श्रीप्रकाश शुक्ला के खौफ को पर्दे पर उतारने वाली 'सहर', फ्लॉप होकर भी कैसे बन गई कल्ट क्लासिक साल 2005 में कबीर कौशिक के निर्देशन में आई 'सहर' गोरखपुर के कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला की जिंदगी पर आधारित थी. बॉक्स ऑफिस पर पिटने के बावजूद यह फिल्म आज कल्ट का दर्जा रखती है. कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर भले ही पिट जाएं, लेकिन उनकी कहानी इतनी असली लगती है कि देखते वक्त यह अहसास ही नहीं होता कि सामने पर्दे पर कोई फिल्म चल रही है. लगता है जैसे अपने ही आसपास की कोई सच्ची घटना आंखों के सामने घट रही हो. साल 2005 में कबीर कौशिक के निर्देशन में आई 'सहर' ऐसी ही एक फिल्म थी, जिसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड और मध्य प्रदेश में दर्शकों ने जमकर पसंद किया. अरशद वारसी और सुशांत सिंह इसके लीड रोल में थे और इसे अरशद वारसी के करियर की सबसे बेहतरीन फिल्म माना जाता है. रियलिस्टिक सिनेमा की एक बेजोड़ मिसाल 'सहर' को असली सिनेमा का अनुपम उदाहरण कहा जाता है. अरशद वारसी और सुशांत सिंह के अलावा इसमें पंकज कपूर, महिमा चौधरी और राजेंद्र गुप्ता जैसे दिग्गज कलाकारों ने अपनी एक्टिंग का दम दिखाया था. अरशद वारसी ने इसमें लखनऊ के तत्कालीन एसएसपी अरुण कुमार का किरदार निभाया था. फिल्म की कहानी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग खुद कबीर कौशिक ने लिखे थे. यह फिल्म उत्तर प्रदेश में अपराध की दुनिया और उसके राजनीतिक गठजोड़ की परतें खोलती है. एक असली गैंगस्टर की जिंदगी पर बनी कहानी 'सहर' की कहानी यूपी के कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला की जिंदगी पर आधारित थी. फिल्म में उसके किरदार का नाम गजराज सिंह रखा गया था, जबकि बाकी किरदार भी हकीकत से काफी मिलते-जुलते थे. फिल्म में गोरखपुर जिले की चिल्लूपार विधानसभा सीट का जिक्र आता है, जहां से कभी बाहुबली विधायक हरिशंकर तिवारी चुनाव लड़ा करते थे. तिवारी इस सीट से लगातार 5 बार विधायक और मंत्री रहे. श्रीप्रकाश उन्हीं के इलाके यानी मामखोर गांव का रहने वाला था और वह भी इसी सीट से चुनाव लड़ना चाहता था. 90 के दशक में जिसके नाम से कांपता था पूरा प्रदेश 90 के दशक में गोरखपुर के इस दुर्दांत गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला का आतंक पूरे प्रदेश में फैला हुआ था. मामखोर गांव का यह शख्स अशोक सिंह के नाम से फिरौती मांगा करता था और बिहार के सूरज भान सिंह गिरोह से जुड़ा हुआ था. उसके पिता ए ग्रेड के ठेकेदार थे, टीचर नहीं. बचपन से ही उसे गैंगस्टर वाली जिंदगी का चस्का था, यही वजह रही कि वह जुर्म की दुनिया में उतर गया. सितंबर 1998 में यूपी एसटीएफ ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम में उसका एनकाउंटर कर दिया था. एक दिलचस्प बात यह भी है कि श्रीप्रकाश शुक्ला की पहली तस्वीर बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी की फोटो के सहारे तैयार की गई थी. कहा जाता है कि श्रीप्रकाश शुक्ला ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की सुपारी ली थी. उसी के खात्मे के लिए यूपी एसटीएफ का गठन किया गया था. यह पूरी कहानी फिल्म में बारीकी से दिखाई गई है, क्योंकि कबीर कौशिक ने पूरी रिसर्च के बाद इसे बनाया था. हालांकि 2005 में जब फिल्म रिलीज हुई, उसी दौरान मुंबई में भारी बाढ़ आ गई थी, जिसकी वजह से लोग इसे देखने सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच सके. सुशांत और अरशद की एक्टिंग पर खुद कलाकारों की राय गजराज सिंह यानी श्रीप्रकाश शुक्ला का किरदार निभाने वाले सुशांत सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह उत्तर भारत में जहां भी जाते हैं, उन्हें ऐसा कोई शख्स नहीं मिलता जिसने 'सहर' न देखी हो. उन्होंने बताया, 'मेरे फैंस कहते हैं कि वो जो फिल्म आपने की थी, 25 बार देखी है सर, बहुत कमाल की फिल्म है. आज भी इस फिल्म को देखेंगे तो तकनीकी रूप से उसमें पावरफुल परफॉर्मेंस देखने को मिलेगा. आपको लगेगा ही नहीं कि यह 20 साल पुरानी फिल्म है. जब डायरेक्टर कबीर कौशिक ने कास्टिंग बताई थी तो मुझे लगा कि अरशद वारसी आईपीएस का रोल कर रहे हैं. मुझे लगा कि वो रोल सही ढंग से नहीं कर पाएंगे, लेकिन जब मैंने फिल्म देखी तो अरशद की एक्टिंग देखकर होश उड़ गए. अरशद ने जिस तरह से रोल किया, फिल्म रियलिस्टिक हो गई.' अरशद वारसी ने भी एक इंटरव्यू में इस फिल्म को लेकर अपना लगाव जाहिर किया था. उन्होंने कहा था, 'सहर मेरी सबसे पसंदीदा फिल्मों में से एक है. इस फिल्म में एक खास किस्म का रियलिज्म और गहराई है.' फ्लॉप से कल्ट क्लासिक तक का सफर फिल्म इतनी असली थी कि थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी इसके किरदार कई दिनों तक दर्शकों के दिमाग में घूमते रहते थे. इसे सबसे ज्यादा हिंदी बेल्ट में देखा गया. बॉक्स ऑफिस पर भले यह फ्लॉप रही, लेकिन यूट्यूब पर इसे करोड़ों व्यूज मिले. आगे चलकर श्रीप्रकाश शुक्ला पर ज़ी5 ने 'रंगबाज' नाम से एक वेब सीरीज बनाई, जिसे दर्शकों ने हाथोंहाथ लिया. 'सहर' जैसी फिल्में कभी-कभार ही बनती हैं. 4 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 2.4 करोड़ का ही कारोबार किया. फ्लॉप होने के बावजूद आज इसकी गिनती कल्ट मूवी में होती है और इसका एक खास फैन बेस है. बार-बार देखने के बाद भी इस फिल्म से दिल नहीं भरता. यह बॉलीवुड की उन गिनी-चुनी फिल्मों में से है जो असली सिनेमा का चेहरा दिखाती हैं और हमेशा के लिए दर्शकों के दिल में बस गई. इसका आप पर असर • फिल्म प्रेमियों के लिए: 'सहर' सिनेमाघरों में फ्लॉप जरूर रही, लेकिन इसे यूट्यूब पर करोड़ों लोगों ने देखा है, इसलिए असली क्राइम ड्रामा पसंद करने वाले इसे आज भी आसानी से देख सकते हैं. • क्राइम स्टोरी में रुचि रखने वालों के लिए: अगर आपको श्रीप्रकाश शुक्ला की कहानी पसंद आई, तो उसी पर आधारित ज़ी5 की वेब सीरीज 'रंगबाज' भी देखने का विकल्प मौजूद है. सवाल-जवाब 1. 'सहर' फिल्म कब और किसके निर्देशन में बनी थी? यह फिल्म साल 2005 में रिलीज हुई थी और इसका निर्देशन कबीर कौशिक ने किया था. 2. 'सहर' की कहानी किस पर आधारित है? यह कहानी यूपी के कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला की जिंदगी पर आधारित है, जिसका फिल्मी किरदार गजराज सिंह के नाम से दिखाया गया है. 3. फिल्म में मुख्य कलाकार कौन-कौन थे? इसमें अरशद वारसी और सुशांत सिंह लीड रोल में थे, जबकि पंकज कपूर, महिमा चौधरी और राजेंद्र गुप्ता भी अहम किरदारों में थे. 4. श्रीप्रकाश शुक्ला का अंत कैसे हुआ था? सितंबर 1998 में यूपी एसटीएफ ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम में उसका एनकाउंटर कर दिया था. 5. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कितना कारोबार किया? 4 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 2.4 करोड़ का ही कारोबार किया और यह फ्लॉप रही. 6. फिल्म रिलीज के समय ऐसा क्या हुआ जिससे लोग इसे देख नहीं पाए? 2005 में जब फिल्म रिलीज हुई, उसी दौरान मुंबई में भारी बाढ़ आ गई थी, जिसकी वजह से लोग सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच पाए. 7. श्रीप्रकाश शुक्ला पर और कोई कंटेंट बना है क्या? हां, बाद में ज़ी5 ने उस पर 'रंगबाज' नाम से एक वेब सीरीज बनाई, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया. https://trendkia.com/bollywood/shri-prakash-shukla-ke-khaupha-ko-parde-para-utarane-vali-sehar-phlopa-hokara-bhi-kaise-bana-gai-kalta-klasika-3010 TrendKia — Har trend, sabse pehle.