अक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए प्रमुख शहरों में नए दाम तेल विपणन कंपनियों ने 1 अक्टूबर से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये से अधिक का इजाफा किया है, जबकि घरेलू रसोई गैस की दरें पहले की तरह स्थिर बनी हुई हैं। त्योहारी सीजन के ठीक मुहाने पर व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े उपभोक्ताओं को ईंधन के मोर्चे पर बड़ा वित्तीय झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने 1 अक्टूबर की तारीख से 19 किलोग्राम भार वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की खुदरा दरों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी लागू कर दी है। देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में इस नीले वाणिज्यिक सिलेंडर के भाव में 60 रुपये से ज्यादा का इजाफा दर्ज किया गया है। खानपान से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों, रेस्तरां, ढाबों, कैफे और होटल कारोबार में बड़े पैमाने पर उपयोग होने के चलते इस मूल्य संशोधन का सीधा वित्तीय दबाव खानपान उद्योग की परिचालन लागत पर पड़ेगा। दूसरी ओर, आम घरेलू उपभोक्ताओं को इस बार भी राहत मिली है क्योंकि रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर के दामों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत महानगरों में नए भाव लागू ईंधन दरों के प्रमुख बेंचमार्क माने जाने वाले शहर दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत सितंबर के दौरान ₹2,747.50 पर स्थिर थी। अब 1 अक्टूबर की नई दरें प्रभावी होने के बाद राजधानी में इसका दाम बढ़कर ₹2,810 के स्तर पर पहुंच गया है, यानी व्यवसायियों को प्रति सिलेंडर ₹62.50 की अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होगा। दिल्ली में यह लगातार दूसरा महीना है जब कीमतें ऊपर की ओर गई हैं, क्योंकि सितंबर की शुरुआत में भी प्रति सिलेंडर ₹9.50 का इजाफा दर्ज हुआ था। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी इस वाणिज्यिक ईंधन के दाम चढ़े हैं, जहां सिलेंडर ₹2,701 से बढ़कर ₹2,764 का हो गया है, जो सीधे तौर पर ₹63 की वृद्धि दर्शाता है। दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्र चेन्नई में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर के लिए ग्राहकों को अब ₹2,983 चुकाने पड़ेंगे, जबकि बीते सितंबर माह में यह दर ₹2,916.50 दर्ज की गई थी। गुजरात के अहमदाबाद शहर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का संशोधित खुदरा मूल्य ₹2,831.50 तय हुआ है। सुदूर भौगोलिक क्षेत्रों की बात करें तो देश के दक्षिणी छोर कन्याकुमारी में इसका भाव ₹3,046 हो गया है, जबकि पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के तवांग में नया मूल्य ₹3,073.50 के स्तर को छू गया है। घरेलू रसोई गैस की दरों में कोई बदलाव नहीं कमर्शियल वर्ग में तेज उछाल के उलट, घरों में सामान्य भोजन पकाने के काम आने वाले 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के मूल्य में पूरी तरह स्थिरता बरकरार रखी गई है। नई समीक्षा के बाद दिल्ली में घरेलू सिलेंडर ₹942 की पुरानी दर पर ही उपलब्ध रहेगा। मुंबई के निवासियों को 14.2 किलो का सिलेंडर ₹941.50 में और चेन्नई के उपभोक्ताओं को ₹957.50 में मिलेगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में घरेलू गैस की कीमत ₹979.50 तथा बिहार की राजधानी पटना में ₹1,031.50 पर अपरिवर्तित बनी हुई है। इसका अर्थ यह है कि दैनिक घरेलू बजट पर इस ताज़ा मूल्य वृद्धि का कोई सीधा वित्तीय असर नहीं होगा। किस व्यवस्था के तहत तय होती हैं एलपीजी की कीमतें भारत में एलपीजी सिलेंडरों के खुदरा मूल्य का निर्धारण मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय एलपीजी बाजार के मौजूदा रुझानों, बेंचमार्क दरों और विदेशी मुद्रा विनिमय दर में होने वाले उतार-चढ़ाव के गणित पर निर्भर करता है। तेल कंपनियां आम तौर पर पिछले कैलेंडर महीने के औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क आंकड़ों का विश्लेषण करके हर महीने की पहली तारीख को नई दरें अधिसूचित करती हैं। हालांकि, घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलोग्राम सिलेंडर के दाम पूरी तरह से अनियंत्रित बाजार व्यवस्था पर नहीं छोड़े जाते हैं। सरकार आम नागरिकों और मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट को मुद्रास्फीति के झटकों से बचाने के लिए समय-समय पर घरेलू दरों को स्थिर रखने का नीतिगत हस्तक्षेप कर सकती है। इसी दोहरी व्यवस्था के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल अथवा गैस के दाम बढ़ने पर भी घरेलू रसोई गैस की कीमतों में आनुपातिक बढ़ोतरी होना अनिवार्य नहीं होता है। इसका आप पर असर कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा वित्तीय असर होटल, ढाबा और बाहर खानपान सेवाओं के बिलों पर दिखाई दे सकता है। • होटल और रेस्तरां संचालकों पर असर: 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर पर ₹60 से ज्यादा बढ़ने से रसोई की लागत में सीधा इजाफा हुआ है। मासिक बजट संतुलित रखने के लिए भोजनालय और कैफे संचालक आगामी दिनों में मेनू की कीमतें बढ़ा सकते हैं। • आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर: बाहर खाना खाने, स्नैक्स और ऑनलाइन फूड डिलीवरी के बिलों में मामूली बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। त्योहारों के दौरान बाहर खानपान पर खर्च करने वाले लोगों को अतिरिक्त जेब ढीली करनी पड़ सकती है। • घरेलू रसोई के लिए राहत: 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सामान्य परिवारों को अपने नियमित मासिक गैस खर्च में फिलहाल किसी अतिरिक्त भुगतान की आवश्यकता नहीं होगी। • केटरिंग और इवेंट खर्च: त्योहारी सीजन में शादियों और पारिवारिक आयोजनों की केटरिंग दरों पर दबाव बढ़ सकता है। व्यावसायिक रसोइये और हलवाई अपने कोटेशन में ईंधन की बढ़ी लागत को जोड़ सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में यह संशोधन वैश्विक ऊर्जा रुझानों और मासिक मूल्य समीक्षा प्रक्रिया के तहत लागू हुआ है। • अंतरराष्ट्रीय बाजार दरें: वैश्विक बाजार में एलपीजी की बेंचमार्क कीमतों और कच्चे तेल के उत्पादों की लागत का मासिक औसत निकाला जाता है। पिछले महीने के अंतरराष्ट्रीय रुझानों में आई तेजी के कारण तेल कंपनियों ने व्यावसायिक दरों को संशोधित किया है। • विदेशी मुद्रा विनिमय दर: डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर आयातित ऊर्जा उत्पादों की अंतिम लागत तय करने में अहम भूमिका निभाती है। मुद्रा दरों में उतार-चढ़ाव का असर हर महीने के मूल्य निर्धारण पर पड़ता है। • घरेलू बनाम वाणिज्यिक मूल्य नीति: तेल कंपनियां कमर्शियल गैस की दरों को सीधे बाजार के अनुसार हर महीने बदलती हैं। इसके विपरीत, आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार घरेलू सिलेंडर दरों को स्थिर रखकर मूल्य वृद्धि को घरेलू बाजार में आने से रोकती है। सवाल-जवाब 1. 1 अक्टूबर से किस प्रकार के एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं? 1 अक्टूबर से केवल 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। 2. दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का नया भाव क्या है? दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर ₹62.50 महंगा होकर अब ₹2,810 का हो गया है। 3. क्या घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम भी बदले हैं? नहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें पूरी तरह स्थिर हैं और दिल्ली में यह ₹942 में ही मिलेगा। 4. मुंबई और चेन्नई में कमर्शियल सिलेंडर की नई दरें क्या हैं? मुंबई में कमर्शियल सिलेंडर का नया रेट ₹2,764 और चेन्नई में ₹2,983 तय किया गया है। 5. एलपीजी सिलेंडर के दाम किस आधार पर तय किए जाते हैं? दाम तय करने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की बेंचमार्क दरें और विदेशी मुद्रा विनिमय दर प्रमुख कारक होते हैं। https://trendkia.com/business/aktubara-ki-shuruata-men-19-kilo-vala-kamarshiyala-gaisa-silendara-hua-mahnga-janie-pramukha-shaharon-men-nae-dama-40875 TrendKia — Har trend, sabse pehle.