ढाई दशक पुराना गाना जो आज भी है पार्टियों की जान, शंकर महादेवन ने खोला राज फिल्म ‘दिल चाहता है’ का सुपरहिट गाना ‘कोई कहे कहता रहे’ आज भी पार्टियों की पहली पसंद है। नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले संगीतकार शंकर महादेवन ने इस गाने की रिकॉर्डिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। फिल्म ‘दिल चाहता है’ का आइकॉनिक ट्रैक ‘कोई कहे कहता रहे’ आज भी हर महफिल और पार्टी की शान बना हुआ है। आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना स्टारर इस फिल्म के इस गाने की एनर्जी आज भी उतनी ही दमदार है। शंकर महादेवन, शान और केके की आवाज से सजा यह गाना दशकों बाद भी लोगों के दिलों पर राज कर रहा है। अब इस टाइमलेस चार्टबस्टर गाने को लेकर एक बेहद दिलचस्प बात सामने आई है, जिसे खुद संगीतकार शंकर महादेवन ने साझा किया है। अलग-अलग रिकॉर्ड हुए थे तीनों गायकों के हिस्से शंकर महादेवन ने हाल ही में बताया कि इस सुपरहिट गाने को रिकॉर्ड करते समय तीनों गायकों ने एक साथ स्टूडियो में अपनी आवाज नहीं दी थी। बातचीत के दौरान सामने आया कि तीनों गायकों ने पूरा गाना अलग-अलग रिकॉर्ड किया था। बाद में पोस्ट-प्रोडक्शन के चरण में उनके गाए हुए हिस्सों को तकनीकी रूप से अलग करके एक साथ जोड़ा गया। इस पूरी चर्चा के दौरान शंकर महादेवन अपने संगीतकार साथियों एहसान नूरानी और लॉय मेंडोंसा के साथ बैठे नजर आए और उनके साथ गायक शान भी मौजूद थे। गायकों को खुद भी नहीं लगा था ऐसा होगा जब बातचीत के दौरान होस्ट ने पूछा कि क्या रिकॉर्डिंग के समय सभी लोग एक ही बूथ में साथ मिलकर गा रहे थे, तो शान ने याद करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि वे सभी उस कमरे में साथ थे लेकिन रिकॉर्डिंग अलग-अलग हुई थी। केके भी वहां मौजूद थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई इस गाने को सुनेगा तो उसे कभी अंदाजा नहीं होगा कि इसे अलग-अलग रिकॉर्ड किया गया था। गाने की बनावट और गायकी में ऐसा तालमेल है कि ऐसा ही महसूस होता है कि तीनों एक साथ मिलकर गा रहे हैं। तालमेल बैठाने के लिए अपनाई गई थी खास तकनीक शंकर महादेवन ने आगे विस्तार से बताते हुए कहा कि वास्तव में उन सभी ने पूरा गाना अकेले-अकेले गाया था और बाद में जरूरत और मूड के हिसाब से आवाजों के सही हिस्सों को चुना गया। इसी प्रक्रिया के कारण अंतिम गाने में तीनों की आवाजों का तालमेल बेहद स्वाभाविक और दमदार सुनाई देता है। एहसान नूरानी ने इस गाने की जबरदस्त लोकप्रियता से जुड़ा एक और मजेदार वाकया साझा किया, जो मुंबई के एक क्लब का है। वेस्टर्न क्लब में हिंदी गाने का ऐसा जलवा एहसान नूरानी ने बताया कि वह मुंबई के एक क्लब में डिनर कर रहे थे और क्लब के दूसरे हिस्से में लोग डांस कर रहे थे। जैसे ही डीजे ने ‘कोई कहे’ बजाया, वहां मौजूद लगभग सभी लोग दौड़कर डांस फ्लोर पर पहुंच गए। हालात यह हो गए कि डांस फ्लोर पूरी तरह भर गया और वहां से निकलना तक मुश्किल हो गया। गाना खत्म होने के बाद क्लब का डीजे उनके पास आया और मजाकिया लहजे में बोला कि यह सब उनकी ही गलती है। डीजे का कहना था कि यह पहला मौका था जब किसी वेस्टर्न क्लब में इस तरह किसी हिंदी गाने ने ऐसी धूम मचाई थी। बदल गई थी हिंदी गानों को लेकर लोगों की सोच उस दौर को याद करते हुए एहसान नूरानी ने बताया कि एक दूसरी म्यूजिक कंपनी ने तब यहां तक कह दिया था कि यह एल्बम सिर्फ मालाबार हिल्स इलाके में ही बिकेगा। उस समय कई लोगों की यह धारणा थी कि वेस्टर्न क्लबों में हिंदी गाने बजाना कूल नहीं माना जाता था। ‘दिल चाहता है’ का संगीत एलबम इस दबी हुई सोच को बदलने वाले शुरुआती प्रोजेक्ट्स में से एक साबित हुआ। इस फिल्म के गाने युवाओं के बीच बहुत तेजी से लोकप्रिय हुए और ‘कोई कहे’ गाना पार्टी कल्चर का स्थायी हिस्सा बन गया। यह फिल्म साल 2001 में रिलीज हुई थी जिसमें आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इसका आप पर असर यह खबर संगीत प्रेमियों और पुरानी यादों से जुड़े लोगों के लिए खास है, जो यह दर्शाती है कि बेहतरीन तकनीक और कला के मेल से कैसे सदाबहार गाने तैयार होते हैं। • संगीत जगत के लिए: यह प्रसंग स्टूडियो रिकॉर्डिंग की उन तकनीकों को उजागर करता है जहां अलग-अलग गाए गए स्वरों को जोड़कर एक प्राकृतिक और जीवंत गाना तैयार किया जाता है। • आम श्रोताओं के लिए: यह जानकारी सुनने वालों को इस बात की नई समझ देती है कि उनके पसंदीदा गाने पर्दे के पीछे कितनी मेहनत और तकनीकी बारीकियों से बनते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह किस्सा तब सामने आया जब संगीतकारों और गायकों ने एक अनौपचारिक चर्चा के दौरान अपनी पुरानी यादों और रिकॉर्डिंग के दिनों को याद किया। • रिकॉर्ड समय की सीमाएं: उस दौर में व्यस्त शेड्यूल और अलग-अलग जगहों पर कलाकारों की उपलब्धता के कारण कई बार कलाकारों को अपनी आवाजें अलग-अलग सत्रों में रिकॉर्ड करनी पड़ती थीं। • पोस्टमर्जिंग की तकनीक: संगीत निर्देशकों द्वारा गानों में बेहतरीन तालमेल बिठाने के लिए आधुनिक पोस्ट-प्रोडक्शन और संपादन तकनीकों का खुलकर उपयोग किया जाता था। सवाल-जवाब 1. फिल्म ‘दिल चाहता है’ का कौन सा गाना सबसे ज्यादा लोकप्रिय हुआ? फिल्म का ‘कोई कहे कहता रहे’ गाना आज भी पार्टियों और डांस फ्लोर की शान बना हुआ है। 2. ‘कोई कहे कहता रहे’ गाने को किन गायकों ने गाया था? इस गाने को शंकर महादेवन, शान और केके ने अपनी आवाज दी थी। 3. क्या तीनों गायकों ने एक साथ स्टूडियो में गाना रिकॉर्ड किया था? नहीं, तीनों गायकों ने अपने हिस्से अलग-अलग रिकॉर्ड किए थे जिन्हें बाद में पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान जोड़ा गया। 4. फिल्म ‘दिल चाहता है’ किस वर्ष रिलीज हुई थी? यह फिल्म साल 2001 में रिलीज हुई थी जिसमें आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना मुख्य भूमिकाओं में थे। https://trendkia.com/bollywood/the-25-year-old-chartbuster-that-still-rules-dance-floors-was-not-recorded-together-39617 TrendKia — Har trend, sabse pehle.