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  "title": "अल नीनो से निपटने के लिए PMO का बड़ा एक्शन: 262 जिलों में खेती और महंगाई पर नजर",
  "summary": "खरीफ सीजन के दौरान अल नीनो के संभावित प्रभावों को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने 15 मंत्रालयों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की है। सरकार ने फसलों की सुरक्षा से लेकर आम लोगों तक महंगाई की मार को रोकने के लिए एक विस्तृत रणनीति बनाई है।",
  "content": "खरीफ सीजन के दौरान अल नीनो से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी के मिश्रा की अगुवाई में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एक अहम उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस समीक्षा सत्र का मुख्य लक्ष्य अल नीनो के कारण कृषि उत्पादन, अर्थव्यवस्था की स्थिरता और आम लोगों के जीवन पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को न्यूनतम करना था। इस चर्चा में कृषि, विद्युत, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, मौसम विभाग (IMD) और उपभोक्ता मामलों सहित 15 से अधिक मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।\n\nमानसून का हाल और अल नीनो का असर\nबैठक में मौसम के बदलते मिजाज का विश्लेषण किया गया। गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मानसून ने सामान्य से करीब 10 दिन की देरी से प्रवेश किया था। हालांकि, जुलाई के शुरुआती दिनों में हुई संतोषजनक बारिश ने स्थिति में सुधार किया है। 7 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक, देश में बारिश की कमी का आंकड़ा घटकर अब केवल 12 प्रतिशत रह गया है। मौसम विभाग (IMD) का आकलन है कि जुलाई और अगस्त के दौरान हल्के से मध्यम स्तर का अल नीनो सक्रिय रह सकता है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि अल नीनो का अर्थ यह नहीं है कि पूरे देश में अकाल जैसी स्थिति बनेगी या हर क्षेत्र बारिश से वंचित रहेगा।\n\n262 जिलों के लिए तैयार विशेष रणनीति\nखाद्य सुरक्षा और कृषि प्रणाली को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सरकार ने जमीनी स्तर पर कार्ययोजना बनाई है। कृषि मंत्रालय ने बैठक में साझा किया कि देश के 262 सबसे संवेदनशील जिलों की पहचान की गई है, जिनके लिए विशेष आकस्मिक योजनाएं लागू की जा रही हैं। केंद्र सरकार इन जिलों में राज्यों के साथ मिलकर साप्ताहिक आधार पर बारिश की स्थिति, फसल बुवाई के पैटर्न, जलाशयों में पानी की उपलब्धता, बीज और उर्वरकों की आपूर्ति तथा फसलों में कीटों के प्रकोप जैसी स्थितियों की निरंतर निगरानी कर रही है।\n\nकिसानों और पशुपालन को मजबूती\nसरकार ने किसानों की आर्थिक और व्यावहारिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ (PMFBY) और ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ (KCC) के दायरे को तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रतिकूल मौसम की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। इसके अतिरिक्त, पशुपालन विभाग को पूरे देश में चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है, ताकि डेयरी उद्योग पर इस सूखे या गर्मी के मौसम का बुरा प्रभाव न पड़े।\n\nस्वास्थ्य और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति\nबैठक में स्वास्थ्य सेवाओं और बाजार में महंगाई को नियंत्रित रखने पर भी कड़े दिशा-निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय को लू, उमस भरी गर्मी और डेंगू-मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों पर बारीक नजर रखने के लिए कहा गया है, साथ ही राज्यों को समय पर चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया गया है। महंगाई को रोकने के लिए उपभोक्ता मामलों और उर्वरक मंत्रालय को दाल, चीनी, खाद्य तेल और यूरिया-डीएपी जैसे आवश्यक पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है।\n\nपेयजल की उपलब्धता पर विशेष जोर\nअत्यधिक अल नीनो प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी की आपूर्ति को सरकार ने अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है। प्रशासन को जलाशयों के पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और राज्य सरकारों के साथ पल-पल का समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि पानी की किल्लत से बचा जा सके।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: खाद्य वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति और सरकारी निगरानी से दाल, चीनी और उर्वरकों की कीमतों में स्थिरता रहने की उम्मीद है।\n\nस्थानीय स्तर पर: 262 संवेदनशील जिलों के किसान फसलों की सुरक्षा के लिए जारी विशेष सरकारी योजनाओं और फसल बीमा का लाभ उठा सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अल नीनो को लेकर PMO की बैठक में कितने मंत्रालयों ने भाग लिया?\nइस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, मौसम विभाग, उपभोक्ता मामले और जल संसाधन सहित 15 से अधिक मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।\n\n2. क्या पूरा भारत सूखे की चपेट में है?\nनहीं, मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार अल नीनो का मतलब यह नहीं है कि पूरे देश में सूखा पड़ेगा या हर हिस्से में कम बारिश होगी।\n\n3. सरकार ने कितने संवेदनशील जिलों की पहचान की है?\nसरकार ने देश के 262 सबसे संवेदनशील जिलों की पहचान की है जिनके लिए विशेष आकस्मिक योजनाएं बनाई गई हैं।\n\n4. किसानों को विपरीत परिस्थितियों में वित्तीय सुरक्षा कैसे मिलेगी?\nसरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को आर्थिक संबल मिल सके।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-07-07",
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    "अल नीनो",
    "कृषि सुरक्षा",
    "खाद्य महंगाई",
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