# ट्रायल शो में 'डिजास्टर' करार दी गई संजय दत्त की मुन्नाभाई MBBS ने कैसे पलटी किस्मत, राजकुमार हिरानी ने खोला राज

> रिलीज के पहले दिन ठंडी शुरुआत और फिल्म जगत के बड़े लोगों की आलोचना झेलने वाली मुन्नाभाई MBBS कैसे बनी कल्ट क्लासिक, निर्देशक राजकुमार हिरानी ने साझा किया दिलचस्प किस्सा।

**Type:** article · **Category:** बॉलीवुड · **Published:** 2026-06-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/bollywood/trial-show-mein-disaster-karar-di-gai-sanjay-dutt-ki-munna-bhai-mbbs-ne-kaise-palti-kismat-rajkumar-hirani-ne-khola-raaj-1954 · **Language:** Hindi
**Tags:** मुन्नाभाई MBBS, राजकुमार हिरानी, संजय दत्त, सुनील दत्त, अरशद वारसी, बॉलीवुड कल्ट फिल्में

फिल्ममेकर राजकुमार हिरानी की निर्देशित फिल्म मुन्नाभाई MBBS को आज हिंदी सिनेमा की बेहतरीन कल्ट क्लासिक फिल्मों में गिना जाता है। संजय दत्त और अरशद वारसी के बेहतरीन अभिनय से सजी इस फिल्म ने दर्शकों के दिलों पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है। हालांकि, फिल्म के शुरुआती सफर में इसे काफी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। एक समय ऐसा भी था जब फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने इसे पूरी तरह से फ्लॉप घोषित कर दिया था। TrendKia के अनुसार, खुद निर्देशक राजकुमार हिरानी ने अपनी इस मशहूर फिल्म के शुरुआती संघर्ष और सिनेमाघरों में सफलता की कहानी को बयां किया है।

 

## ट्रायल शो के बाद जब फिल्म को कहा गया डिजास्टर

राजकुमार हिरानी ने संजय अरोड़ा के साथ हुई बातचीत में बताया कि जब फिल्म का पहला ट्रायल शो पूरा हुआ, तब फिल्म इंडस्ट्री के ही एक बेहद प्रतिष्ठित डायरेक्टर ने इसे बेहद निराशाजनक फिल्म बता दिया था। उस डायरेक्टर ने राजकुमार हिरानी के सामने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए जिससे वे काफी परेशान हो गए थे। उनका कहना था कि संजय दत्त जैसे स्थापित एक्शन स्टार को एक अस्पताल के ढीले-ढाले कपड़ों में दिखाना और पूरी फिल्म को अस्पताल के बैकग्राउंड में समेट देना एक बेहद गलत फैसला था।

हिरानी ने उस दौर की अपनी चिंताओं को साझा करते हुए बताया कि उस निर्देशक ने फिल्म में किसी विदेशी लोकेशन पर गाना न फिल्माने को लेकर भी नाराजगी जताई थी। उनका मानना था कि फिल्म में किरदारों के कपड़े बेहद रंग-बिरंगे और माहौल रंगीन होना चाहिए था, जबकि हिरानी ने सभी को साधारण अस्पताल की यूनिफॉर्म पहना दी थी। इस तीखी आलोचना ने फिल्म की रिलीज से पहले पूरी टीम को चिंता में डाल दिया था।

 

## रिलीज के पहले दिन मुंबई के सिनेमाघर का वो वाकया

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की शुरुआत बेहद धीमी और ठंडी रही थी। राजकुमार हिरानी दर्शकों की सीधी प्रतिक्रिया जानने के लिए खुद मुंबई के बेहद मशहूर गेटी गैलेक्सी सिनेमाहॉल पहुंचे थे। वहां पहुंचते ही थियेटर के गेटकीपर ने उन्हें नीचे की ओर अंगूठा दिखाते हुए थम्स-डाउन का इशारा किया। इस इशारे को देखकर राजकुमार हिरानी काफी घबरा गए और उन्हें लगा कि उनकी फिल्म बुरी तरह से फ्लॉप हो चुकी है।

लेकिन जब हिरानी सिनेमाहॉल के भीतर गए, तब उन्हें असली सच्चाई समझ में आई। दरअसल, सिनेमाघर के अंदर लगभग पचास प्रतिशत दर्शक मौजूद थे। गेटकीपर के नजरिए से थम्स-डाउन का मतलब फिल्म का खराब होना नहीं, बल्कि टिकट खिड़की पर लंबी लाइनें न होना और शो का हाउसफुल न होना था। थियेटर के अंदर मौजूद दर्शक फिल्म के चुटकुलों और दृश्यों पर जमकर ठहाके लगा रहे थे और फिल्म का पूरा आनंद ले रहे थे।

 

## शाम के शो से पलटी किस्मत और बन गया इतिहास

सुबह और दोपहर के शो में भले ही दर्शक कम थे, लेकिन जैसे ही शाम का वक्त आया, सिनेमाघरों की तस्वीर पूरी तरह से बदल गई। जो दर्शक दोपहर में कम संख्या में थे, उनकी तादाद शाम होते-होते इतनी बढ़ गई कि थियेटर्स के बाहर हाउसफुल के बोर्ड लगाने पड़ गए। इसके साथ ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई।

बतौर निर्देशक यह राजकुमार हिरानी की पहली फिल्म थी, जिसने उनके करियर को एक नई दिशा दी। यह फिल्म इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि यह महान अभिनेता सुनील दत्त के अभिनय करियर की अंतिम फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में उन्होंने पर्दे पर भी अपने वास्तविक जीवन के बेटे संजय दत्त के पिता का ही किरदार निभाया था। अरशद वारसी, बोमन ईरानी और ग्रेसी सिंह जैसी शानदार स्टार कास्ट से सजी इस फिल्म को समीक्षकों से भी खूब तारीफें मिलीं और यह फिल्म हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई।

## इसका आप पर असर
- **सिनेमा प्रेमियों के लिए:** यह कहानी बॉलीवुड की सबसे पसंदीदा क्लासिक फिल्मों में से एक के निर्माण के पीछे के संघर्ष को दिखाती है, जिससे पता चलता है कि शुरुआती आलोचना किसी कलात्मक काम की अंतिम सफलता को तय नहीं करती।

- **नए फिल्म निर्माताओं के लिए:** यह कहानी सिखाती है कि इंडस्ट्री के दिग्गजों की शुरुआती नकारात्मक प्रतिक्रियाओं के बावजूद अपनी रचनात्मक सोच पर भरोसा रखना कितना जरूरी है।

## सवाल-जवाब

### 1. मुन्नाभाई MBBS फिल्म के निर्देशक कौन हैं?
इस फिल्म का निर्देशन राजकुमार हिरानी ने किया था, जो बतौर निर्देशक उनकी पहली फिल्म थी।

### 2. ट्रायल शो के दौरान एक इंडस्ट्री डायरेक्टर ने फिल्म को 'डिजास्टर' क्यों कहा था?
उस डायरेक्टर ने संजय दत्त जैसे बड़े एक्शन हीरो को अस्पताल के बैकग्राउंड में रखने, उन्हें रंग-बिरंगे कपड़ों के बजाय सामान्य यूनिफॉर्म पहनाने और किसी भी गाने को विदेशी लोकेशन पर न फिल्माने के फैसले की आलोचना की थी।

### 3. रिलीज के दिन जब राजकुमार हिरानी गेटी गैलेक्सी गए तो क्या हुआ?
गेटकीपर ने उन्हें नीचे की तरफ अंगूठा दिखाकर इशारा किया जिससे हिरानी को लगा कि फिल्म पिट गई है, लेकिन बाद में उन्हें समझ आया कि थिएटर आधा भरा हुआ था और गेटकीपर का इशारा केवल शो के हाउसफुल न होने को लेकर था।

### 4. किस दिग्गज अभिनेता ने इस फिल्म में अपने करियर की आखिरी भूमिका निभाई थी?
सुनील दत्त ने इस फिल्म में अपने करियर की आखिरी भूमिका निभाई थी, जहां उन्होंने पर्दे पर भी अपने असली बेटे संजय दत्त के पिता का किरदार निभाया था।

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