फिल्म 'द वन' के गीत में छठ पूजा के चित्रण पर तमन्ना भाटिया ने साझा किए अनुभव तमन्ना भाटिया ने आगामी फिल्म 'द वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' के छठ गीत 'छठी मैया' पर बात करते हुए मेकर्स की संवेदनशीलता और पारंपरिक सम्मान की सराहना की है। आगामी सिनेमाई प्रस्तुति 'द वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' को लेकर चर्चाएं तेज हैं, जिसमें अभिनेत्री तमन्ना भाटिया एक अहम किरदार निभाती नजर आएंगी। इस फिल्म के जरिए लोक आस्था के महापर्व को बेहद आदर और प्रामाणिकता के साथ बड़े पर्दे पर उतारा गया है। अभिनेत्री ने परियोजना से जुड़े रचनाकारों की दृष्टि की प्रशंसा करते हुए स्पष्ट किया कि निर्माण टीम ने हर सूक्ष्म पहलू की बारीकी से पड़ताल की, ताकि सांस्कृतिक संवेदनाओं का पूरा मान रखा जा सके। लोक आस्था के महापर्व का सिनेमाई स्वरूप फिल्म का विशेष भक्ति ट्रैक 'छठी मैया', जिसे 'छठी मइया सुनीं लीं विनती हमार' के बोलों से भी पहचाना जा रहा है, दर्शकों के समक्ष पारंपरिक परिवेश को प्रस्तुत करता है। इस भक्तिमय दृश्य में तमन्ना भाटिया ठेठ पारंपरिक परिधान और भाव-भंगिमा में दिखाई दे रही हैं। संगीत प्रेमियों और आम दर्शकों की ओर से मिल रहे सकारात्मक रुझान और आदर भाव पर अभिनेत्री ने अपनी हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की है। ट्रेलर लॉन्च पर अभिनेत्री के विचार ट्रेलर जारी किए जाने के अवसर पर आयोजित समारोह में तमन्ना भाटिया ने गीत के निर्माण से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कहा, "हिंदी सिनेमा में पहली बार छठ पूजा को इस तरह से पेश किया जा रहा है।" अभिनेत्री ने आगे विस्तार से बताया कि दीपक और अरुणाभ इस पर्व के मर्म को बेहद गहराई से समझते हैं, क्योंकि उनके हृदय में इसके प्रति अगाध आदर है। उनके अनुसार, फिल्मांकन के दौरान प्रत्येक रीति-रिवाज का पूरा ध्यान रखा गया और संपूर्ण दृश्य को असाधारण गरिमा एवं सौंदर्य के साथ कैमरे में कैद किया गया। कृतज्ञता और भारतीय लोक परंपराओं का सम्मान छठ पर्व के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभिनेत्री ने रेखांकित किया कि यह अनुष्ठान उनके लिए भी व्यक्तिगत रूप से विशेष स्थान रखता है। उनके शब्दों में, छठ पूजा प्रकृति और जीवन के प्रति आभार व्यक्त करने का एक पावन जरिया है, जहां व्यक्ति अपने पास उपलब्ध हर वस्तु के लिए ईश्वर का धन्यवाद करता है। इस भक्तिमय रचना का अभिन्न अंग बनने का अवसर प्रदान करने के लिए उन्होंने निर्देशकों और निर्माताओं के प्रति आभार जताया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि भारत विविध लोकगाथाओं से समृद्ध देश है और ऐसी सांस्कृतिक धरोहरों को मुख्यधारा के सिनेमा में प्रस्तुत करने के लिए असीम साहस, वैचारिक स्पष्टता और रचनात्मक दूरदर्शिता की आवश्यकता होती है। कलाकार और निर्माण दल का विवरण इस बहुप्रतीक्षित फिल्म में पहली बार सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की जोड़ी मुख्य भूमिकाओं में एक साथ कार्य करती दिखाई देगी। इस केंद्रीय जोड़ी के साथ-साथ मनीष पॉल, श्वेता तिवारी, सुनील ग्रोवर और अनूप सोनी जैसे मंझे हुए कलाकार भी प्रमुख भूमिकाओं में अपनी छाप छोड़ेंगे। दीपक कुमार मिश्रा के निर्देशन में तैयार हुई इस फिल्म का निर्माण बालाजी टेलीफिल्म्स के बैनर तले शोभा कपूर और एकता कपूर द्वारा किया गया है। यह बहुप्रतीक्षित सिनेमाई प्रस्तुति 25 सितंबर को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। इसका आप पर असर फिल्म में लोक आस्था के महापर्व के सम्मानजनक चित्रण से दर्शकों और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रेमियों को बड़े पर्दे पर प्रामाणिक अनुभव प्राप्त होगा। • सिनेमाई प्रतिनिधित्व: लोक परंपराओं को मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा में पहली बार इतनी संवेदनशीलता और भव्यता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय फलक पर सम्मानजनक पहचान मिलती है। • दर्शकों के लिए अनुभव: दर्शक पारंपरिक भक्ति गीतों और लोक अनुष्ठानों को बड़े पर्दे पर सजीव रूप में देख सकेंगे। यह प्रस्तुति परिवार और लोक संस्कृति से जुड़े दर्शकों को सिनेमाघरों की ओर आकर्षित करेगी। • रिलीज और योजना: फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के लिए पूरी तरह तैयार है। दर्शक इस तारीख से अपनी नजदीकी सिनेमाई स्क्रीन पर इस सांस्कृतिक प्रस्तुति का आनंद ले सकते हैं। • कलाकारों का नया मेल: पहली बार सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की जोड़ी पर्दे पर एक साथ अभिनय करती दिखेगी। दोनों कलाकारों के प्रशंसक इस नए सहयोग को देखने के लिए उत्सुकता से इंतजार कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ आगामी फिल्म के निर्माताओं ने भारतीय लोककथाओं और पारंपरिक आस्था को मुख्यधारा के आख्यान में शामिल करने का सचेत निर्णय लिया, जिसे गीत 'छठी मैया' के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। • सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव: निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ इस पर्व के पारंपरिक महत्व से भली-भांति परिचित हैं। उनके व्यक्तिगत सम्मान और समझ के कारण ही इस अनुष्ठान को बिना किसी समझौते के संवेदनशीलता से दर्शाया गया। • लोककथाओं को विस्तार देने का प्रयास: भारतीय सिनेमा में विविध लोकगाथाओं को मुख्यधारा में लाने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। निर्माताओं ने साहस और स्पष्ट दृष्टि दिखाते हुए इस पारंपरिक विषयवस्तु को बड़े कैनवास पर उतारा। • कृतज्ञता के भाव की अभिव्यक्ति: छठ पर्व मूलतः जीवन और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक है। कहानीकारों ने इस मूल भावना को गीत के जरिए दर्शकों के अंतर्मन तक पहुंचाने का प्रयास किया है। सवाल-जवाब 1. फिल्म 'द वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' में छठ पूजा के गीत का नाम क्या है? इस गीत का शीर्षक 'छठी मैया' है, जिसे 'छठी मइया सुनीं लीं विनती हमार' के रूप में भी जाना जाता है। 2. इस गीत में अभिनेत्री तमन्ना भाटिया किस रूप में दिखाई दे रही हैं? तमन्ना भाटिया इस भक्तिमय दृश्य में पारंपरिक परिधान और प्रामाणिक लोक परिवेश में नजर आ रही हैं। 3. फिल्म 'द वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' के निर्देशक कौन हैं? इस फिल्म का निर्देशन दीपक कुमार मिश्रा द्वारा किया गया है। 4. फिल्म का निर्माण किस बैनर तले किया गया है? फिल्म का निर्माण बालाजी टेलीफिल्म्स के बैनर तले शोभा कपूर और एकता कपूर ने किया है। 5. फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में कौन से कलाकार नजर आएंगे? फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिका में हैं, जबकि मनीष पॉल, श्वेता तिवारी, सुनील ग्रोवर और अनूप सोनी महत्वपूर्ण किरदारों में हैं। 6. यह फिल्म सिनेमाघरों में किस तारीख को रिलीज होगी? यह फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए निर्धारित है। https://trendkia.com/bollywood/the-one-ke-gane-chhathi-maiya-para-bolin-tamannaah-bhatia-mekarsa-ne-rakha-hara-chhoti-chija-ka-dhyana-36343 TrendKia — Har trend, sabse pehle.