अमेरिका-ईरान सुलह से कच्चे तेल में भारी गिरावट, भारत में पेट्रोल-डीजल और LPG सस्ते होने की उम्मीद अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तुरंत खोलने के ऐलान के बाद ब्रेंट क्रूड 3.5% से ज्यादा और WTI करीब 5% लुढ़क गया, जिससे भारत जैसे बड़े आयातक देश को सीधी राहत मिल सकती है। पश्चिम एशिया से आई एक बड़ी राजनयिक खबर ने वैश्विक तेल बाजार का मूड पलट दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने और सबसे अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के ऐलान के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ गईं। भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करते हैं, इस गिरावट से सीधे लाभ की उम्मीद कर रहे हैं। कीमतों में कितनी गिरावट आई समझौते की खबर आते ही बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 3.5% से ज्यादा फिसलकर 83.48 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गया। वहीं अमेरिकी कच्चा तेल डब्‍ल्‍यूटीआई (West Texas Intermediate) इससे भी ज्यादा, करीब 5% टूटकर 80.61 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट इसलिए मायने रखती है क्योंकि बीते कुछ महीनों से तेल लगातार ऊंचाई पर बना हुआ था। युद्ध ने कैसे चढ़ाए थे दाम फरवरी के अंत में जब अमेरिका और ईरान के बीच टकराव युद्ध में बदला, तभी से कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल शुरू हो गया था। एक मौके पर ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंचा था। तुलना के लिए देखें तो युद्ध शुरू होने से पहले यही रेट करीब 70 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। तनाव की सबसे बड़ी चोट होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ी, जो बंद कर दिया गया था। यह वही रास्ता है जहां से दुनिया का करीब 20 फीसदी कच्चा तेल गुजरता है, इसलिए इसके बंद होने से सप्लाई को लेकर डर बना हुआ था। अब इसके दोबारा खुलने के ऐलान से बाजार ने राहत की सांस ली है। दाम गिरने की असली वजहें कीमतों में इस ताजा गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का फिर से खुलना है। इसके खुलते ही समुद्री व्यापार के पटरी पर लौटने की उम्मीद है और एशियाई देश एक बार फिर खाड़ी क्षेत्र से तेल मंगाना शुरू कर सकेंगे। राहत की एक और वजह सप्लाई की तरफ से आई है — इसी महीने पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) ने जुलाई से उत्पादन कोटा बढ़ाने का ऐलान किया था, यानी बाजार में तेल की उपलब्धता और बढ़ने वाली है। समझौते पर क्या कहा गया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर इस समझौते का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोल दिया जाएगा और अमेरिका की ओर से लगाया गया नौसैनिक प्रतिबंध भी हटा लिया जाएगा। TrendKia की जानकारी के अनुसार, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम ग़रीबाबादी ने इस समझौते की पुष्टि कर दी है। हालांकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष गालिबाफ की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। गौरतलब है कि यह संघर्ष 107 दिन बाद थमा है, जिसमें 60 दिन का युद्धविराम तय हुआ है और होर्मुज को खोलने पर सहमति बनी। https://trendkia.com/business/amerika-irana-sulaha-se-kachche-tela-men-bhari-giravata-bharata-men-petrola-dija-871 TrendKia — Har trend, sabse pehle.