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  "title": "रणबीर कपूर की रामायण के पहले ट्रैक में पारंपरिक भजनों के सुर, गीतकार कुमार विश्वास ने समझाया संगीत का गणित",
  "summary": "रामायण फिल्म के पहले गीत जय जय राम में अच्युतम केशवम और राम सिया राम की पंक्तियां शामिल करने की वजह गीतकार कुमार विश्वास ने स्पष्ट की है।",
  "content": "नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुचर्चित फिल्म रामायण का पहला संगीतमय ट्रैक जय जय राम दर्शकों के सामने आ चुका है। इस गीत में अभिनेता रणबीर कपूर और अभिनेत्री साई पल्लवी मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। संगीतकार एआर रहमान की धुनों पर सजे इस गीत के बोल प्रख्यात कवि और गीतकार डॉ कुमार विश्वास ने लिखे हैं। पार्श्व गायन के क्षेत्र में लोकप्रिय अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने इसे अपनी आवाज दी है। सोशल मीडिया पर इस भक्ति रचना को लेकर श्रोताओं के बीच व्यापक उत्साह देखा जा रहा है।\n\nपारंपरिक भजनों की पंक्तियों को शामिल करने का उद्देश्य\nगणेश चतुर्थी के अवसर पर सार्वजनिक किए गए इस ट्रैक की शुरुआत अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम के सुरों के साथ होती है, जबकि इसके समापन की ओर राम सिया राम के जाने-पहचाने बोल गूंजते हैं। इन पुराने और प्रतिष्ठित भक्ति श्लोकों को नए गीत में पिरोने के पीछे एक सोची-समझी रचनात्मक रणनीति रही है।\n\nगीतकार कुमार विश्वास ने स्पष्ट किया कि लेखन प्रक्रिया के दौरान सरलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा, 'बतौर लिरिसिस्ट गाने को बहुत ही मिनिमलिस्ट रखा गया है।' उन्होंने बताया कि रचना करते समय उर्दू अथवा फारसी शब्दावली से पूरी तरह परहेज किया गया, ताकि रामायण काल के परिवेश और कथानक की शुद्धता बनी रहे। आसान और सहज भाषा का चयन इसलिए किया गया ताकि आज की युवा पीढ़ी, जिसे जेन-जी कहा जाता है, इसके भावों से फौरन जुड़ सके। अच्युतम केशव और सिया राम जैसी पंक्तियां भारतीय मानस में सदियों से रची-बसी हैं, इसलिए इनका उपयोग श्रोताओं को एक गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस कराता है। इस भाषाई और संगीतमय दृष्टिकोण का संगीतकार एआर रहमान और निर्माता नमित मल्होत्रा ने भी पूरा समर्थन किया।\n\nदृश्यों में विवाह उत्सव और अयोध्या की भव्यता\nगीत के दृश्य संयोजन में प्रभु श्रीराम और माता सीता के पाणिग्रहण संस्कार के प्रसंगों को सुंदरता से उकेरा गया है। इसके साथ ही श्रीराम के शौर्य और पराक्रम की झलकियां भी वीडियो में प्रस्तुत की गई हैं। एक प्रमुख दृश्य में नवविवाहित राम और सीता अयोध्या के भव्य मार्गों पर सुसज्जित रथ पर सवार दिखाई देते हैं, जहां नगरवासी उन पर फूलों की वर्षा कर उनका आदरपूर्वक स्वागत कर रहे हैं।\n\nविशाल बजट और दो हिस्सों में प्रदर्शन की योजना\nफिल्म रामायण अपने अत्याधुनिक वीएफएक्स, भव्य तकनीकी स्तर और विशाल स्टारकास्ट के कारण लगातार चर्चा के केंद्र में बनी हुई है। इस सिनेमाई परियोजना की लागत को लेकर बताया जा रहा है कि इसका कुल निर्माण बजट 4000 करोड़ रुपये है। फिल्म निर्माण दल ने इस महागाथा को दो बड़े अध्यायों में विभाजित करने का निर्णय लिया है। योजना के अनुसार, इस सिनेमाई यात्रा का पहला भाग दिवाली के त्योहार पर सिनेमाघरों में उतारा जाएगा, जबकि कहानी का दूसरा भाग उसके ठीक अगले साल दिवाली के अवसर पर दुनिया भर के दर्शकों के समक्ष पेश किया जाएगा।\n\nइसका आप पर असर\nफिल्म रामायण के पहले गीत के विजुअल्स और रिलीज टाइमलाइन से दर्शकों तथा संगीत प्रेमियों के लिए मनोरंजन का बड़ा खाका तैयार हो गया है।\n\n• सिनेमा प्रेमियों के लिए: बहुप्रतीक्षित 4000 करोड़ रुपये के बजट वाली इस फिल्म की रिलीज का शेड्यूल साफ हो गया है। दर्शक पहली किस्त दिवाली पर देख सकेंगे और इसके बाद अगली किस्त का आनंद अगले साल दिवाली पर ले पाएंगे।\n• संगीत प्रेमियों के लिए: पारंपरिक भजनों को आधुनिक प्रस्तुति में सुनने का नया विकल्प मिला है। एआर रहमान, अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की जुगलबंदी सीधे तौर पर सोशल मीडिया और म्यूजिक स्ट्रीमिंग ऐप्स पर उपलब्ध हो चुकी है।\n• सांस्कृतिक जुड़ाव: नए श्रोताओं को प्राचीन श्लोकों की समृद्ध परंपरा से सीधे जुड़ने का अवसर मिल रहा है। सरल भाषा और चिर-परिचित भक्ति शब्दों के कारण युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने में मदद मिलेगी।\n• त्योहारी उल्लास: गणेश चतुर्थी के पावन मौके पर आए इस गीत से त्योहारों के सीजन में भक्तिमय माहौल को बल मिला है। शादी समारोहों और भक्ति आयोजनों में इस नए गीत को व्यापक रूप से बजाया जाना तय है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nरामायण के नए गीत में सदियों पुरानी भजन पंक्तियों को शामिल करने का निर्णय कहानी की प्रासंगिकता और भाषाई शुद्धता को ध्यान में रखकर लिया गया।\n\n• ऐतिहासिक शुद्धता का ध्यान: गीतकार ने प्राचीन काल की पृष्ठभूमि को बनाए रखने के लिए यह रचना की। इसी कारण से गीत में उर्दू और फारसी के शब्दों को पूरी तरह त्याग कर शुद्ध और सरल शब्दावली अपनाई गई।\n• युवा पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास: आज की जेन-जी पीढ़ी को भक्ति संगीत से आसानी से जोड़ने की आवश्यकता महसूस की गई। अच्युतम केशव और सिया राम जैसी पंक्तियां पहले से व्यापक रूप से लोकप्रिय हैं, जिससे गीत तुरंत दिल में उतर जाता है।\n• रचनात्मक टीम की सहमति: संगीतकार एआर रहमान और निर्माता नमित मल्होत्रा ने गीतकार के इस विचार का पूर्ण समर्थन किया। इसके परिणामस्वरूप पारंपरिक भजनों और आधुनिक वाद्य संयोजन का एक संतुलित संगीत तैयार हो सका।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. रामायण फिल्म के पहले गाने का नाम क्या है?\nइस फिल्म के पहले गाने का नाम जय जय राम है।\n\n2. जय जय राम गीत को किन गायकों ने अपनी आवाज दी है?\nइस गीत को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने गाया है।\n\n3. गाने में किन पुराने भजनों की पंक्तियां शामिल की गई हैं?\nगीत की शुरुआत अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम से होती है और अंत में राम सिया राम की पंक्तियां सुनाई देती हैं।\n\n4. गीतकार ने गाने में आसान शब्दों का चुनाव क्यों किया?\nगीतकार कुमार विश्वास ने जेन-जी पीढ़ी को आसानी से जोड़ने और कथानक के अनुकूल शुद्धता रखने के लिए सरल शब्द चुने।\n\n5. फिल्म रामायण का अनुमानित बजट कितना बताया जा रहा है?\nइस फिल्म का बजट 4000 करोड़ रुपये होने का दावा किया जा रहा है।\n\n6. रामायण फिल्म के दोनों भाग कब रिलीज होंगे?\nनिर्माता फिल्म का पहला भाग इस साल दिवाली पर और दूसरा भाग अगले साल दिवाली पर रिलीज करेंगे।",
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  "category": "बॉलीवुड",
  "publishedAt": "2026-09-19",
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