ताल में ऐश्वर्या राय को क्यों नहीं लेना चाहते थे सुभाष घई, इस साउथ फिल्म ने बदली थी सोच सुभाष घई ने खुलासा किया है कि वह अपनी सुपरहिट फिल्म 'ताल' में ऐश्वर्या राय को कास्ट करने के खिलाफ थे। निर्देशक को लगता था कि वह एक ग्लैमरस दुनिया से आती हैं और छोटे शहर की लड़की के रोल में फिट नहीं बैठेंगी। फिल्ममेकर सुभाष घई के निर्देशन में बनी फिल्म 'ताल' साल 1999 में सिनेमाघरों में आई थी और आज भी दर्शकों के दिलों पर राज करती है। बेहतरीन प्रेम कहानी के अलावा यह फिल्म अपने बेहतरीन संगीत और ऐश्वर्या राय के शानदार नृत्य के लिए जानी जाती है। इस मूवी में ऐश्वर्या राय ने मानसी नाम का किरदार निभाया था जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया था। अब निर्देशक ने एक नया खुलासा करते हुए बताया है कि शुरुआती दौर में उन्होंने ऐश्वर्या राय को इस रोल के लिए नकार दिया था। एक इंटरव्यू के दौरान सुभाष घई ने साझा किया कि कोरियोग्राफर सरोज खान ने उन्हें ऐश्वर्या राय का नाम सुझाया था। चूंकि ऐश्वर्या ने साल 1994 में मिस वर्ल्ड का खिताब अपने नाम किया था इसलिए निर्देशक के मन में यह छवि थी कि वह पूरी तरह से कॉस्मेटिक और ग्लैमर की दुनिया से जुड़ी हैं। उन्हें ऐसा लगता था कि वह किसी सीधी-सादी और ग्रामीण पहाड़ी लड़की के किरदार में बिल्कुल भी नहीं जम पाएंगी। जब कोरियोग्राफर सरोज खान ने माधुरी दीक्षित के अलावा किसी ऐसी अभिनेत्री का नाम पूछा जो डांस की पेचीदगियों को पर्दे पर आसानी से उतार सके और ऐश्वर्या राय का नाम सामने रखा तो निर्देशक काफी चकित रह गए थे। उन्होंने सरोज खान से साफ कह दिया था कि वह तो सौंदर्य प्रतियोगिता और मॉडलिंग की दुनिया से आती हैं इसलिए एक सामान्य लड़की का किरदार कैसे निभाएंगी। इस सोच में तब बदलाव आया जब निर्देशक ने साउथ सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर मणिरत्नम की तमिल फिल्म 'इरुवर' देखी। सुभाष घई ने बताया कि उन्होंने पहले ऐश्वर्या की कुछ ही फिल्में देखी थीं जिससे उन्हें लगता था कि उनका दायरा केवल ग्लैमर तक ही सीमित है। उनके एक परिचित मित्र ने उन्हें मणिरत्नम की कला को देखने की सलाह दी जिसके बाद निर्देशक के लिए 'इरुवर' फिल्म का एक विशेष ट्रायल रखा गया। जब सुभाष घई ने पर्दे पर उस फिल्म को देखा तो उनके मन का सारा संशय दूर हो गया और उन्हें तुरंत महसूस हुआ कि उनकी फिल्म की मानसी यही अभिनेत्री हैं। इसके बाद उन्होंने ऐश्वर्या राय से स्पष्ट रूप से कह दिया था कि फिल्म के शुरुआती दृश्यों में उनके चेहरे पर कोई मेकअप नहीं होगा और जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ेगी, उनका रूप एक डिवा के रूप में ढलता जाएगा। निर्देशक ने इस बात की भी सराहना की कि ऐश्वर्या ने इस किरदार के लिए अपनी तरफ से पूरी मेहनत और लगन दिखाई। बता दें कि साल 1999 में रिलीज हुई 'ताल' का लेखन और निर्देशन सुभाष घई ने ही किया था और इसके निर्माण व सह-लेखन की कमान भी उन्होंने ही संभाली थी। इस बहुचर्चित फिल्म में अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय और अक्षय खन्ना मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे जबकि अमरीश पुरी और आलोक नाथ ने सहायक कलाकारों की भूमिका निभाई थी। बॉक्स ऑफिस पर यह मूवी जबरदस्त सफल साबित हुई थी और इसके गाने आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं। सवाल-जवाब 1. ताल फिल्म किस साल रिलीज हुई थी? ताल फिल्म साल 1999 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। 2. क्या ताल फिल्म देखने लायक है? हाँ, ताल अपनी बेहतरीन संगीत और शानदार अभिनय के लिए आज भी देखने लायक एक क्लासिक फिल्म है। 3. ताल फिल्म में मुख्य किरदार किसने निभाए थे? फिल्म में अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय और अक्षय खन्ना ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। 4. सुभाष घई को ऐश्वर्या राय को कास्ट करने का विचार किसने दिया था? कोरियोग्राफर सरोज खान ने सुभाष घई को ऐश्वर्या राय का नाम सुझाया था। 5. किस साउथ फिल्म को देखने के बाद सुभाष घई की सोच बदली थी? निर्देशक मणिरत्नम की तमिल फिल्म इरुवर देखने के बाद सुभाष घई की सोच बदली थी। https://trendkia.com/bollywood/tal-review-1999-why-subhash-ghai-initially-rejected-aishwarya-rai-24430 TrendKia — Har trend, sabse pehle.