वैजयंतीमाला की बीन वाली धुन ने बरातों में शुरू करवाया नागिन डांस, जानें 1954 की उस फिल्म की कहानी 1954 की फिल्म 'नागिन' का गाना 'मन डोले मेरा तन डोले' आज भी अपनी बीन वाली धुन और वैजयंतीमाला के डांस के लिए याद किया जाता है, जिसने बरातों में नागिन डांस को मशहूर बना दिया। 1954 में आई वैजयंतीमाला की फिल्म 'नागिन' ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की थी, लेकिन असली कमाल फिल्म के संगीत का था। फिल्म का गाना 'मन डोले मेरा तन डोले' आज, यानी करीब 72 साल बाद भी, अपनी बीन वाली धुन और वैजयंतीमाला के नागिन जैसे डांस के लिए याद किया जाता है, और यही धुन आगे चलकर हर बारात और शादी समारोह की जान बन गई। बीन की धुन ने कैसे रचा इतिहास फिल्म 'नागिन' में कुल 13 गाने थे और हर गाने को दर्शकों ने भरपूर प्यार दिया, लेकिन 'मन डोले मेरा तन डोले' उस दौर का सबसे बड़ा हिट साबित हुआ। वैजयंतीमाला ने इस गाने की धुन पर नागिन की तरह ऐसा बलखाकर डांस किया कि यह गाना रातों-रात सुपरहिट बन गया। जब सिनेमाघरों में इस गाने की बीन बजती थी तो पूरे हॉल में एक अलग ही सिहरन दौड़ जाती थी। यही धुन आगे चलकर हर बारात और शादी समारोह की शान बन गई, और आज भी इसे सीधे 'नागिन डांस' के नाम से पहचाना जाता है। इस बीन की आवाज़ इतनी असरदार थी कि उस दौर में इसे लेकर कई तरह की अफवाहें भी फैली थीं। लोगों का मानना था कि जब सिनेमाघर में यह गाना बजता था तो बीन की धुन सुनकर असली सांप भी हॉल की तरफ खिंचे चले आते थे। दिलचस्प बात यह है कि पर्दे पर सुनाई देने वाली यह धुन किसी असली सपेरे की बीन से नहीं बजाई गई थी, बल्कि इसे एक इलेक्ट्रॉनिक वाद्य यंत्र की मदद से तैयार किया गया था, यही वजह थी कि इसकी आवाज़ हॉल में असली बीन से कहीं ज्यादा असरदार सुनाई देती थी। 72 साल बाद भी नहीं थमे कदम 72 साल गुजर जाने के बाद भी 'मन डोले मेरा तन डोले' की धुन बजते ही लोग थिरकने पर मजबूर हो जाते हैं। यह गाना खासतौर पर महिलाओं की संगीत सेरेमनी में आज भी खूब बजाया जाता है। ऐसे मौकों पर महिलाएं जमकर ठुमके लगाती हैं और अक्सर बीन बजाने वाले वादकों की ताल से ताल मिलाकर उनके साथ एक तरह का मुकाबला भी करती नजर आती हैं, जिससे पुराना गाना आज के जश्न में भी उतना ही जिंदा दिखता है। लता मंगेशकर की आवाज़ ने बनाया अमर इस गाने को अपनी आवाज़ से हमेशा के लिए अमर बनाने का श्रेय लता मंगेशकर को जाता है। राजेंद्र कृष्ण के लिखे बोल और हेमंत कुमार के संगीत ने इस गाने को वो जादू दिया, जो आज तक लोगों के जेहन से नहीं उतरा। बीन की धुन और वैजयंतीमाला का नागिन जैसा डांस, यही दोनों चीजें इस गाने की सबसे बड़ी पहचान बन गईं और आज भी गाने का जिक्र आते ही यही तस्वीर सबसे पहले जेहन में आती है। दो सपेरों की प्रेम कहानी 'मन डोले मेरा तन डोले' गाने में वैजयंतीमाला के साथ प्रदीप कुमार लीड रोल में नजर आए थे। फिल्म 'नागिन' की कहानी अलग-अलग जनजातीय समूहों से ताल्लुक रखने वाले दो सांप पकड़ने वालों की प्रेम कहानी के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। फिल्म के डांस सीक्वेंस सचिन शंकर, योगेंद्र देसाई और हीरालाल ने कोरियोग्राफ किए थे, और इन्हीं की मेहनत की बदौलत वैजयंतीमाला का डांस पर्दे पर इतना असरदार दिख पाया कि एक फिल्मी गाना आगे चलकर बॉलीवुड की एक पूरी परंपरा में बदल गया, जो आज भी हर शादी समारोह में सुनाई देती है। सवाल-जवाब 1. फिल्म 'नागिन' कब रिलीज़ हुई थी? फिल्म 'नागिन' 1954 में रिलीज़ हुई थी। 2. 'मन डोले मेरा तन डोले' गाने को आवाज़ किसने दी थी? इस गाने को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज़ से गाया था। 3. गाने के बोल और संगीत किसने दिए थे? गाने के बोल राजेंद्र कृष्ण ने लिखे थे और संगीत हेमंत कुमार ने दिया था। 4. गाने की बीन की धुन असल में किससे बजाई गई थी? यह धुन असली सपेरे की बीन से नहीं बल्कि एक इलेक्ट्रॉनिक वाद्य यंत्र से तैयार की गई थी। 5. फिल्म 'नागिन' में कुल कितने गाने थे? फिल्म में कुल 13 गाने थे और सभी को काफी पसंद किया गया था। 6. 'मन डोले मेरा तन डोले' गाने में लीड रोल में कौन थे? इस गाने में वैजयंतीमाला और प्रदीप कुमार लीड रोल में नजर आए थे। 7. फिल्म की कहानी किस पर आधारित थी? फिल्म की कहानी अलग-अलग जनजातीय समूहों से जुड़े दो सांप पकड़ने वालों की प्रेम कहानी पर आधारित थी। 8. फिल्म के डांस सीक्वेंस किसने कोरियोग्राफ किए थे? डांस सीक्वेंस सचिन शंकर, योगेंद्र देसाई और हीरालाल ने कोरियोग्राफ किए थे। https://trendkia.com/bollywood/vyjayanthimala-ki-bina-vali-dhuna-ne-baraton-men-shuru-karavaya-nagin-dansa-janen-1954-ki-usa-philma-ki-kahani-28538 TrendKia — Har trend, sabse pehle.