द वन रिव्यू (2026): पर्दे पर छठ पूजा और वन देवी की झलक देख भावुक हुए दर्शक, पटना में हाउसफुल शो सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया अभिनीत फिल्म 'द वन' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। पटना में फिल्म को लेकर जबरदस्त दीवानगी है और दर्शक पर्दे पर छठ पूजा तथा बिहार की संस्कृति को देखकर भावुक हो रहे हैं। लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा और बिहटा की वन देवी की पृष्ठभूमि पर बनी बॉलीवुड फिल्म 'द वन' देशभर के सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। इस बहुप्रतिक्षित फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। फिल्म के रिलीज होते ही पटना के सिनेमाघरों में दर्शकों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है और सुबह के पहले शो से लेकर बाकी सभी शो लगातार हाउसफुल चल रहे हैं। बिहार की संस्कृति को इतने बड़े पैमाने पर पर्दे पर पहली बार इतने करीब से दिखाया गया है, जिसे लेकर स्थानीय दर्शकों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। सिनेमाघरों में छाई भावुकता और सरप्राइज छठ गीत फिल्म के दौरान जैसे ही अचानक से प्रसिद्ध छठ गीत गूंजता है, थिएटर का पूरा माहौल एकदम से बदल जाता है। कई दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं और हॉल में बैठे लोग पूरी तरह भावुक हो उठते हैं। यह सरप्राइज गीत दर्शकों के लिए एक बड़ा आकर्षण बना हुआ है। फिल्म देखकर बाहर निकलने वाले दर्शकों का साफ कहना है कि उन्होंने सिनेमा के इतिहास में पहली बार अपनी माटी की खुशबू, लोकआस्था और परंपराओं को इतनी खूबसूरती से जीवंत होते देखा है। यही मुख्य वजह है कि पटना के सिनेमाघरों में इस फिल्म को किसी बड़े त्योहार की तरह सेलिब्रेट किया जा रहा है और टिकट खिड़की पर लंबी कतारें लगी हुई हैं। दर्शकों की जुबानी फिल्म का अनुभव सिनेमा हॉल से बाहर आई गुड़िया ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह फिल्म हर बिहारी के दिल को गहराई से छू लेती है। चार दिनों तक चलने वाले महापर्व छठ और पटना की वन देवी को जिस शानदार तरीके से पर्दे पर उतारा गया है, उससे दर्शक खुद को फिल्म से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। कन्हैया कुमार का कहना है कि बिल्कुल छठ पूजा के ठीक पहले इस फिल्म का रिलीज होना बेहद सुखद संयोग है और पहली बार वन देवी को फिल्मों में जगह मिलना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। फिल्म में भरपूर कॉमेडी और बेहतरीन गाने भी हैं, लेकिन इसकी मूल आत्मा पूरी तरह आस्था और संस्कृति से जुड़ी हुई है। संस्कृति और आस्था का अनोखा संगम सोनम नामक दर्शक ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार इस फिल्म का ट्रेलर देखा था, तभी तय कर लिया था कि वह इसे देखने जरूर आएंगी। उनका यह भी कहना था कि वह सिर्फ और सिर्फ छठ पूजा के विशेष जुड़ाव की वजह से ही सिनेमाघर पहुंची हैं और सभी कलाकारों ने अपने किरदारों के साथ पूरी न्याय किया है। विवेक ने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा कि इसमें बिहार का पूरा परिवेश और वाइब्स साफ झलकता है। लोकआस्था से जुड़ाव के कारण ही आज पहले शो की लगभग सभी सीटें पूरी तरह फुल थीं। उन्होंने इस फिल्म को अपनी तरफ से 10 में से पूरे 10 अंक दिए हैं और उनका विश्वास है कि छठी मैया का आशीर्वाद इस फिल्म के साथ है। दर्शकों का जबरदस्त समर्थन और थिएटर मालिकों की प्रतिक्रिया आदित्य ने बताया कि छठ पूजा हर बिहारी के लिए गर्व का विषय है और इस महान संस्कृति पर फिल्म बनना ही अपने आप में बहुत बड़ी बात है। फिल्म के निर्देशक ने कहानी को जिस संवेदनशीलता के साथ गढ़ा है और इसके गाने जितने जादुई हैं, वे दर्शकों को एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं। हॉल में बजने वाला सरप्राइज एलिमेंट हर किसी की आंखें नम कर देता है और थिएटर का माहौल किसी बड़े त्योहार जैसा नजर आता है। पटना के रीजेंट सिनेमा के ऑपरेशनल मैनेजर संजीत पांडे ने पुष्टि की है कि फिल्म का सीधा जुड़ाव बिहार से है, जिसके चलते यहां के दर्शक भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले शो से लेकर अब तक के सभी शो एडवांस बुकिंग में ही हाउसफुल हो चुके हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 'हनुमान अंश' की तरह बड़ा धमाका करेगी। इसका आप पर असर फिल्म की रिलीज का असर मुख्य रूप से स्थानीय सिनेमाघरों और मनोरंजन उद्योग पर देखने को मिल रहा है। • भारत में: यह फिल्म क्षेत्रीय संस्कृति और लोक आस्था को मुख्यधारा के सिनेमा में बड़े पैमाने पर जगह दिलाने का मार्ग प्रशस्त करती है। इससे अन्य निर्माताओं को भी अपनी जड़ों से जुड़ी कहानियों को पर्दे पर उतारने की प्रेरणा मिलेगी। • पटना में: स्थानीय दर्शकों और सिनेमाघर संचालकों के लिए यह व्यावसायिक रूप से बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है जहां सभी शो लगातार हाउसफुल चल रहे हैं। इससे पटना के बॉक्स ऑफिस कारोबार में जबरदस्त तेजी आई है। ऐसा क्यों हुआ फिल्म को मिल रही अपार सफलता और दर्शकों के भावनात्मक जुड़ाव के पीछे कई प्रमुख सांस्कृतिक और रणनीतिक कारण हैं। • त्योहार का सही समय: फिल्म को ठीक छठ पूजा से कुछ ही दिन पहले सिनेमाघरों में उतारा गया, जिससे दर्शकों का इससे जुड़ाव स्वाभाविक रूप से और अधिक गहरा हो गया। • सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व: फिल्मों में पहली बार बिहटा की वन देवी और छठ महापर्व को इतने बड़े और भव्य स्तर पर स्थान दिया गया है, जिसने स्थानीय जनता की भावनाओं को सीधे तौर पर छुआ है। • सरप्राइज एलिमेंट्स और संगीत: फिल्म के भीतर अचानक बजने वाले पारंपरिक गीतों और अप्रत्याशित सरप्राइज तत्वों ने दर्शकों को सिनेमाघरों की तरफ खींचने में एक उत्प्रेरक का काम किया है। सवाल-जवाब 1. फिल्म 'द वन' के मुख्य कलाकार कौन हैं? इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। 2. क्या 'द वन' देखने लायक है? हाँ, दर्शक इस फिल्म को इसकी सांस्कृतिक गहराई और लोकआस्था के शानदार चित्रण के लिए बेहद पसंद कर रहे हैं। 3. फिल्म की कहानी किस मुख्य विषय पर आधारित है? यह फिल्म बिहटा की वन देवी और लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा की पृष्ठभूमि पर आधारित है। 4. पटना में फिल्म को लेकर दर्शकों की क्या प्रतिक्रिया है? पटना में दर्शक इस फिल्म को देखकर भावुक हो रहे हैं और यहाँ के सभी शो लगातार हाउसफुल चल रहे हैं। 5. पटना के किस सिनेमाघर में फिल्म के सभी शो हाउसफुल चल रहे हैं? पटना के रीजेंट सिनेमा में फिल्म के फर्स्ट शो से लेकर अब तक लगभग सभी शो हाउसफुल हैं। https://trendkia.com/bollywood/the-vvan-review-2026-chhath-puja-on-the-big-screen-moves-patna-audiences-to-tears-as-shows-run-housefull-38710 TrendKia — Har trend, sabse pehle.