# 40 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा अमेरिकी राष्ट्रीय कर्ज, जानिए आम नागरिकों और अर्थव्यवस्था पर इसका असर

> अमेरिका का कुल राष्ट्रीय कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे प्रति व्यक्ति कर्ज बोझ 1,20,000 डॉलर हो गया है और ब्याज भुगतान रक्षा बजट से भी ऊपर निकल गया है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-08-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/40-triliyana-dolara-ke-aitihasika-stara-para-pahuncha-us-rashtriya-karja-janie-ama-nagarikon-aura-arthavyavastha-para-isaka-asara-19074 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी कर्ज, यूएस ट्रेजरी, डोनाल्ड ट्रंप, जीडीपी, मुद्रास्फीति, वैश्विक अर्थव्यवस्था, ब्याज दरें

दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का सकल राष्ट्रीय कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर की अभूतपूर्व सीमा को पार कर गया है। अमेरिकी खजाना विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार देश का कुल कर्ज 40.047 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड आंकड़े पर पहुंच चुका है। यह मील का पत्थर ऐसे समय में सामने आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ सैन्य तनाव का सामना कर रहे हैं और निकट भविष्य में राजकोषीय राहत के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं। एक दशक से भी कम समय में अमेरिकी कर्ज 2017 के 20 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े से दोगुना से अधिक हो चुका है। मार्च 2026 में कर्ज 39 ट्रिलियन डॉलर था, जिसका अर्थ है कि महज पांच महीनों के भीतर इसमें 1 ट्रिलियन डॉलर की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

## कर्ज का नया आंकड़ा और ऐतिहासिक संदर्भ
इस 40 ट्रिलियन डॉलर के विशाल आंकड़े को यदि देश की 34 करोड़ की आबादी में समान रूप से विभाजित किया जाए, तो अमेरिका के प्रत्येक नागरिक पर 1,20,000 डॉलर का कर्ज बोझ आता है। यह आंकड़ा अमेरिका में एक एकल परिवार वाले घर के औसत मूल्य से भी अधिक है। राजकोषीय मामलों पर नजर रखने वाली संस्था कमेटी फॉर ए रिस्पॉन्सिबल फेडरल बजट की अध्यक्ष माया मैकगिनीज ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए टिप्पणी की है।

> "It is staggering how predictable the fiscal decline of a global power can become," माया मैकगिनीज ने कहा।
माया मैकगिनीज ने ध्यान दिलाया कि 1776 में देश की स्थापना के बाद अमेरिका के सकल कर्ज को पहली बार 1981 में 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने में लगभग 200 साल लगे थे। उस समय राष्ट्रपति रेगन ने देश को संबोधित करते हुए सचेत किया था।

> "If we as a nation needed a warning, let that be it," पूर्व राष्ट्रपति रेगन ने 1981 में कहा था।
वर्ष 2026 में अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर स्थिति यह है कि देश जितना कुल कर्ज 1981 में रखता था, उससे अधिक राशि केवल अपने कर्ज पर सालाना ब्याज चुकाने में खर्च कर रहा है।

## किसका कितना कर्ज: अमेरिकी उधारी का गणित
कुल 40.047 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज का वर्गीकरण दो प्रमुख श्रेणियों में किया जाता है। कुल उधारी का लगभग 81 प्रतिशत यानी 32.2 ट्रिलियन डॉलर सार्वजनिक कर्ज है। यह राशि आम नागरिकों, निजी व्यवसायों, अमेरिकी राज्यों, स्थानीय सरकारों और विदेशी सरकारों को देय है। शेष 7.8 ट्रिलियन डॉलर अंतःसरकारी कर्ज है, जो अमेरिकी सरकार विभिन्न सरकारी ट्रस्ट फंडों जैसे सोशल सिक्योरिटी और अन्य पेंशन योजनाओं से उधार लेती है।

विदेशी निवेशकों और सरकारों की बात करें तो अमेरिकी ट्रेजरी बांड में सबसे बड़ा गैर-अमेरिकी निवेशक जापान है। जून 2026 के आंकड़ों के मुताबिक जापान के पास 1.116 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी ट्रेजरी बांड मौजूद हैं। इस सूची में यूनाइटेड किंगडम 939.9 अरब डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि चीन 633.4 अरब डॉलर के ट्रेजरी प्रतिभूतियों के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है।

## कैसे काम करता है कर्ज चक्र और रोलओवर सिस्टम
एक आम सवाल यह उठता है कि क्या अमेरिकी सरकार को इस 40 ट्रिलियन डॉलर की पूरी राशि का नकद भुगतान बैंक खाते से करना होता है। इसका उत्तर कर्ज के रोलओवर तंत्र में छिपा है। जब किसी देश जैसे जापान के पास 1.1 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बांड होते हैं, तो अमेरिका उसे नकद या चेक में पूरी राशि नहीं लौटाता, बल्कि नई ट्रेजरी बिल, नोट्स और बांड जारी करता है।

इसे कर्ज का पुनर्वित्तपोषण या रोलओवर कहा जाता है। जब सरकार को 1 ट्रिलियन डॉलर की आवश्यकता होती है, तो वह ट्रेजरी बांड जारी करती है। निवेशक सरकार को 1 ट्रिलियन डॉलर देते हैं, जिसे सरकार सार्वजनिक कार्यों पर खर्च करती है और भविष्य में मूलधन व ब्याज चुकाने का वादा करती है। पुराने बांड की अवधि पूरी होने पर सरकार करों के जरिए राजस्व जुटाकर भुगतान करती है या नए बांड जारी करके पुराना कर्ज चुकता करती है।

## कर्ज और जीडीपी अनुपात की वैश्विक तुलना
किसी देश की कर्ज चुकाने की क्षमता का आकलन केवल कुल कर्ज की राशि से नहीं, बल्कि उसके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात से होता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के नवीनतम ट्रैकर के अनुसार अमेरिका का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात 125.8 प्रतिशत के तीन अंकों के स्तर पर पहुंच गया है।

दुनिया भर में केवल 19 देशों का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात 100 प्रतिशत से अधिक है, जिनमें अमेरिका नौवें स्थान पर आता है। इस सूची में सबसे अधिक अनुपात जापान का 204.4 प्रतिशत है, जिसके बाद सिंगापुर 171.9 प्रतिशत और सूडान 169.1 प्रतिशत के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

## जापान और अमेरिका की आर्थिक स्थिति में बुनियादी अंतर
जापान का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात 204.4 प्रतिशत होने के बावजूद वह गंभीर आर्थिक संकट से बचा हुआ है, जबकि अमेरिका के लिए 125.8 प्रतिशत का स्तर चिंताजनक है। इसका मुख्य कारण दोनों देशों की आर्थिक संरचना में अंतर है। जापान के कुल कर्ज का 90 प्रतिशत हिस्सा वहां के स्थानीय बैंकों और घरेलू निवेशकों के पास है, जिससे विदेशी निवेशकों द्वारा अचानक बांड बेचने का खतरा कम रहता है।

इसके अतिरिक्त जापान की बचत दर उसकी जीडीपी का लगभग एक तिहाई है, जो अमेरिका की बचत दर से दोगुनी है। इसके विपरीत अमेरिकी सरकार विदेशी बांडधारकों और वैश्विक निवेशकों पर अत्यधिक निर्भर है, जिससे बाजार में अनिश्चितता का जोखिम अधिक रहता है।

## आम नागरिक की जेब और अर्थव्यवस्था पर असर
माइकल ए. पीटरसन, जो पीटर जी. पीटरसन फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं, ने बढ़ती उधारी के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला है।

> "We are showing no signs of slowing down," माइकल ए. पीटरसन ने कहा।
पीटरसन के अनुसार अमेरिका में ब्याज लागत अब राष्ट्रीय रक्षा बजट के कुल खर्च से भी आगे निकल गई है। कर्ज में जुड़ने वाला प्रत्येक नया ट्रिलियन डॉलर ब्याज दरों और मुद्रास्फीति को बढ़ाता है। इसके चलते आम अमेरिकी नागरिकों के लिए होम लोन की किस्तें, कार लोन और क्रेडिट कार्ड का ब्याज महंगा हो जाता है। साथ ही आर्थिक विकास बाधित होता है और वेतन वृद्धि की गति धीमी पड़ जाती है जबकि जीवनयापन की लागत बढ़ती रहती है।

यदि वर्तमान नीतियों में सुधार नहीं किया गया तो सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल लागत में बढ़ोतरी के कारण अगले 6 वर्षों के भीतर अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज 50 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

## अमेरिकी खजाना विभाग के कदम और समाधान के रास्ते
बढ़ती चुनौतियों के बीच अमेरिकी खजाना विभाग ने 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की अवधि वाले दीर्घकालिक कूपन प्रतिभूतियों के लिए तरलता सहायता बायबैक संचालन के आकार को दोगुना करने का निर्णय लिया है। इसके तहत बायबैक सीमा को 2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 4 ट्रिलियन डॉलर किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि राजकोषीय संकट को दूर करने के लिए तत्काल उपाय आवश्यक हैं। पहला कदम नई उधारी पर पूरी तरह रोक लगाना होना चाहिए। इसके अलावा कानून निर्माताओं को जीडीपी के 3 प्रतिशत घाटे का लक्ष्य निर्धारित करना होगा और सोशल सिक्योरिटी जैसे संकटग्रस्त ट्रस्ट फंडों के पुनर्गठन के लिए द्विदलीय राजकोषीय आयोग का गठन करना होगा। चीन, रूस और ईरान जैसी वैश्विक शक्तियां अमेरिका के आर्थिक अवमूल्यन को भले ही उत्सुकता से देखें, लेकिन इस बजट समस्या का समाधान पूरी तरह अमेरिका के अपने नियंत्रण में है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** अमेरिकी कर्ज बढ़ने से डॉलर की मजबूती और वैश्विक ब्याज दरों पर दबाव बढ़ेगा, जिससे भारतीय मुद्रा और आयात लागत प्रभावित हो सकती है।

**वैश्विक स्तर पर:** आम लोगों के लिए होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दरें ऊंची बनी रहेंगी तथा महंगाई का बोझ बढ़ेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिका का कुल राष्ट्रीय कर्ज कितना हो गया है?
अमेरिकी खजाना विभाग के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका का सकल राष्ट्रीय कर्ज 40.047 ट्रिलियन डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

### 2. प्रत्येक अमेरिकी नागरिक पर कितना कर्ज बोझ है?
34 करोड़ की आबादी के आधार पर 40 ट्रिलियन डॉलर के कुल कर्ज का प्रति व्यक्ति हिस्सा लगभग 1,20,000 डॉलर बैठता है।

### 3. अमेरिका के ट्रेजरी बांड में सबसे बड़ा विदेशी निवेशक कौन है?
जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार जापान 1.116 ट्रिलियन डॉलर के ट्रेजरी बांड के साथ सबसे बड़ा गैर-अमेरिकी धारक है, जिसके बाद यूके और चीन का नंबर आता है।

### 4. अमेरिका का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात कितना है?
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार अमेरिका का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात 125.8 प्रतिशत है, जिससे यह दुनिया में नौवें स्थान पर है।

### 5. क्या कर्ज का असर ब्याज दरों और महंगाई पर पड़ता है?
हां, बढ़ता राष्ट्रीय कर्ज ब्याज लागत और मुद्रास्फीति को बढ़ाता है, जिससे होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड की दरें महंगी हो जाती हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._