बैंकों की तीन दिन की हड़ताल रद्द, आईबीए और यूएफबीयू की बैठक में बनी सहमति बैंक कर्मचारियों की तरफ से सोमवार से शुरू होने वाली तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल टल गई है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच देर रात हुई बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए एक बड़ी राहत सामने आई है। सोमवार से प्रस्तावित तीन दिनों की बैंक हड़ताल को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को हुई अहम बैठक के बाद हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया। देर रात की बैठक में हुआ फैसला यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के सर्कुलर नंबर 2026/31 के मुताबिक, रविवार को रात 9:30 बजे इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनियनों के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच मैराथन बैठक आयोजित की गई थी। इस उच्चस्तरीय चर्चा के दौरान कर्मचारियों की मांगों और विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद हड़ताल के आह्वान को वापस ले लिया गया। कर्मचारियों की मुख्य मांगें और पृष्ठभूमि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों लंबे समय से फाइव डे वर्किंग यानी हफ्ते में पांच दिन काम करने की मांग को लेकर मुखर रहे हैं। इससे पहले भी बैंकिंग सेक्टर में छुट्टियों और वेतन से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर कई दौर की बातचीत और प्रदर्शन देखने को मिले थे। हाल ही में सरकार और संगठनों के बीच हुई बैठकों में कर्मचारियों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई है, जिससे बैंकिंग कामकाज के सुचारू संचालन का रास्ता साफ हुआ है। ग्राहकों को मिली राहत हड़ताल टल जाने के कारण अब सोमवार से बुधवार तक बैंक सामान्य रूप से खुले रहेंगे। इससे आम जनता, व्यापारियों और कॉर्पोरेट सेक्टर को किसी भी प्रकार की वित्तीय असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। एटीएम सेवाएं, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और ब्रांचों में होने वाले सामान्य कामकाज पर किसी भी तरह का असर नहीं पड़ेगा। इसका आप पर असर हड़ताल टलने से सामान्य बैंकिंग कामकाज सुचारू रूप से जारी रहेगा। • आम जनता: बैंक शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहेंगी जिससे ग्राहकों को पैसों के लेनदेन और अन्य जरूरी कार्यों में कोई परेशानी नहीं होगी। • व्यापारिक गतिविधियां: लगातार तीन दिनों तक कामकाज ठप रहने की आशंका खत्म होने से व्यापारियों और उद्योगों को बड़ी राहत मिली है। • डिजिटल सेवाएं: एटीएम, यूपीआई और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह पूरी क्षमता से बिना किसी बाधा के काम करती रहेंगी। • कर्मचारी वर्ग: यूनियनों और प्रबंधन के बीच सहमति बनने से कर्मचारियों की लंबित मांगों पर आगे सकारात्मक चर्चा का रास्ता खुला है। ऐसा क्यों हुआ यह हड़ताल इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के बाद टाली गई। • उच्चस्तरीय बैठक: रविवार रात 9:30 बजे दोनों पक्षों के बीच हुई अहम बैठक में कर्मचारियों की चिंताओं और मांगों पर गंभीर चर्चा हुई। • सहमति का बनना: यूनियनों के सर्कुलर के अनुसार विचार-विमर्श के बाद दोनों पक्षों ने हड़ताल वापस लेने के प्रस्ताव पर आपसी सहमति जताई। • लंबित मांगें: बैंक कर्मचारी लंबे समय से फाइव डे वर्किंग और अन्य सेवा शर्तों को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते रहे हैं। सवाल-जवाब 1. सोमवार से होने वाली बैंक हड़ताल क्यों टली? इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच रविवार रात हुई बैठक में सहमति बनने के बाद हड़ताल टल गई। 2. आईबीए और यूएफबीयू की बैठक कब हुई थी? यह बैठक रविवार रात 9:30 बजे आयोजित की गई थी जिसमें दोनों पक्षों के प्रतिनिधि शामिल थे। 3. क्या बैंक हड़ताल पूरी तरह से रद्द कर दी गई है? हाँ, यूएफबीयू के सर्कुलर के अनुसार तीन दिनों तक होने वाली इस बैंक हड़ताल को वापस ले लिया गया है। 4. क्या हड़ताल के कारण बैंक बंद रहेंगे? नहीं, हड़ताल वापस होने के कारण सभी बैंक शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहेंगी और कामकाज जारी रहेगा। https://trendkia.com/business/3-day-nationwide-bank-strike-cancelled-after-late-night-talks-between-iba-and-ufbu-39655 TrendKia — Har trend, sabse pehle.