# तेलुगु अभिनेता और निर्माता जीवी नारायण राव का 73 वर्ष की उम्र में निधन, चिरंजीवी और रजनीकांत से था गहरा नाता

> तेलुगु फिल्म उद्योग के वरिष्ठ अभिनेता और निर्माता जीवी नारायण राव का 73 साल की उम्र में निधन हो गया है। पांच दशकों के करियर में 100 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले जीवी नारायण राव चिरंजीवी और रजनीकांत के बेहद करीबी मित्र थे।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-08-27 · **Source:** TrendKia
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**Tags:** जीवी नारायण राव, तेलुगु सिनेमा, चिरंजीवी, रजनीकांत, टॉलीवुड, जीवी नारायण राव निधन, नंदी पुरस्कार, तेलुगु अभिनेता

तेलुगु सिनेमा जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। प्रसिद्ध अभिनेता और फिल्म निर्माता जीवी नारायण राव का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वह पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे थे और उन्होंने बुधवार शाम अपनी अंतिम सांस ली। उनके चले जाने की सूचना मिलते ही पूरी तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। सिनेमा जगत की तमाम प्रमुख हस्तियों, कलाकारों और प्रशंसकों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। इसके अलावा मूवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर उनके निधन पर शोक जताया है और इसे तेलुगु फिल्म उद्योग के लिए एक अपूरणीय क्षति करार दिया है।

 

## अभिनय करियर की शुरुआत और नंदी पुरस्कार

जीवी नारायण राव का जन्म आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में स्थित कुरुमद्दली गांव में हुआ था। बचपन से ही अभिनय के प्रति उनका गहरा लगाव था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट का रुख किया और वहां से अभिनय की बारीकियां सीखीं तथा औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने वर्ष 1976 में सिनेमा की दुनिया में कदम रखा। दिग्गज और प्रतिष्ठित निर्देशक के. बालाचंदर ने उन्हें अपनी फिल्म 'अंथुलेनी कथा' के जरिए पहला ब्रेक दिया था। अपनी पहली ही फिल्म में जीवी नारायण राव ने अपनी बहुमुखी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन किया और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का प्रतिष्ठित नंदी पुरस्कार अपने नाम किया।

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शुरुआती सफलता के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने 'मुत्याला पल्लाकी', 'ओका ऊरी कथा', 'चिलकम्मा चेप्पिंदी' और 'ऊरुकिच्चिना माटा' जैसी कई यादगार फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाईं। इन फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से खूब सराहना मिली। जैसे-जैसे उनका करियर आगे बढ़ा, उन्होंने खुद को केवल मुख्य भूमिकाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि विभिन्न प्रकार के चरित्र अभिनेताओं के किरदारों को भी बेहद प्रभावी ढंग से निभाया। अपने लगभग पांच दशक लंबे और शानदार करियर के दौरान उन्होंने 100 से भी अधिक फिल्मों में काम करके तेलुगु सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई।

 

## चिरंजीवी और रजनीकांत के साथ खास रिश्ता

जीवी नारायण राव न केवल अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए जाने जाते थे, बल्कि फिल्म जगत के शीर्ष सुपरस्टार्स के साथ उनके अटूट और गहरे संबंधों की भी काफी चर्चा रही है। उनके और भारतीय सिनेमा के महानायक रजनीकांत के बीच दोस्ती का यह सिलसिला चेन्नई स्थित मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट के दिनों से ही शुरू हो गया था। दोनों कलाकार एक ही बैच में सहपाठी थे और उन्होंने साथ में ही अभिनय के विविध पहलुओं को सीखा था। यह दोस्ताना जीवन भर कायम रहा।

इसी तरह तेलुगु सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी के साथ भी जीवी नारायण राव का बेहद करीबी और पारिवारिक रिश्ता था। दोनों कलाकारों ने पर्दे पर एक साथ मिलकर कई बड़ी हिट और ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया था। इनमें 'चट्टानिकी कल्लू लेवू', 'मंचू पल्लाकी', 'राजा विक्रमार्क', 'गैंग लीडर' और 'हिटलर' जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों में चिरंजीवी के साथ जीवी नारायण राव की ऑन-स्क्रीन जोड़ी और तालमेल को दर्शकों ने हमेशा बहुत पसंद किया।

 

## फिल्म निर्माण और टीवी जगत में योगदान

अभिनय के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ने के अलावा जीवी नारायण राव ने एक सफल फिल्म निर्माता के तौर पर भी अपनी एक मजबूत पहचान स्थापित की थी। उन्होंने अपने करीबी मित्र चिरंजीवी को लेकर दो विशाल सुपरहिट फिल्मों 'देवान्तकुडु' और 'यमुडिकी मोगुडु' का निर्माण किया। 'यमुडिकी मोगुडु' को बॉक्स ऑफिस पर मिली अपार सफलता के बाद उन्होंने इसका तमिल भाषा में रीमेक बनाने का फैसला किया। इस तमिल रीमेक में उन्होंने अपने पुराने संस्थान के साथी और जिगरी दोस्त रजनीकांत को मुख्य भूमिका में कास्ट किया था, जिसने निर्माण के क्षेत्र में उनकी सूझबूझ को साबित किया।

फिल्मों के समानांतर ही जीवी नारायण राव ने छोटे पर्दे यानी टेलीविजन उद्योग में भी अपनी सक्रियता बनाए रखी। उन्होंने 'पसुपु कुमकुमा' और 'सुंदरकांडा' जैसे अत्यंत लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिकों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं अदा कीं। इन धारावाहिकों के जरिए वह घर-घर में पहचाने जाने वाले चेहरे बन गए थे। अपने जीवन के अंतिम पड़ाव तक वह अभिनय की कला और फिल्म उद्योग की गतिविधियों से लगातार जुड़े रहे। उनके निधन से तेलुगु सिनेमा ने एक ऐसा बहुमुखी कलाकार खो दिया है जिसने अभिनय, निर्माण और टेलीविजन तीनों ही विधाओं में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।

## इसका आप पर असर
दिग्गज अभिनेता जीवी नारायण राव के निधन से सिनेमा जगत में एक युग का अंत हुआ है, जिसका प्रभाव तेलुगु दर्शकों और भारतीय फिल्म प्रशंसकों दोनों पर पड़ेगा।

- **भारत में:** भारतीय सिनेमा प्रेमियों के लिए एक बहुमुखी अभिनेता और निर्माता को खोना एक बड़ी क्षति है, जिन्होंने क्षेत्रीय फिल्मों को नई पहचान दिलाई। उनकी क्लासिक फिल्में और रजनीकांत तथा चिरंजीवी के साथ उनकी ऐतिहासिक जुगलबंदी सिनेमाई धरोहर के रूप में याद की जाएगी।
- **आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में:** तेलुगु राज्यों के प्रशंसकों और कला प्रेमियों के लिए यह एक व्यक्तिगत क्षति है, जिन्होंने पांच दशकों तक उन्हें पर्दे पर देखा। स्थानीय युवा कलाकारों के लिए उनका संघर्ष और मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट से मिला प्रशिक्षण प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
- **फिल्म उद्योग पर प्रभाव:** मूवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन और टॉलीवुड के लिए एक अनुभवी मार्गदर्शक का जाना दुखद है। उनके बनाए धारावाहिकों और निर्मित फिल्मों के जरिए क्षेत्रीय मनोरंजन जगत में उनका योगदान हमेशा सराहा जाएगा।
- **फैंस के लिए सीख:** एक छोटे से गांव से निकलकर 100 से अधिक फिल्मों और सफल निर्माण तक पहुंचने का उनका सफर यह दिखाता है कि लगन और प्रतिभा से किसी भी क्षेत्र में सर्वोच्च मुकाम हासिल किया जा सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. जीवी नारायण राव कौन थे?
जीवी नारायण राव तेलुगु सिनेमा के एक दिग्गज अभिनेता और निर्माता थे, जिन्होंने लगभग पांच दशकों के करियर में 100 से अधिक फिल्मों में काम किया।

### 2. जीवी नारायण राव का निधन किस उम्र में और कैसे हुआ?
जीवी नारायण राव का निधन बुधवार शाम 73 वर्ष की आयु में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण हुआ।

### 3. जीवी नारायण राव की पहली फिल्म कौन सी थी और उन्हें इसके लिए कौन सा सम्मान मिला?
उन्होंने 1976 में निर्देशक के. बालाचंदर की फिल्म 'अंथुलेनी कथा' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और इसके लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का नंदी पुरस्कार जीता।

### 4. जीवी नारायण राव ने चिरंजीवी के साथ किन प्रमुख फिल्मों में अभिनय किया था?
उन्होंने चिरंजीवी के साथ 'चट्टानिकी कल्लू लेवू', 'मंचू पल्लाकी', 'राजा विक्रमार्क', 'गैंग लीडर' और 'हिटलर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में अभिनय किया था।

### 5. निर्माता के रूप में जीवी नारायण राव ने किन फिल्मों का निर्माण किया?
उन्होंने चिरंजीवी अभिनीत सुपरहिट फिल्मों 'देवान्तकुडु' और 'यमुडिकी मोगुडु' का निर्माण किया था, साथ ही रजनीकांत अभिनीत 'यमुडिकी मोगुडु' के तमिल रीमेक का भी निर्माण किया था।

## प्रेरणा और सबक
जीवी नारायण राव का जीवन सफर कला के प्रति समर्पण, कड़ी मेहनत और मजबूत रिश्तों की एक बेहतरीन मिसाल पेश करता है।

- **पेशेवर प्रशिक्षण का महत्व:** कृष्णा जिले के एक छोटे गांव कुरुमद्दली से निकलकर मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट में अभिनय सीखना दिखाता है कि प्रतिभा को तराशने के लिए सही प्रशिक्षण कितना आवश्यक है।
- **विविधता और अनुकूलनशीलता:** अपनी पहली ही फिल्म से नंदी पुरस्कार जीतने के बाद मुख्य भूमिकाओं से लेकर चरित्र अभिनेताओं और टीवी धारावाहिकों तक हर किरदार को सहजता से अपनाना उनकी कलात्मक परिपक्वता को दर्शाता है।
- **सच्ची दोस्ती और सहकारिता:** रजनीकांत और चिरंजीवी जैसे सुपरस्टार्स के साथ फिल्म इंस्टीट्यूट के दिनों से जीवन भर गहरी दोस्ती बनाए रखना और साथ में सुपरहिट फिल्में बनाना पेशेवर और व्यक्तिगत संबंधों की मिसाल है।
- **जोखिम लेने का जज्बा:** अभिनय में सफलता पाने के बाद फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उतरना और ब्लॉकबस्टर फिल्में बनाना उनके बहुमुखी दृष्टिकोण और उद्यमशीलता को साबित करता है।

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