7.8 प्रतिशत पहुंची भारत की GDP वृद्धि दर: सेमीकंडक्टर क्रांति और राजनीतिक तकरार के बीच अर्थव्यवस्था की नई रफ्तार भारत की तिमाही GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है। वहीं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदम और सुप्रीम कोर्ट द्वारा युवा प्रदर्शनकारियों की FIR रद्द करने का आदेश भी सुर्खियों में है। भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक मंदी की आशंकाओं और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बीच एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार देश की तिमाही GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शानदार आर्थिक प्रदर्शन पर देश के नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं और कहा है कि भारत के विकास को लेकर नकारात्मकता फैलाने वाले प्रयासों को जनता की मेहनत ने नाकाम कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद लगातार मजबूत हो रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत का प्रदर्शन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत की यह वृद्धि दर बेहद अहम मानी जा रही है। वर्तमान समय में चीन की GDP वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत और अमेरिका की वृद्धि दर महज 2.1 प्रतिशत दर्ज की गई है। भारत के इस 7.8 प्रतिशत के आंकड़े में दो प्रमुख क्षेत्रों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। देश का सर्विस सेक्टर 10 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ा है, जबकि मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर ने 9.2 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। अर्थव्यवस्था के जानकारों का मानना है कि सेवा और उत्पादन दोनों ही क्षेत्रों में यह उछाल देश के भीतर बढ़ती खपत और मजबूत विनिर्माण क्षमता का स्पष्ट प्रमाण है। किसी भी देश के स्थायी आर्थिक विकास के लिए इन दोनों मोर्चों पर एक साथ मजबूती मिलना बेहद शुभ माना जाता है। जीडीपी आंकड़ों पर राजनीतिक बयानबाजी इन आंकड़ों के सामने आने के बाद देश की राजनीति में तीखी बहस छिड़ गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने सरकार के इन दावों को महज एक प्रचार का जरिया बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर देश की अर्थव्यवस्था वाकई इतनी मजबूत स्थिति में है, तो बेरोजगारी का आंकड़ा 40 प्रतिशत से ऊपर कैसे बना हुआ है। खर्गे के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पलटवार किया और कहा कि विपक्ष की प्रतिक्रिया अंगूर खट्टे हैं वाली मानसिकता को दर्शाती है। दूसरी ओर, राहुल गांधी के एक पुराने बयान को लेकर भी चर्चा गरम रही, जिसमें उन्होंने पत्रकारों के सामने बार-बार कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के इसी रुख की ओर इशारा करते हुए कहा कि बार-बार फैलाए जा रहे झूठ और नकारात्मक सोच के बावजूद देश के आर्थिक आंकड़े खुद अपनी सफलता की कहानी बयां कर रहे हैं। वैश्विक संकटों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था का लचीलापन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा जाए तो खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटें पैदा हुईं। इन कारकों ने दुनिया भर के कई देशों की आर्थिक वृद्धि को नुकसान पहुंचाया। इसके बावजूद भारत ने अपनी विकास दर को 7.8 प्रतिशत पर बनाए रखा। इस सफलता के पीछे सरकार की रणनीति और बुनियादी ढांचागत बदलावों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। भारत ने अपने विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक जरूरतों के अनुसार ढाला है। इसके साथ ही विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए Production Linked Incentive जैसी योजनाएं लागू की गईं। भारत ने दुनिया के 40 देशों के साथ Free Trade Agreements पर हस्ताक्षर किए और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों यानी MSME क्षेत्र को बड़ा वित्तीय समर्थन दिया। इन सभी सरकारी कदमों का असर सीधे तौर पर कर संग्रह में भी देखा जा सकता है। पिछले वर्ष अगस्त में GST संग्रह 1.74 लाख करोड़ रुपये था, जो इस वर्ष अगस्त में बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संघर्ष और दो वर्षों का कोरोना संकट न होता, तो भारत की विकास दर इससे भी कहीं अधिक ऊंचाइयों पर होती। सेमीकंडक्टर चिप्स में भारत की आत्मनिर्भरता और निर्यात आर्थिक वृद्धि दर के इन आंकड़ों के बीच केंद्रीय IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने देश के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ वर्षों पहले तक भारत अपनी जरूरतों का 99 प्रतिशत सेमीकंडक्टर चिप्स दूसरे देशों से आयात करता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और भारत चिप्स का निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा चुका है। वर्तमान में दुनिया भर में सेमीकंडक्टर चिप्स का कुल बाजार 40 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक का है। भारत सरकार ने इस दिशा में सेमीकॉन 2.0 मिशन की शुरुआत की है, जिसके तहत 1 लाख 27 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट तय किया गया है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश के भीतर सेमीकंडक्टर चिप की पूरी आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि पहले 10 वर्षों में 85 हजार कुशल इंजीनियर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन भारत ने यह लक्ष्य महज 4 वर्षों में ही प्राप्त कर लिया है। चिप विनिर्माण का नेटवर्क और भविष्य की योजनाएं अश्विनी वैष्णव ने सेमीकंडक्टर तकनीक के कामकाज, उसके उपयोग और देश के छात्रों द्वारा तैयार किए जा रहे डिजाइनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सेमीकंडक्टर तकनीक में रुचि रखने वाले युवाओं से सुझाव और विचार भी मांगे हैं, जिनका अध्ययन करके वे जल्द ही एक विस्तृत व्याख्यात्मक प्रस्तुति साझा करेंगे। भारत ने वर्ष 2017 से 2025 के बीच चीन, अमेरिका, ताइवान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के सेमीकंडक्टर चिप्स का आयात किया था। इस निर्भरता को खत्म करने के लिए सरकार ने ठोस योजना तैयार की है। Semicon India पहल के तहत देश के 6 राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 3 बड़े प्लांट्स में उत्पादन भी शुरू हो चुका है, जो गुजरात के साणंद में स्थित हैं। इसके अलावा भारत ने मलेशिया को सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्यात भी सफलतापूर्वक शुरू कर दिया है। अगले 10 वर्षों में भारत इस क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ दुनिया का प्रमुख चिप निर्यातक देश बनने की ओर अग्रसर है। सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला और CJP का प्रदर्शन वापस देश के कानूनी और सामाजिक मोर्चे पर भी एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ दर्ज की गई सभी FIR रद्द करने का निर्देश दिया है। इसी सुनवाई के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि उन्होंने 5 सितंबर को दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रस्तावित अपने विरोध मार्च को वापस लेने का निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने CJP के इस कदम की सराहना की। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा या गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल 2800 से अधिक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा। दिल्ली पुलिस ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई करेगी और FIR दर्ज करेगी। छात्रों के लिए मुआवजा और राजनीतिक गतिरोध का समाधान NEET परीक्षा के रद्द होने के बाद जिन दुखद परिस्थितियों में कुछ छात्रों ने आत्महत्या की थी, उनके परिवारों के पुनर्वास और आर्थिक सहायता के लिए भी अदालत में आश्वासन दिया गया। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अगले 90 दिनों के भीतर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने के लिए एक पारदर्शी नीति बनाएगी। सुनवाई के दौरान CJP के प्रतिनिधि सौरव दास ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का आभार व्यक्त किया, जिस पर जस्टिस सूर्यकांत ने भी अपनी शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच चला आ रहा लंबा विवाद समाप्त हो गया है। केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह द्वारा किए गए वादों के पूरा होने के बाद CJP ने अपने आंदोलन को समाप्त करने की औपचारिक घोषणा कर दी। इसका आप पर असर यह खबर भारत के आम नागरिकों और व्यापार जगत दोनों के लिए सीधे तौर पर महत्वपूर्ण प्रभाव रखती है। • भारत में: देश में मजबूत GDP वृद्धि दर और रिकॉर्ड GST संग्रह से सरकारी राजस्व बढ़ेगा, जिससे बुनियादी ढांचे और जन कल्याणकारी योजनाओं में निवेश की रफ्तार तेज होगी। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर प्लांट्स की स्थापना से लाखों कुशल युवाओं के लिए देश में ही हाई-टेक नौकरियां पैदा होंगी। • उद्योग और MSME के लिए: सेमीकंडक्टर चिप्स के घरेलू उत्पादन से इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और स्मार्टफोन की लागत घटेगी और स्थानीय आपूर्ति आसान होगी। PLI योजनाओं के माध्यम से छोटे व मध्यम उद्योगों को विनिर्माण बढ़ाने का सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। • छात्रों और युवाओं के लिए: सुप्रीम कोर्ट द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की FIR रद्द किए जाने से युवाओं का करियर कानूनी अड़चनों से मुक्त हुआ है। NEET से प्रभावित परिवारों के लिए 90 दिन में मुआवजा नीति बनने से पीड़ित परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता प्राप्त होगी। सवाल-जवाब 1. भारत की चालू तिमाही की GDP वृद्धि दर कितनी दर्ज की गई है? भारत की तिमाही GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो चीन (4.3%) और अमेरिका (2.1%) से काफी अधिक है। 2. सेमीकंडक्टर 2.0 मिशन के लिए सरकार ने कितना बजट तय किया है? सरकार ने सेमीकंडक्टर 2.0 मिशन के लिए 1 लाख 27 हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। 3. भारत के सेमीकंडक्टर प्लांट्स वर्तमान में कहां संचालित हो रहे हैं? भारत के तीन चालू सेमीकंडक्टर प्लांट गुजरात के साणंद में स्थित हैं, जहां से मलेशिया को चिप्स का निर्यात शुरू हो चुका है। 4. सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी युवाओं के संबंध में क्या आदेश दिया है? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के अनुरोध पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द करने का आदेश दिया है। 5. NEET परीक्षा से प्रभावित परिवारों के लिए सरकार ने क्या आश्वासन दिया है? सरकार ने कोर्ट में आश्वासन दिया है कि NEET परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए 90 दिनों में नीति बनाई जाएगी। https://trendkia.com/business/7-8-percent-pahunchi-india-ki-gdp-vriddhi-dar-semiconductor-kranti-aur-rajneetik-takrar-ke-beech-arthavyavastha-ki-nai-raftar-26521 TrendKia — Har trend, sabse pehle.