# तिब्बत सीमा पर विनाशकारी बाढ़ के बीच सुरक्षित हैं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मानसी पारेख, तीर्थयात्रियों की सलामती के लिए मांगी प्रार्थना

> कैलाश मानसरोवर की पावन यात्रा के दौरान तिब्बत-नेपाल सीमा पर अचानक आई बाढ़ में सैकड़ों तीर्थयात्री फंस गए हैं। इस क्षेत्र में मौजूद अभिनेत्री मानसी पारेख ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी सुरक्षा की पुष्टि करते हुए फंसे हुए श्रद्धालुओं के लिए प्रार्थना की अपील की है।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-08-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/tibet-border-par-vinashkari-baadh-ke-beech-surakshit-hain-national-award-vijeta-manasi-parekh-teerthyatriyon-ki-salamati-ke-liye-m-22844 · **Language:** Hindi
**Tags:** मानसी पारेख, कैलाश मानसरोवर, तिब्बत बाढ़, सद्गुरु, ईशा फाउंडेशन, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, मनोरंजन

पवित्र कैलाश मानसरोवर की आध्यात्मिक यात्रा पूरी करके लौटीं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता अभिनेत्री मानसी पारेख ने तिब्बत-नेपाल सीमा पर आई अचानक भीषण बाढ़ के बाद अपनी सुरक्षा की जानकारी साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर बताया कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन सीमावर्ती इलाकों में प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न हुए हालात बेहद चिंताजनक हैं। ग्योंग इमिग्रेशन सेंटर के निकट अचानक आई बाढ़ की वजह से सैकड़ों तीर्थयात्रियों का वापसी का रास्ता बंद हो गया है। इस कठिन समय में अभिनेत्री ने संकट से प्रभावित सभी लोगों के लिए देशवासियों से प्रार्थना करने की अपील की है।

## अनिश्चितता के बीच सुरक्षा की पुष्टि और भावुक संदेश
मानसी पारेख ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तीन लगातार स्टोरी पोस्ट करके वहां के मौजूदा हालात और अपनी स्थिति की जानकारी दी। अपनी पहली पोस्ट में जीवन की अनिश्चितता पर दुख जताते हुए उन्होंने लिखा कि जो कुछ भी घटित हुआ है वह वाकई दिल तोड़ने वाला है। उन्होंने बताया कि ईश्वर की कृपा से वह चीन के क्षेत्र में सुरक्षित हैं और ईशा फाउंडेशन फंसे हुए तीर्थयात्रियों की तलाश करने तथा सभी को सुरक्षित घर वापस लाने के अभियानों में पूरी ताकत लगा रहा है। उन्होंने प्रशंसकों से बाढ़ पीड़ितों की सलामती के लिए प्रार्थना जारी रखने की बात कही।

अपनी दूसरी इंस्टाग्राम स्टोरी में उस स्थान की एक दुखद तस्वीर बयां करते हुए अभिनेत्री ने लिखा कि महज़ 5 दिन पहले जिस जगह पर उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया गया था, वह पूरी जगह अब पानी में डूब चुकी है। इसके बाद अपनी तीसरी और अंतिम अपडेट में उन्होंने लिखा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्हें अगले दिन सुबह वहाँ पहुँचना था। इन सभी पोस्ट के ज़रिए यह साफ हो गया कि मानसी पूरी तरह सुरक्षित जगह पर हैं और जल्द ही उनकी सकुशल वापसी का प्रबंध किया जा रहा है।

## आपदाग्रस्त सीमावर्ती क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य
तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में आई बाढ़ के कारण परिस्थितियां लगातार गंभीर बनी हुई हैं। अब तक चलाए गए राहत अभियानों के माध्यम से लगभग 500 श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। इसके बावजूद 700 से अधिक तीर्थयात्री अब भी तिब्बत और नेपाल के दुर्गम तथा सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। राहत एजेंसियों के लिए सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 77 ऐसे तीर्थयात्री हैं जिनकी सटीक लोकेशन का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

इस आपदा के दौरान आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु की यात्रा का एक दल भी प्रभावित मार्ग पर मौजूद था। उन्होंने खुद जानकारी दी कि वापसी के दौरान ग्योंग इमिग्रेशन सेंटर के समीप उनका एक मुख्य समूह बाढ़ की चपेट में आ गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सद्गुरु स्वयं प्रभावित इलाके में मौजूद हैं और ईशा फाउंडेशन तथा स्थानीय बचाव दस्तों के सहयोग से चलाए जा रहे खोज व राहत कार्यों की निजी तौर पर निगरानी कर रहे हैं। मानसी पारेख ने भी सद्गुरु के उस प्रभावित दल की सलामती के लिए विशेष प्रार्थना संदेश साझा किया।

## मानसरोवर तट पर दिव्य ध्यान साधना का अविस्मरणीय अनुभव
इस संकट से पूर्व मानसी पारेख ने मानसरोवर झील के तट पर बिताए अपने आध्यात्मिक पलों का एक खूबसूरत वीडियो प्रशंसकों के साथ साझा किया था। इस पवित्र यात्रा के अनुभवों को शब्दों में पिरोते हुए उन्होंने लिखा कि कभी-कभी कोई अनुभव इतना गहरा और अलौकिक होता है कि उसे व्यक्त करने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। हज़ारों वर्षों के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व को संजोए मानसरोवर के तट पर 40 मिनट तक ध्यान साधना करना उनके जीवन का एक अत्यंत पावन और अविस्मरणीय क्षण रहा।

## टेलीविजन से राष्ट्रीय पुरस्कार तक मानसी पारेख का कलात्मक सफर
मानसी पारेख भारतीय मनोरंजन उद्योग की एक अत्यंत प्रतिभाशाली और बहुमुखी अभिनेत्री, गायिका, निर्माता तथा कंटेंट क्रिएटर हैं। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत वर्ष 2004 में धारावाहिक 'कितनी मस्त है जिंदगी' से की थी। हालांकि उन्हें व्यापक लोकप्रिया 2005 के धारावाहिक 'इंडिया कॉलिंग' से हासिल हुई। इसके बाद उन्होंने स्टार प्लस के बहुचर्चित शो 'जिंदगी का हर रंग...गुलाल' और लोकप्रिय कॉमेडी धारावाहिक 'सुमित संभाल लेगा' में माया के यादगार किरदार से दर्शकों के दिलों पर अपनी गहरी छाप छोड़ी।

छोटे पर्दे पर अपार सफलता पाने के बाद मानसी ने क्षेत्रीय और हिंदी फिल्मों का रुख किया। उन्होंने वर्ष 2012 में तमिल फिल्म 'लीलाई' और हिंदी सिनेमा में 'ये कैसी लाइफ' से कदम रखा। निर्माण के क्षेत्र में कदम रखते हुए उन्होंने गुजराती वेब सीरीज 'डू नॉट डिस्टर्ब' बनाई और सुपरहिट गुजराती फिल्म 'गोलकेरी' के जरिए मुख्य अभिनेत्री के रूप में अपनी मजबूत पहचान स्थापित की। वर्ष 2024 उनके करियर का मील का पत्थर साबित हुआ, जब उन्हें फिल्म 'कच्छ एक्सप्रेस' में 'मोंघी' की सशक्त भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया।

## आगामी प्रोजेक्ट्स और भावी योजनाएं
अपनी आध्यात्मिक यात्रा से लौटने के बाद मानसी पारेख जल्द ही अपने नए प्रोजेक्ट्स में व्यस्त होने वाली हैं। अभिनय के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहीं मानसी जल्द ही ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स की नई कॉमेडी सीरीज 'चुंबक कॉलोनी' में एक मुख्य भूमिका निभाती हुई नजर आएंगी। उनके प्रशंसक इस नए अवतार को देखने के लिए उत्सुक हैं।

## इसका आप पर असर
तिब्बत-नेपाल सीमा पर आई प्राकृतिक आपदा और तीर्थ यात्राओं में अचानक उत्पन्न होने वाले जोखिमों को देखते हुए यात्रियों एवं उनके परिजनों के लिए महत्वपूर्ण व्यावहारिक जानकारियां निम्नलिखित हैं।

- **भारत में:** विदेशी धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले यात्रियों को आपातकालीन संपर्क नंबर और स्थानीय दूतावास अलर्ट से हमेशा जुड़े रहना चाहिए। मौसम की अचानक खराबी की स्थिति में स्थानीय अधिकारियों और आयोजकों के निर्देशों का पालन सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
- **तिब्बत और नेपाल सीमा क्षेत्र में:** दुर्गम पहाड़ी इलाकों में फंसे तीर्थयात्रियों के रिश्तेदार आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से राहत और बचाव अभियानों की ताजा स्थिति पर नजर रख सकते हैं। आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन तथा ईशा फाउंडेशन जैसे राहत दलो से समन्वय साधना आवश्यक है।
- **यात्रा आयोजकों के लिए:** तीर्थ यात्रा कराने वाली संस्थाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों के मौसम पूर्वानुमान की सटीक निगरानी रखनी चाहिए। आपातकालीन बैकअप प्लान और सुरक्षित आश्रय स्थलों का पूर्व निर्धारण ऐसी त्रासदियों में जान-माल के नुकसान को घटाता है।
- **श्रद्धालुओं के लिए सलाह:** उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा से पहले शारीरिक फिटनेस और आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। अनिश्चित मौसम परिस्थिति में अपनी लाइव लोकेशन परिजनों के साथ साझा करना मददगार साबित होता है।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या अभिनेत्री मानसी पारेख तिब्बत बाढ़ के दौरान सुरक्षित हैं?
हाँ, मानसी पारेख ने सोशल मीडिया पर तीन अलग-अलग पोस्ट साझा करके पुष्टि की है कि वह भगवान की कृपा से चीन में पूरी तरह सुरक्षित हैं।

### 2. तिब्बत-नेपाल सीमा पर अचानक बाढ़ कहाँ और कैसे आई?
तिब्बत के ग्योंग इमिग्रेशन सेंटर के पास अचानक आई भीषण बाढ़ के कारण तीर्थयात्रियों का वापसी मार्ग जलमग्न हो गया और सैकड़ों लोग फंस गए।

### 3. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से कितने तीर्थयात्रियों को बचा लिया गया है?
बचाव अभियानों के ज़रिए लगभग 500 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।

### 4. मानसरोवर क्षेत्र में कितने लोग अब भी फंसे हुए हैं?
700 से अधिक तीर्थयात्री तिब्बत और नेपाल के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए हैं, जिनमें से 77 लोगों की लोकेशन का अभी पता लगाया जा रहा है।

### 5. सद्गुरु और ईशा फाउंडेशन राहत कार्य में क्या भूमिका निभा रहे हैं?
सद्गुरु स्वयं प्रभावित क्षेत्र में मौजूद रहकर राहत व बचाव अभियानों की निगरानी कर रहे हैं, जबकि ईशा फाउंडेशन फंसे यात्रियों की खोज में जुटा है।

### 6. मानसी पारेख को किस फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था?
मानसी पारेख को फिल्म कच्छ एक्सप्रेस में मोंघी के किरदार के लिए 2024 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था।

### 7. मानसी पारेख का अगला आगामी प्रोजेक्ट कौन सा है?
वह जल्द ही नेटफ्लिक्स की नई कॉमेडी सीरीज चुंबक कॉलोनी में एक प्रमुख भूमिका में नजर आने वाली हैं।

## प्रेरणा और सबक
मानसरोवर यात्रा के दौरान आए इस संकट के बीच मानसी पारेख का अनुभव और दृष्टिकोण जीवन के प्रति गहरी आध्यात्मिक समझ प्रस्तुत करता है।

- **संकट में संयम और संवेदनशीलता:** कठिन परिस्थितियों में आपा खोने के बजाय मानसी ने अपनी सुरक्षा की जानकारी दी और आपदा से प्रभावित अन्य लोगों के लिए निरंतर प्रार्थना व एकजुटता व्यक्त की।
- **प्रकृति और जीवन की अनिश्चितता का सम्मान:** जीवन की नश्वरता को स्वीकारते हुए उन्होंने 40 मिनट की मानसरोवर तट पर की गई ध्यान साधना को जीवन का सबसे अलौकिक क्षण माना।
- **पेशेवर समर्पण और बहुमुखी प्रतिभा:** टेलीविजन से करियर शुरू कर राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने तक का मानसी का सफर दर्शाता है कि निरंतर मेहनत और विविधता अपनाने से हर मंच पर सफलता मिलती है।

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