अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई महंगाई की चिंता, कच्चे तेल में फिर लगी आग अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव से कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर ऊपर चढ़ गई हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीदों को झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल के दाम घटने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए फिलहाल राहत की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही। अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने सस्ते ईंधन की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। इसी तनाव के चलते आज एक बार फिर कच्चे तेल के भाव में तेज उछाल देखने को मिला। बीते दिन ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 10 फीसदी का बड़ा उछाल दर्ज किया गया था, और यह तेजी अब भी थमने का नाम नहीं ले रही। तकनीकी संकेत भी यही कहानी कह रहे हैं। चार्ट पर दैनिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) में ब्रेकआउट सामने आया है, जो साफ इशारा है कि आने वाले दिनों में तेल के दाम और ऊपर की ओर बढ़ सकते हैं। जानकारों की नजर में यह रुझान बाजार पर लंबे समय तक दबाव बनाए रख सकता है। कहां पहुंचे तेल के दाम आज ब्रेंट क्रूड 1.66 फीसदी की बढ़त के साथ 84.82 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। इसी तरह अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) भी 2 फीसदी चढ़कर 79.88 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से शुरू हुए हमले हैं, साथ ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कायम करने की वॉशिंगटन की योजना ने आग में घी का काम किया है। इसी भू-राजनीतिक तनाव ने कीमतों को हवा दे दी। अमेरिकी हमले और ईरान का पलटवार अमेरिकी सेना ने ईरान में सैकड़ों ठिकानों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन हमलों का सीधा मकसद हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला करने की ईरान की ताकत को पूरी तरह खत्म करना है। जवाब में तेहरान भी पीछे नहीं हटा और उसने खाड़ी इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागकर आक्रामक तेवर दिखाए। ठप पड़ा हॉर्मुज, गिनती के जहाज गुजरे ईरान ने एक बार फिर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है और चेतावनी दी है कि जहाज उसके तय किए गए रास्तों के अलावा कहीं और से न गुजरें। दूसरी ओर अमेरिका ने इसी अहम जलमार्ग पर नियंत्रण की योजना का ऐलान कर दिया है। शिपिंग आंकड़े बताते हैं कि इस जंग का असर अब सीधे तेल की सप्लाई चेन पर पड़ने लगा है। रविवार को महज 12 घंटे के भीतर इस मार्ग से सिर्फ 9 जहाज ही आगे बढ़ सके, जबकि जंग शुरू होने से पहले यहां से रोजाना औसतन 130 जहाजों की आवाजाही हुआ करती थी। इसका आप पर असर • भारत में: कच्चे तेल के दाम चढ़ने से पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीद फिलहाल टल गई है, जिसका सीधा असर आपकी जेब और रोजमर्रा के खर्च पर पड़ सकता है। • निवेशकों के लिए: तेल की तेजी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव से सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है, जो ईंधन आधारित सामान और महंगाई दोनों को प्रभावित कर सकता है। सवाल-जवाब 1. आज कच्चे तेल की कीमत में कितनी तेजी आई? ब्रेंट क्रूड 1.66 फीसदी चढ़कर 84.82 डॉलर प्रति बैरल पर और अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) 2 फीसदी बढ़कर 79.88 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। 2. कच्चे तेल के दाम अचानक क्यों बढ़ रहे हैं? अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से शुरू हुए हमलों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की वॉशिंगटन की योजना के चलते कीमतों में उछाल आया है। 3. बीते दिन ब्रेंट क्रूड में कितनी बढ़त हुई थी? पिछले दिन ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 10 फीसदी का बड़ा उछाल दर्ज किया गया था। 4. हॉर्मुज जलडमरूमध्य से कितने जहाज गुजर पाए? रविवार को 12 घंटे के भीतर इस मार्ग से सिर्फ 9 जहाज ही गुजर सके, जबकि जंग से पहले यहां रोजाना औसतन 130 जहाजों की आवाजाही होती थी। 5. अमेरिकी हमलों का मकसद क्या था? अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन हमलों का मकसद हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को पूरी तरह कमजोर करना था। 6. क्या तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं? चार्ट पर दैनिक RSI में ब्रेकआउट दर्ज हुआ है, जो इशारा करता है कि आने वाले दिनों में कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। https://trendkia.com/business/america-iran-takarava-ne-barhai-mahngai-ki-chinta-crude-men-phira-lagi-aga-7494 TrendKia — Har trend, sabse pehle.