रामायण रिव्यू (2026): ग्वालियर के सिनेमाघरों में छाई नितेश तिवारी की फिल्म, दर्शकों ने दिए शानदार रिएक्शन नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म रामायण को ग्वालियर में दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला है। सिनेमाघरों से बाहर निकले लोगों ने इसके वीएफएक्स, संगीत और अभिनय की जमकर सराहना की है। भारतीय संस्कृति और आस्था के महाकाव्य पर आधारित बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण आखिरकार बड़े पर्दे पर आ चुकी है। निर्देशक नितेश तिवारी की इस भव्य गाथा को देखने के लिए ग्वालियर के सिनेमाघरों में दर्शकों का भारी हुजूम उमड़ा। फिल्म की शुरुआत के साथ ही थिएटर जय श्री राम के नारों से गूंज उठे, जिससे सिनेमाघरों का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि माता सीता के किरदार में साई पल्लवी और रावण के रूप में यश नजर आ रहे हैं। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स और कलाकारों के अभिनय ने पहले दिन ही दर्शकों का दिल जीत लिया है। दर्शकों की प्रतिक्रियाएं और बालकांड की सराहना फिल्म देखने के बाद सिनेमाघरों से बाहर आ रहे दर्शक इसकी भव्यता और प्रस्तुति से काफी प्रभावित नजर आए। अतुल गर्ग ने फिल्म देखने के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मन पूरी तरह प्रफुल्लित हो गया!” उन्होंने विशेष रूप से फिल्म के बालकांड और शुरुआती दृश्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन्हें बहुत ही शानदार तरीके से फिल्माया गया है। उनके अनुसार, यह सिनेमाई रचना किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर के हर आयु वर्ग के दर्शकों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव साबित हो सकती है। रनटाइम और तकनीकी पहलुओं पर दर्शकों की राय फिल्म के तकनीकी और दृश्यात्मक पहलुओं ने भी लोगों का विशेष ध्यान खींचा है। अभिषेक नाम के एक दर्शक ने फिल्म के बारे में कहा, “तीन घंटे कब बीत गए, पता ही नहीं चला।” उन्होंने बताया कि फिल्म की लंबाई लगभग तीन घंटे होने के बावजूद स्क्रीन पर एक पल के लिए भी बोरियत महसूस नहीं होती। वीएफएक्स का काम संभालने वाली कंपनी DNEG के काम की उन्होंने खुलकर तारीफ की, और विशेष रूप से जटायु तथा रावण के बीच फिल्माए गए फाइट सीक्वेंस को रोंगटे खड़े कर देने वाला बताया। दिलचस्प बात यह रही कि इस दर्शक को 3D के मुकाबले 2D फॉर्मेट में रामायण देखना ज्यादा पसंद आया। संगीत और अभिनय का बेहतरीन मेल इस बड़े प्रोजेक्ट का संगीत पक्ष भी उतना ही मजबूत है, जिसे ए.आर. रहमान और हंसराज ने मिलकर तैयार किया है। यह संगीत पर्दे पर चल रही कहानी के प्रभाव को और अधिक गहरा कर देता है। इसके अलावा, रणबीर कपूर का श्रीराम के रूप में संयमित और प्रभावशाली अवतार तथा यश का रावण के किरदार में खूंखार अंदाज दर्शकों के बीच मुख्य चर्चा का विषय बना हुआ है। आधुनिक तकनीक और सनातन आस्था का यह मेल लोगों को सिनेमाघरों की तरफ खींच रहा है। परिवार के साथ देखने योग्य सिनेमाई गाथा ग्वालियर के दर्शकों ने इस फिल्म को लेकर जिस तरह का उत्साह दिखाया है, उससे साफ है कि यह प्रोजेक्ट बॉक्स ऑफिस पर लंबी पारी खेलने के लिए तैयार है। सिनेमाघरों से बाहर आ रहे लोगों ने अन्य परिवारों से भी अपील की है कि वे सिनेमा हॉल में जाकर इस सांस्कृतिक और भव्य गाथा का अनुभव जरूर लें। आधुनिक सिनेमाई तकनीक और प्राचीन कथा का यह मिश्रण हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। इसका आप पर असर यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़े बदलाव ला रही है और सिनेमा प्रेमियों के लिए एक नया अनुभव साबित हो रही है। • टिकट और बुकिंग: फिल्म देखने के लिए सिनेमाघरों में भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे वीकेंड पर टिकट मिलना मुश्किल हो सकता है। दर्शकों को सलाह दी जाती है कि वे एडवांस बुकिंग कर लें। • पारिवारिक मनोरंजन: ग्वालियर के दर्शकों ने इसे परिवारों के साथ देखने लायक बताया है, जिससे वीकेंड पर पारिवारिक आउटिंग का चलन बढ़ेगा। • तकनीकी मानक: DNEG के वीएफएक्स और ए.आर. रहमान के संगीत ने भारतीय सिनेमा के तकनीकी मानकों को एक नया स्तर दिया है, जिसका असर आने वाली फिल्मों पर भी पड़ेगा। • सांस्कृतिक जुड़ाव: इस फिल्म के जरिए युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति और महाकाव्य से जुड़ रही है, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित फिल्मों का बाजार मजबूत होगा। ऐसा क्यों हुआ इस फिल्म के प्रति दर्शकों में भारी उत्साह और इसके तकनीकी रूप से मजबूत होने के पीछे कई बड़े कारण हैं। • दिग्गज कलाकारों का चयन: फिल्म में रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश जैसे बड़े कलाकारों को कास्ट किया गया है, जो दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। • उच्च कोटि के विजुअल इफेक्ट्स: वीएफएक्स का काम DNEG द्वारा संभाला गया है, जिसने जादुई दृश्यों और एक्शन सीक्वेंस को बेहद यथार्थवादी रूप दिया है। • मजबूत संगीत निर्देशन: ए.आर. रहमान और हंसराज का संगीत इस महाकाव्य की भावनात्मक गहराई को बढ़ाने का मुख्य आधार बना है। • निदेशक की प्रतिष्ठा: निर्देशक नितेश तिवारी की पिछली फिल्मों के रिकॉर्ड और उनकी कहानी कहने की शैली ने इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही भारी उम्मीदें पैदा कर दी थीं। सवाल-जवाब 1. क्या रामायण फिल्म देखने लायक है? हाँ, ग्वालियर के दर्शकों ने इसके वीएफएक्स, संगीत और अभिनय की बहुत तारीफ की है और इसे परिवार के साथ देखने लायक बताया है। 2. रामायण फिल्म में मुख्य कलाकार कौन-कौन हैं? इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका में हैं, साई पल्लवी माता सीता के किरदार में हैं और यश रावण का किरदार निभा रहे हैं। 3. रामायण फिल्म का रनटाइम कितना है? फिल्म का रनटाइम लगभग तीन घंटे का है, जो दर्शकों को बिना बोर किए बांधे रखता है। 4. फिल्म के वीएफएक्स किसने तैयार किए हैं? फिल्म के शानदार विजुअल इफेक्ट्स DNEG द्वारा तैयार किए गए हैं। 5. फिल्म का संगीत किसने तैयार किया है? रामायण का संगीत ए.आर. रहमान और हंसराज द्वारा तैयार किया गया है। https://trendkia.com/bollywood/ramayana-review-gwalior-mein-darshakon-ka-dil-jeeta-58114 TrendKia — Har trend, sabse pehle.