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  "type": "article",
  "title": "टॉम अल्टर: मसूरी से मुंबई तक, अमेरिकी मूल के उस कलाकार की अविश्वसनीय हिंदुस्तानी दास्तां",
  "summary": "22 जून 1950 को मसूरी में जन्मे टॉम अल्टर अमेरिकी मूल के होते हुए भी हिंदी सिनेमा, टेलीविजन और थिएटर के बेमिसाल कलाकार बने। राजेश खन्ना की फिल्म से अभिनय का सपना देखने वाले इस फनकार ने 29 सितंबर 2017 को दुनिया को अलविदा कहा।",
  "content": "किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि अमेरिकी मिशनरियों के घर में पला-बढ़ा एक लड़का एक दिन हिंदी सिनेमा की पहचान बन जाएगा। मगर टॉम अल्टर ने यही किया। 22 जून 1950 को मसूरी में जन्मे टॉम के दादा-दादी एम्मेट और मार्था अल्टर 1916 में ईसाई मिशनरी के रूप में भारत आए थे। 1947 के विभाजन ने परिवार को तोड़ा। दादा-दादी लाहौर में रह गए, जबकि टॉम के माता-पिता मसूरी के पास राजपुर में बस गए और भारत को ही अपना घर बना लिया।\n\nएक फिल्म ने बदल दी ज़िंदगी की दिशा\nबचपन में राजेश खन्ना की फिल्म 'आराधना' देखना टॉम अल्टर के लिए एक निर्णायक पल साबित हुआ। उस फिल्म ने उनके भीतर अभिनेता बनने की ऐसी आग जलाई जो कभी बुझी नहीं। इस सपने को अमली जामा पहनाने के लिए वह पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (FTII) पहुँचे और 1974 में गोल्ड मेडल के साथ वहाँ से निकले।\n\nगोरी रंगत ने बनाया विलेन, लेकिन हुनर ने बनाया अमर\nमुंबई में क़दम रखते ही उनकी गोरी रंगत ने उनकी पहचान तय कर दी। अंग्रेज़ अफसर, विदेशी खलनायक, ऐसे ही किरदार उनके पास आते रहे। लेकिन टॉम ने हिंदी और उर्दू पर अपनी बेमिसाल पकड़ और संवाद अदायगी की ताकत से हर भूमिका को यादगार बना दिया। धर्मेंद्र के साथ फिल्म 'चरस' में उन्होंने चीफ कस्टम ऑफिसर का किरदार निभाया।\n\nअसली पहचान देव आनंद की फिल्म 'साहेब बहादुर' से मिली। इसके बाद सत्यजीत रे ने उन्हें अपनी ऐतिहासिक फिल्म 'शतरंज के खिलाड़ी' में कैप्टन वेस्टन की भूमिका सौंपी, जो उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि बनी। 'क्रांति' और 'गांधी' जैसी फिल्मों में ऐतिहासिक किरदार, 'परिंदा' में अंडरवर्ल्ड डॉन मूसा की दहशत भरी भूमिका और 'राम तेरी गंगा मैली' में करम सिंह का किरदार, इन सबने टॉम को एक अलग मुकाम दिला दिया।\n\n'आशिकी' में बने सख्त हॉस्टल वॉर्डन\n1990 में महेश भट्ट की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'आशिकी' में एक बार फिर टॉम अल्टर नकारात्मक भूमिका में दिखे। उन्होंने आर्नी कैंपबेल का किरदार निभाया, जो फिल्म में एक सख्त और नकारात्मक गर्ल्स हॉस्टल वॉर्डन था। इस फिल्म में उनका काम राहुल (राहुल रॉय) और अनु (अनु अग्रवाल) के बीच दीवार बनना था।\n\nक्रिकेट से लगाव और सचिन का वह पहला इंटरव्यू\nटॉम अल्टर सिर्फ सिनेमा के कलाकार नहीं थे, क्रिकेट से उनका रिश्ता भी बेहद गहरा था। 1983 में भारत की विश्व कप जीत के बाद उन्होंने सुनील गावस्कर की अगुवाई वाली 'इंडियन इलेवन' टीम की तरफ से अमेरिका में एक प्रदर्शनी मैच खेला और एक विकेट भी अपने नाम किया।\n\nखेल पत्रकारिता में उनका एक किस्सा इतिहास के पन्नों में दर्ज है। 19 जनवरी 1989 को मुंबई के CCI नेट्स पर उन्होंने एक 15 साल के शर्मीले और घुंघराले बालों वाले लड़के का पहला टीवी इंटरव्यू लिया था। वह लड़का कोई और नहीं, सचिन तेंदुलकर थे, जो आगे चलकर क्रिकेट की दुनिया का सबसे बड़ा नाम बने।\n\nटेलीविजन ने दिलाई घर-घर पहचान\nछोटे पर्दे पर भी टॉम अल्टर का जादू खूब चला। 'ज़बान संभाल के' में चार्ल्स स्पेंसर्स, 'जुनून' में केशव कालसी और बच्चों के चहेते शो 'शक्तिमान' में महागुरु का किरदार निभाकर उन्होंने हर उम्र के दर्शकों में खास जगह बनाई।\n\nकैंसर से जूझते हुए भी नहीं थमे कदम\n2016 में उन्हें त्वचा के दुर्लभ और आक्रामक कैंसर स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा का पता चला। इस भयंकर बीमारी से लड़ते हुए भी उन्होंने मार्च 2017 में अपने नाटक 'संस ऑफ बाबर' का मंचन किया। आखिरकार 29 सितंबर 2017 को यह बहुमुखी और अनूठा कलाकार इस दुनिया से विदा हो गया, लेकिन अपनी फिल्मों, टीवी शोज़ और थिएटर के ज़रिए वह हमेशा के लिए ज़िंदा हैं।\n\nइसका आप पर असर\n• क्लासिक बॉलीवुड के दर्शकों के लिए: 'आशिकी', 'परिंदा' और 'शक्तिमान' जैसी यादगार कृतियों के प्रशंसक इस लेख के ज़रिए उन किरदारों के पीछे की असाधारण शख्सियत को नए सिरे से जान सकते हैं।\n• नए कलाकारों और थिएटर प्रेमियों के लिए: टॉम अल्टर का जीवन यह दिखाता है कि बाहरी बाधाओं के बावजूद भाषा और हुनर की पकड़ किसी भी इंडस्ट्री में जगह बना सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. टॉम अल्टर का जन्म कब और कहाँ हुआ था?\nउनका जन्म 22 जून 1950 को मसूरी में हुआ था और उनके परिवार की जड़ें अमेरिका से जुड़ी थीं।\n\n2. उन्हें अभिनेता बनने की प्रेरणा कहाँ से मिली?\nराजेश खन्ना की फिल्म 'आराधना' देखने के बाद उनके मन में एक्टर बनने का जज़्बा जागा।\n\n3. टॉम अल्टर ने FTII से कब और किस उपलब्धि के साथ पढ़ाई पूरी की?\nउन्होंने 1974 में पुणे के FTII से गोल्ड मेडल हासिल करते हुए पाठ्यक्रम पूरा किया।\n\n4. धर्मेंद्र के साथ उनकी कौन सी फिल्म थी और उसमें उन्होंने क्या किरदार निभाया?\nउन्होंने धर्मेंद्र के साथ फिल्म 'चरस' में चीफ कस्टम ऑफिसर का किरदार निभाया था।\n\n5. किस फिल्म ने टॉम अल्टर को पहली बड़ी पहचान दिलाई?\nदेव आनंद की फिल्म 'साहेब बहादुर' ने उन्हें असली पहचान दिलाई।\n\n6. 'आशिकी' में उन्होंने कौन सा किरदार निभाया था?\nउन्होंने आर्नी कैंपबेल का किरदार निभाया, जो फिल्म में एक सख्त गर्ल्स हॉस्टल वॉर्डन था और राहुल व अनु को मिलने से रोकता था।\n\n7. सचिन तेंदुलकर का पहला टीवी इंटरव्यू किसने और कब लिया?\nटॉम अल्टर ने 19 जनवरी 1989 को मुंबई के CCI नेट्स पर 15 साल के सचिन तेंदुलकर का पहला टीवी इंटरव्यू लिया था।\n\n8. उन्हें किस बीमारी ने घेरा था?\n2016 में उन्हें त्वचा के दुर्लभ और आक्रामक कैंसर स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा का पता चला था।\n\n9. टॉम अल्टर का निधन कब हुआ?\n29 सितंबर 2017 को उनका निधन हुआ।",
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  "category": "बॉलीवुड",
  "publishedAt": "2026-06-21",
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