# अग्निवीरों का कार्यकाल बढ़कर हुआ छह साल, केंद्रीय कैबिनेट ने सेवा विस्तार और क्रिटिकल मिनरल योजना पर लगाई मुहर

> केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निवीरों के सेवाकाल को दो साल बढ़ाकर छह साल करने की मंजूरी दी है, जबकि महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू उत्पादन को गति देने के लिए एक नई योजना भी स्वीकृत की गई है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/agniveer-ka-karyakala-barhakara-hua-chhaha-sala-kendriya-kaibineta-ne-seva-vistara-aura-critical-mineral-yojana-para-lagai-muhara-56322 · **Language:** Hindi
**Tags:** अग्निपथ योजना, अग्निवीर, भारतीय सेना, केंद्रीय कैबिनेट, रक्षा मंत्रालय, क्रिटिकल मिनरल, एनएस राजा सुब्रमणि

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रक्षा क्षेत्र और रणनीतिक संसाधनों को लेकर दो अहम नीतिगत घोषणाएं की हैं। सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले जवानों के सेवाकाल में दो साल की बढ़ोतरी को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही आयात पर देश की निर्भरता घटाने के इरादे से क्रिटिकल मिनरल क्षेत्र के लिए एक नई योजना को भी हरी झंडी दी गई है, जिसका सीधा जोर घरेलू स्तर पर जरूरी खनिजों के खनन और उत्पादन को तेज करने पर रहेगा।

## चार साल से बढ़ाकर छह साल की गई सेवा अवधि
नए फैसले के मुताबिक अब अग्निवीर चार साल के बजाय कुल छह साल तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। कैबिनेट की बैठक संपन्न होने के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस निर्णय को भारतीय रक्षा बलों और सेवा में तैनात जवानों के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि मंत्रिमंडल के इस कदम से सभी अग्निवीरों के लिए नियमित सशस्त्र बलों में आगे बढ़ने और स्थायी रूप से शामिल होने का सुगम रास्ता तैयार हुआ है।

## आरंभिक योजना और समीक्षा का ढांचा
अग्निपथ योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को की गई थी। उस वक्त यह स्पष्ट किया गया था कि योजना स्थिर नहीं रहेगी, बल्कि समय-समय पर जवानों के प्रदर्शन का गहन मूल्यांकन किया जाएगा और जमीनी अनुभवों के आधार पर नियमों की समीक्षा होती रहेगी। अब जबकि अग्निवीरों का सबसे पहला बैच अपनी चार वर्ष की निर्धारित कार्यावधि पूरी करने की दहलीज पर है, उनके कामकाज और युद्धक तैयारियों का व्यापक आकलन किया गया, जिसमें उनके योगदान को लेकर बेहद उत्साहवर्धक और सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

## बाकी 75 फीसदी जवानों को नया अवसर
मूल ढांचे में यह व्यवस्था तय थी कि चार साल पूरे होने के बाद मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित संवर्ग में स्थाई किया जाएगा। शेष 75 प्रतिशत जवानों को चार साल का कार्यकाल पूरा करके अनुशासित नागरिक के तौर पर नागरिक जीवन में लौटना था। संशोधित नियमों के तहत अब इस 75 फीसदी समूह को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा। यह अतिरिक्त दो साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, जो भी अग्निवीर सेना में आगे सेवा देना चाहेंगे, उन्हें निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों के आधार पर नियमित बलों में भर्ती का अवसर दिया जाएगा।

## इसका आप पर असर
इस नीतिगत बदलाव का सीधा असर सेना में कार्यरत और आगामी बैचों के अग्निवीरों के करियर स्थायित्व पर पड़ेगा।

- **सशस्त्र बलों के जवानों पर:** चार साल के बाद बाहर होने की अनिश्चितता कम होगी और दो अतिरिक्त वर्षों का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही छह साल पूरे होने के बाद वस्तुनिष्ठ चयन प्रक्रिया के तहत स्थायी सेना में भर्ती होने का सीधा मौका मिलेगा।
- **रक्षा भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं पर:** अग्निपथ भर्ती के प्रति युवाओं का आकर्षण और भरोसा बढ़ेगा। छह साल के विस्तारित कार्यकाल से रक्षा सेवाओं में लंबी सेवा और बेहतर अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा।
- **औद्योगिक और खनन क्षेत्र पर:** क्रिटिकल मिनरल्स योजना से देश में जरूरी खनिजों का घरेलू खनन और शोधन तेज होगा। इससे विनिर्माण उद्योगों के लिए विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता घटेगी और स्थानीय स्तर पर नए अवसर बनेंगे।
- **नागरिक समाज और सुरक्षा व्यवस्था पर:** सेना में जवानों का अनुभव आधार बढ़ेगा जिससे सैन्य टुकड़ियों की दक्षता मजबूत होगी। अतिरिक्त दो वर्षों के प्रशिक्षण और सेवा से जवानों का तकनीकी तथा परिचालन कौशल भी अधिक निखरेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह निर्णय पहले बैच के चार साल के कार्यकाल की पूर्णता के करीब पहुंचने और उनके प्रदर्शन की समीक्षा के बाद लिया गया है।

- **सकारात्मक प्रदर्शन समीक्षा:** चार वर्षों के दौरान अग्निवीरों के कामकाज का लगातार मूल्यांकन किया गया, जिसमें उनके प्रदर्शन को लेकर बेहद सकारात्मक नतीजे सामने आए। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर सरकार ने उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
- **योजना की पूर्व-निर्धारित समीक्षा शर्त:** 14 जून 2022 को योजना पेश करते वक्त ही यह तय किया गया था कि समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाएगी। पहले बैच की कार्यावधि समाप्त होने से पहले हुई उच्चस्तरीय समीक्षा ने इस संशोधन का आधार तैयार किया।
- **कच्चे माल की आत्मनिर्भरता:** क्रिटिकल मिनरल्स योजना का फैसला देश की विदेशी आयात पर निर्भरता घटाने के लिए लिया गया है। रणनीतिक उद्योगों के लिए आवश्यक खनिजों का घरेलू उत्पादन बढ़ाना राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए आवश्यक हो गया था।

## सवाल-जवाब

### 1. अग्निवीरों के कार्यकाल में कितना विस्तार किया गया है?
केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निवीरों के कार्यकाल को दो साल का एक्सटेंशन दिया है, जिससे उनकी कुल सेवा अवधि चार साल से बढ़कर छह साल हो जाएगी।

### 2. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस फैसले पर क्या कहा?
उन्होंने इसे रक्षा बलों और अग्निवीरों के लिए ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि इससे सभी अग्निवीरों के सशस्त्र बलों में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

### 3. मूल योजना में स्थायी भर्ती को लेकर क्या प्रावधान था?
शुरुआती योजना में चार साल बाद केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेना में शामिल करने और बाकी 75 प्रतिशत को सेवामुक्त करने का प्रावधान था।

### 4. संशोधित योजना के तहत 75 फीसदी अग्निवीरों का क्या होगा?
बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का मौका मिलेगा, जिसके बाद इच्छुक जवानों को वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों के आधार पर नियमित बलों में भर्ती किया जाएगा।

### 5. अग्निपथ योजना की शुरुआत कब हुई थी?
अग्निपथ योजना की आधिकारिक शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा 14 जून 2022 को की गई थी।

### 6. क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़ी नई योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मकसद महत्वपूर्ण खनिजों के मामले में विदेशी आयात पर भारत की निर्भरता कम करना और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है।

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