई दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर पंचतत्व में विलीन हो गए, जहां बेटे मल्हार ने मुखाग्नि दी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का पुणे स्थित उनके आवास पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। कला और राजनीति जगत की कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी गई। जब अभिनेता के बेटे मल्हार पाटेकर ने मुखाग्नि दी, तब वहां मौजूद लोगों ने नम आंखों से उनके सम्मान में जयकारे लगाए। इस भावुक घड़ी में परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था और उनकी पत्नी नीलकांती भी बेहद व्यथित नजर आईं। सहकर्मियों और करीबी दोस्तों की भावुक श्रद्धांजलि अंतिम संस्कार के दौरान अभिनेता जैकी श्रॉफ सहित फिल्म उद्योग के कई पुराने साथी अपने प्रिय मित्र को विदाई देने पहुंचे। अभिनेता अनिल कपूर ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक अत्यंत भावुक संदेश साझा करते हुए अपने गहरे दुख को व्यक्त किया। अनिल कपूर ने लिखा कि वे अपने दोस्त को जिंदगी, फिल्मों के सेट, फोन कॉल और बड़े पर्दे पर हमेशा याद करेंगे। उन्होंने अपने करीबी साथी के अचानक चले जाने को कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। हवाई अड्डे पर श्रद्धांजलि और प्रशासनिक प्रक्रिया गोवा में आवश्यक कागजी औपचारिकताओं के कारण पार्थिव शरीर को पुणे लाने में थोड़ा विलंब हुआ, जिससे अंतिम संस्कार के समय में भी देरी हुई। जब पार्थिव शरीर पुणे हवाई अड्डे पर पहुंचा, तब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वयं उपस्थित होकर दिग्गज अभिनेता को राजकीय सम्मान के साथ नमन किया। मुख्यमंत्री ने पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने अभिनेता की पत्नी और बेटे से बातचीत कर इस कठिन समय में परिवार को ढांढस बंधाया। अंतिम क्षण और चिकित्सकीय प्रयास नाना पाटेकर 8 अक्टूबर को गोवा स्थित अपने आवास पर 75 वर्ष की आयु में इस दुनिया से विदा हो गए। वे एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गोवा गए हुए थे, जहां उन्हें 4 अक्टूबर को डोना पाउला के एक आयोजन में अंतिम बार सार्वजनिक रूप से देखा गया था। मणिपाल हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, डॉक्टरों की टीम ने अभिनेता की धड़कन वापस लाने के लिए करीब 45 मिनट तक लगातार सीपीआर देकर प्रयास किया। डॉ. सालकर ने स्पष्ट किया कि 45 मिनट तक निरंतर प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस मामले में मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया है और नियमानुसार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया तय की गई। पारिवारिक जीवन और चार दशकों का सिनेमाई सफर नाना पाटेकर ने वर्ष 1978 में नीलकांती के साथ विवाह किया था। उनके वैवाहिक जीवन में दो पुत्र हुए, जिनमें से बड़े बेटे का गंभीर बीमारी के चलते मात्र दो वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उसी वर्ष यानी 1978 में उन्होंने फिल्म ‘गमन’ से अपने अभिनय सफर का आगाज किया था। इसके बाद उन्होंने ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अब तक छप्पन’, ‘राजनीति’ और ‘वेलकम’ जैसी यादगार फिल्मों में अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। हाल के वर्षों में वे ‘सूबेदार’, ‘हाउसफुल 5’, ‘वनवास’ और प्रकाश झा की ‘संकल्प’ में दिखे, जबकि फरवरी 2026 में रिलीज हुई विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओ रोमियो’ उनके करियर की आखिरी प्रदर्शित फिल्म बनी। इसका आप पर असर सिनेमा जगत के एक युग के अंत के साथ ही प्रशंसकों और फिल्म प्रेमियों के लिए यह अत्यंत भावुक क्षण है। • सिनेमा प्रेमियों के लिए: अभिनय की एक विशिष्ट और निर्भीक शैली का अंत हो गया है। दर्शक अब उनकी पूर्ववर्ती यादगार फिल्मों और संवादों के माध्यम से ही उनकी कला का स्मरण कर सकेंगे। • महाराष्ट्र में: सांस्कृतिक और सामाजिक विमर्श में अपनी बेबाक आवाज उठाने वाले एक दिग्गज कलाकार की विदाई हुई है। पुणे और मुंबई में कला जगत से जुड़े लोग उनके जीवन और योगदान को याद कर रहे हैं। • आगामी परियोजनाओं पर: हालिया महीनों में प्रदर्शित फिल्मों के बाद उनका करियर औपचारिक रूप से पूर्ण हो गया है। फरवरी 2026 में रिलीज हुई फिल्म 'ओ रोमियो' उनकी अंतिम प्रदर्शित कृति के रूप में दर्ज हो गई है। • उद्योग जगत के लिए: रंगमंच और यथार्थवादी सिनेमा के संगम का प्रतिनिधित्व करने वाला एक बड़ा स्तंभ विदा हो गया है। नवोदित कलाकारों के लिए उनकी कार्यप्रणाली एक स्थायी संदर्भ बनी रहेगी। ऐसा क्यों हुआ अचानक तबीयत बिगड़ने और हृदय गति रुकने के बाद आपातकालीन चिकित्सकीय प्रयास विफल रहने से यह दुखद घटना घटी। • तात्कालिक कारण: गोवा स्थित आवास पर स्वास्थ्य अचानक गंभीर हो गया था। डॉक्टरों द्वारा लगातार 45 मिनट तक सीपीआर दिए जाने के बाद भी उनकी धड़कन को दोबारा शुरू नहीं किया जा सका। • प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया: अस्पताल प्रबंधन ने इसे मेडिको-लीगल मामले के रूप में दर्ज किया। नियमों के तहत मौत के कारणों की विधिवत पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया निर्धारित की गई। • आवास और कार्यक्रम की पृष्ठभूमि: वे किसी सार्वजनिक आयोजन में शामिल होने के लिए गोवा गए हुए थे। 4 अक्टूबर को एक कार्यक्रम में दिखने के चार दिन बाद 8 अक्टूबर को उन्होंने अंतिम सांस ली। सवाल-जवाब 1. नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार कहां और किस प्रकार हुआ? नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे स्थित उनके आवास पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ, जहां उनके बेटे मल्हार ने उन्हें मुखाग्नि दी। 2. नाना पाटेकर का निधन कब और किस उम्र में हुआ? नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर को गोवा में उनके आवास पर हुआ, उस समय उनकी उम्र 75 वर्ष थी। 3. अस्पताल के डॉक्टरों ने उनके इलाज को लेकर क्या जानकारी दी? मणिपाल हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने बताया कि 45 मिनट तक लगातार सीपीआर देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। 4. नाना पाटेकर की अंतिम प्रदर्शित फिल्म कौन सी थी? नाना पाटेकर आखिरी बार विशाल भारद्वाज द्वारा निर्देशित फिल्म ‘ओ रोमियो’ में दिखाई दिए थे, जो फरवरी 2026 में रिलीज हुई थी। 5. पुणे हवाई अड्डे पर किस प्रमुख नेता ने उन्हें श्रद्धांजलि दी? महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे एयरपोर्ट पर पहुंचकर दिवंगत अभिनेता को राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी और परिवार से भेंट की। https://trendkia.com/bollywood/pune-men-nana-patekar-ka-rajakiya-sammana-snga-antima-snskara-sinema-aura-siyasata-ke-diggajon-ne-di-nama-ankhon-se-vidai-45017 TrendKia — Har trend, sabse pehle.