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  "type": "article",
  "title": "अग्निवीरों का कार्यकाल बढ़कर हुआ छह साल, केंद्रीय कैबिनेट ने सेवा विस्तार और क्रिटिकल मिनरल योजना पर लगाई मुहर",
  "summary": "केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निवीरों के सेवाकाल को दो साल बढ़ाकर छह साल करने की मंजूरी दी है, जबकि महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू उत्पादन को गति देने के लिए एक नई योजना भी स्वीकृत की गई है।",
  "content": "केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रक्षा क्षेत्र और रणनीतिक संसाधनों को लेकर दो अहम नीतिगत घोषणाएं की हैं। सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले जवानों के सेवाकाल में दो साल की बढ़ोतरी को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही आयात पर देश की निर्भरता घटाने के इरादे से क्रिटिकल मिनरल क्षेत्र के लिए एक नई योजना को भी हरी झंडी दी गई है, जिसका सीधा जोर घरेलू स्तर पर जरूरी खनिजों के खनन और उत्पादन को तेज करने पर रहेगा।\n\nचार साल से बढ़ाकर छह साल की गई सेवा अवधि\nनए फैसले के मुताबिक अब अग्निवीर चार साल के बजाय कुल छह साल तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। कैबिनेट की बैठक संपन्न होने के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस निर्णय को भारतीय रक्षा बलों और सेवा में तैनात जवानों के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि मंत्रिमंडल के इस कदम से सभी अग्निवीरों के लिए नियमित सशस्त्र बलों में आगे बढ़ने और स्थायी रूप से शामिल होने का सुगम रास्ता तैयार हुआ है।\n\nआरंभिक योजना और समीक्षा का ढांचा\nअग्निपथ योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को की गई थी। उस वक्त यह स्पष्ट किया गया था कि योजना स्थिर नहीं रहेगी, बल्कि समय-समय पर जवानों के प्रदर्शन का गहन मूल्यांकन किया जाएगा और जमीनी अनुभवों के आधार पर नियमों की समीक्षा होती रहेगी। अब जबकि अग्निवीरों का सबसे पहला बैच अपनी चार वर्ष की निर्धारित कार्यावधि पूरी करने की दहलीज पर है, उनके कामकाज और युद्धक तैयारियों का व्यापक आकलन किया गया, जिसमें उनके योगदान को लेकर बेहद उत्साहवर्धक और सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।\n\nबाकी 75 फीसदी जवानों को नया अवसर\nमूल ढांचे में यह व्यवस्था तय थी कि चार साल पूरे होने के बाद मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित संवर्ग में स्थाई किया जाएगा। शेष 75 प्रतिशत जवानों को चार साल का कार्यकाल पूरा करके अनुशासित नागरिक के तौर पर नागरिक जीवन में लौटना था। संशोधित नियमों के तहत अब इस 75 फीसदी समूह को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा। यह अतिरिक्त दो साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, जो भी अग्निवीर सेना में आगे सेवा देना चाहेंगे, उन्हें निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों के आधार पर नियमित बलों में भर्ती का अवसर दिया जाएगा।\n\nइसका आप पर असर\nइस नीतिगत बदलाव का सीधा असर सेना में कार्यरत और आगामी बैचों के अग्निवीरों के करियर स्थायित्व पर पड़ेगा।\n\n• सशस्त्र बलों के जवानों पर: चार साल के बाद बाहर होने की अनिश्चितता कम होगी और दो अतिरिक्त वर्षों का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही छह साल पूरे होने के बाद वस्तुनिष्ठ चयन प्रक्रिया के तहत स्थायी सेना में भर्ती होने का सीधा मौका मिलेगा।\n• रक्षा भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं पर: अग्निपथ भर्ती के प्रति युवाओं का आकर्षण और भरोसा बढ़ेगा। छह साल के विस्तारित कार्यकाल से रक्षा सेवाओं में लंबी सेवा और बेहतर अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा।\n• औद्योगिक और खनन क्षेत्र पर: क्रिटिकल मिनरल्स योजना से देश में जरूरी खनिजों का घरेलू खनन और शोधन तेज होगा। इससे विनिर्माण उद्योगों के लिए विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता घटेगी और स्थानीय स्तर पर नए अवसर बनेंगे।\n• नागरिक समाज और सुरक्षा व्यवस्था पर: सेना में जवानों का अनुभव आधार बढ़ेगा जिससे सैन्य टुकड़ियों की दक्षता मजबूत होगी। अतिरिक्त दो वर्षों के प्रशिक्षण और सेवा से जवानों का तकनीकी तथा परिचालन कौशल भी अधिक निखरेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह निर्णय पहले बैच के चार साल के कार्यकाल की पूर्णता के करीब पहुंचने और उनके प्रदर्शन की समीक्षा के बाद लिया गया है।\n\n• सकारात्मक प्रदर्शन समीक्षा: चार वर्षों के दौरान अग्निवीरों के कामकाज का लगातार मूल्यांकन किया गया, जिसमें उनके प्रदर्शन को लेकर बेहद सकारात्मक नतीजे सामने आए। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर सरकार ने उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।\n• योजना की पूर्व-निर्धारित समीक्षा शर्त: 14 जून 2022 को योजना पेश करते वक्त ही यह तय किया गया था कि समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाएगी। पहले बैच की कार्यावधि समाप्त होने से पहले हुई उच्चस्तरीय समीक्षा ने इस संशोधन का आधार तैयार किया।\n• कच्चे माल की आत्मनिर्भरता: क्रिटिकल मिनरल्स योजना का फैसला देश की विदेशी आयात पर निर्भरता घटाने के लिए लिया गया है। रणनीतिक उद्योगों के लिए आवश्यक खनिजों का घरेलू उत्पादन बढ़ाना राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए आवश्यक हो गया था।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अग्निवीरों के कार्यकाल में कितना विस्तार किया गया है?\nकेंद्रीय कैबिनेट ने अग्निवीरों के कार्यकाल को दो साल का एक्सटेंशन दिया है, जिससे उनकी कुल सेवा अवधि चार साल से बढ़कर छह साल हो जाएगी।\n\n2. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस फैसले पर क्या कहा?\nउन्होंने इसे रक्षा बलों और अग्निवीरों के लिए ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि इससे सभी अग्निवीरों के सशस्त्र बलों में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।\n\n3. मूल योजना में स्थायी भर्ती को लेकर क्या प्रावधान था?\nशुरुआती योजना में चार साल बाद केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेना में शामिल करने और बाकी 75 प्रतिशत को सेवामुक्त करने का प्रावधान था।\n\n4. संशोधित योजना के तहत 75 फीसदी अग्निवीरों का क्या होगा?\nबाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का मौका मिलेगा, जिसके बाद इच्छुक जवानों को वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों के आधार पर नियमित बलों में भर्ती किया जाएगा।\n\n5. अग्निपथ योजना की शुरुआत कब हुई थी?\nअग्निपथ योजना की आधिकारिक शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा 14 जून 2022 को की गई थी।\n\n6. क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़ी नई योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?\nइस योजना का मकसद महत्वपूर्ण खनिजों के मामले में विदेशी आयात पर भारत की निर्भरता कम करना और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है।",
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  "publishedAt": "2026-11-04",
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