# 17 शहरों में बिका 4000 टन बफर प्याज, अब गुवाहाटी पहुंचेगी कांदा एक्सप्रेस की तीसरी खेप

> रियायती बिक्री शुरू होने के 10 दिनों में सरकार ने देश के 17 शहरों में करीब 4000 टन बफर प्याज बेच दिया है, और अब कांदा एक्सप्रेस की तीसरी खेप गुवाहाटी के लिए रवाना होने वाली है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-09-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/17-shaharon-men-bika-4000-tana-baphara-pyaja-aba-guwahati-pahunchegi-kanda-express-ki-tisari-khepa-28536 · **Language:** Hindi
**Tags:** प्याज की कीमत, बफर स्टॉक, एनसीसीएफ, नैफेड, कांदा एक्सप्रेस, उपभोक्ता मामले मंत्रालय, गुवाहाटी, रियायती प्याज

प्याज की कीमतों में उछाल थमाने के लिए शुरू की गई सरकार की रियायती बिक्री योजना को 10 दिन पूरे हो गए हैं और इस दौरान देश के 17 शहरों में करीब 4000 टन बफर प्याज बेचा जा चुका है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने रविवार को यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार के पास 2026 के लिए भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ यानी एनसीसीएफ और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ यानी नैफेड के जरिए कुल 1.21 लाख टन प्याज का बफर भंडार तैयार रखा गया है, जिसे इसी तरह की मूल्य-नियंत्रण मुहिम के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

## कांदा एक्सप्रेस से दिल्ली-चेन्नई के बाद अब गुवाहाटी की तैयारी
एनसीसीएफ और नैफेड जैसी एजेंसियों की यह पूरी कवायद उत्पादक राज्यों में जमा प्याज को उन शहरों तक पहुंचाने की है जहां खपत ज्यादा है और आपूर्ति कम होने पर कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं। इसके लिए एजेंसियां समर्पित रेल रैक का इस्तेमाल कर रही हैं, जिसे 'कांदा एक्सप्रेस' नाम दिया गया है, साथ ही ट्रकों के जरिए भी प्याज को जल्द से जल्द गोदामों से बाजार तक भेजा जा रहा है। चुनिंदा मूल्य-संवेदनशील शहरों में सीधे उपभोक्ताओं को प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचा जा रहा है। निधि खरे ने बताया कि अब तक 17 शहरों में करीब 4000 टन बफर प्याज बेचा जा चुका है। कांदा एक्सप्रेस के जरिए अब तक दिल्ली और चेन्नई में प्याज की खेप पहुंच चुकी है, जबकि तीसरी खेप को अभी लादा जा रहा है और आने वाले दिनों में इसे गुवाहाटी रवाना किया जाएगा।

## कीमतों में कितनी राहत मिली
निधि खरे ने कहा कि बफर प्याज के वितरण से उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है और इसी के चलते कीमतों में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के बफर भंडार से निकलने वाले प्याज का आकार और गुणवत्ता निजी कारोबारियों द्वारा बाजार में बेचे जा रहे प्याज जैसी ही है, यानी उपभोक्ताओं को गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं करना पड़ रहा। उन्होंने यह भी बताया कि रबी सीजन की प्याज की फसल, जिसे आमतौर पर साल के आखिरी महीनों में बिक्री के लिए भंडारित करके रखा जाता है, इस बार बेमौसम बारिश के चलते कटाई के दौरान कुछ हद तक प्रभावित हुई है, जिसकी वजह से नुकसान हुआ और यही कीमतों में उछाल की एक बड़ी वजह भी मानी जा रही है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक देश में प्याज का औसत खुदरा मूल्य 50.79 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जबकि 28 अगस्त को जब यह रियायती बिक्री शुरू हुई थी, उस वक्त औसत खुदरा मूल्य 48.50 रुपये प्रति किलोग्राम था।

## अकेले एनसीसीएफ ने बेचा 1500 टन प्याज
एनसीसीएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर अनीस जोसेफ चंद्रा ने बताया कि अकेले एनसीसीएफ ने अब तक देश के अलग-अलग शहरों में 1500 टन बफर प्याज बेच दिया है। उन्होंने कहा, ''अब तक हमने देश के विभिन्न शहरों में 1500 टन बफर प्याज बेचा है।'' उन्होंने आगे बताया कि एनसीसीएफ का पूरा ध्यान थोक कारोबारियों की बजाय आम उपभोक्ताओं तक सीधी खुदरा बिक्री पर केंद्रित है और प्याज को 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है। सरकार की यह पूरी कवायद त्योहारी सीजन से पहले प्याज की कीमतों को काबू में रखने की दिशा में उठाया गया कदम मानी जा रही है, ताकि आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट बिगड़ने न पाए।

## इसका आप पर असर
**प्याज खरीदने वालों को थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन असर सीमित रहेगा।**

- **भारत में:** अगर आप देश के उन 17 शहरों में रहते हैं जहां रियायती बिक्री हो रही है, तो आपको 35 रुपये प्रति किलो पर प्याज मिल सकता है, जबकि बाजार में औसत भाव 50.79 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुका है। यह मौका सीमित मात्रा और सीमित बिक्री केंद्रों पर ही उपलब्ध है, इसलिए हर किसी को फायदा तुरंत नहीं मिलेगा।
- **गुवाहाटी में:** कांदा एक्सप्रेस की तीसरी खेप आने वाले दिनों में गुवाहाटी पहुंचेगी, यानी वहां के उपभोक्ताओं को जल्द ही सस्ते प्याज की उपलब्धता का इंतजार खत्म हो सकता है। स्थानीय बाजार में इस खेप के आने के बाद प्याज की कीमतों पर हल्का दबाव कम होने की उम्मीद है।
- **गुणवत्ता की गारंटी:** सरकार का कहना है कि बफर स्टॉक का प्याज आकार और गुणवत्ता में निजी दुकानदारों के प्याज जैसा ही है, इसलिए उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर खरीदते वक्त गुणवत्ता से समझौता करने की चिंता नहीं करनी होगी।
- **त्योहारी सीजन से पहले राहत:** यह पूरी योजना त्योहारी सीजन से पहले चलाई जा रही है, ताकि रसोई का बजट अचानक न बिगड़े। जिन घरों में प्याज की खपत ज्यादा है, उनके लिए अगले कुछ हफ्तों में राहत मिलने की संभावना ज्यादा है।
- **अभी भी महंगाई बरकरार:** आंकड़े बताते हैं कि 28 अगस्त को जब स्कीम शुरू हुई थी तब औसत भाव 48.50 रुपये था, और अब यह बढ़कर 50.79 रुपये हो गया है, यानी आम बाजार में कीमतें अभी पूरी तरह काबू में नहीं आई हैं और उपभोक्ताओं को बफर बिक्री केंद्रों तक ही जाना फायदेमंद होगा।

## सवाल-जवाब

### 1. सरकार ने अब तक कितना प्याज बेचा है?
सरकार ने शुरुआती 10 दिनों में देश के 17 शहरों में करीब 4000 टन बफर प्याज बेचा है।

### 2. प्याज किस दर पर बेचा जा रहा है?
चुनिंदा मूल्य-संवेदनशील शहरों में प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचा जा रहा है।

### 3. कांदा एक्सप्रेस अब तक कहां-कहां पहुंच चुकी है?
कांदा एक्सप्रेस के जरिए अब तक दिल्ली और चेन्नई में प्याज पहुंचाया जा चुका है, और तीसरी खेप जल्द गुवाहाटी भेजी जाएगी।

### 4. सरकार के पास कुल कितना बफर स्टॉक है?
केंद्र सरकार के पास 2026 के लिए एनसीसीएफ और नैफेड के जरिए कुल 1.21 लाख टन प्याज का बफर भंडार है।

### 5. एनसीसीएफ ने अकेले कितना प्याज बेचा?
एनसीसीएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर अनीस जोसेफ चंद्रा के मुताबिक एनसीसीएफ ने अकेले अब तक 1500 टन बफर प्याज बेचा है।

### 6. प्याज की कीमतें क्यों बढ़ी थीं?
रबी सीजन की प्याज की फसल बेमौसम बारिश के चलते कटाई के दौरान कुछ हद तक प्रभावित हुई, जिससे आपूर्ति पर असर पड़ा।

### 7. देश में प्याज का मौजूदा औसत खुदरा भाव क्या है?
उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक देश में प्याज का औसत खुदरा मूल्य 50.79 रुपये प्रति किलोग्राम है।

### 8. रियायती बिक्री योजना कब शुरू हुई थी?
यह योजना 28 अगस्त को शुरू हुई थी, जब औसत खुदरा मूल्य 48.50 रुपये प्रति किलोग्राम था।

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