अमेरिकी जज ने डोनाल्ड ट्रंप के टैक्स ऑडिट छूट वाले समझौते को किया खारिज एक अमेरिकी फेडरल जज ने उस समझौते को अमान्य करार दिया है जो डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार को टैक्स ऑडिट से हमेशा के लिए सुरक्षा प्रदान करता था। अमेरिकी फेडरल जज कैथलीन विलियम्स ने एक महत्वपूर्ण कानूनी निर्णय लेते हुए उस समझौते को शून्य कर दिया है, जिसके जरिए डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार को टैक्स ऑडिट की कार्रवाई से स्थायी रूप से राहत मिलने वाली थी। यह समझौता मूल रूप से उन्हें अतीत के टैक्स दावों की जांच से बचाने के लिए किया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जज ने कहा कि जिस मुकदमे के आधार पर यह समझौता किया गया था, उसका उद्देश्य पूरी तरह से अनुचित था। समझौते का आधार और अदालत की टिप्पणी जज कैथलीन विलियम्स ने अपनी टिप्पणी में स्पष्ट किया कि यह मामला दो पक्षों के बीच किसी वास्तविक कानूनी विवाद का परिणाम नहीं था। डोनाल्ड ट्रंप, उनके दो बेटों और ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन द्वारा 2026 में दायर इस मुकदमे को जज ने न्यायिक समाधान खोजने के बजाय वकीलों द्वारा की गई एक सोची-समझी कार्रवाई बताया। अदालत ने माना कि यह कानूनी लड़ाई ट्रंप और आंतरिक राजस्व सेवा यानी IRS के बीच किसी तथ्यात्मक असहमति को सुलझाने के लिए नहीं थी, जबकि राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप का IRS पर नियंत्रण है। मुकदमे की पृष्ठभूमि और वित्तीय विवाद जनवरी में दायर इस मुकदमे में डोनाल्ड ट्रंप ने IRS पर आरोप लगाया था कि एजेंसी ने उनकी वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखने में कोताही बरती। ट्रंप का दावा था कि एक पूर्व ठेकेदार को उनके टैक्स रिटर्न तक पहुंचने की अनुमति दी गई, जिससे बाद में यह जानकारी 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' और 'प्रोपब्लिका' जैसे मीडिया संस्थानों में सार्वजनिक हो गई। इस मुकदमे में डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप के अलावा ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन भी शामिल था। ट्रंप ने यह मुकदमा अपनी व्यक्तिगत हैसियत से दायर किया था, न कि राष्ट्रपति के आधिकारिक पद पर रहते हुए। समझौते का गलत उपयोग और एंटी-वेपनाइजेशन फंड अदालत ने पाया कि इस समझौते का मकसद केवल उन लोगों और संस्थाओं को सुरक्षा प्रदान करना था जो राष्ट्रपति से जुड़े थे। इसके अलावा, इस समझौते के तहत 1.8 बिलियन डॉलर का एक 'एंटी-वेपनाइजेशन' फंड बनाने की योजना थी, जिसे अब त्याग दिया गया है। जज के अनुसार, इस फंड के जरिए करदाताओं के पैसे को उन शिकायतों के निवारण में खर्च किया जाना था, जिनका कानून में कोई स्पष्ट आधार नहीं था। चार्ल्स लिटिलजॉन नामक पूर्व IRS ठेकेदार द्वारा टैक्स जानकारी लीक किए जाने के आरोपों के बाद ट्रंप ने निजी स्तर पर यह कानूनी कदम उठाया था, जिसे अब अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया है। इसका आप पर असर भारत में: अंतरराष्ट्रीय समाचारों के प्रति जागरूक रहने वाले निवेशकों और छात्रों के लिए यह निर्णय अमेरिकी शासन में कानूनी जवाबदेही के महत्व को दर्शाता है। अमेरिका में: इस निर्णय से डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार की वित्तीय जांचों से जुड़ी कानूनी सुरक्षा का रास्ता बंद हो गया है, जिसका प्रभाव भविष्य की税务 ऑडिट प्रक्रिया पर पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. जज ने डोनाल्ड ट्रंप के समझौते को क्यों रद्द किया? जज कैथलीन विलियम्स ने इसे रद्द कर दिया क्योंकि उन्हें लगा कि यह मुकदमा किसी वैध कानूनी विवाद को सुलझाने के बजाय अनुचित उद्देश्यों के लिए दायर किया गया था। 2. इस समझौते के तहत ट्रंप को क्या लाभ मिल रहा था? इस समझौते के जरिए ट्रंप और उनके परिवार को उनके अतीत के टैक्स दावों के ऑडिट से स्थायी रूप से छूट मिल रही थी। 3. इस मामले में 'एंटी-वेपनाइजेशन' फंड क्या था? यह 1.8 बिलियन डॉलर का एक फंड था जिसे समझौते के तहत बनाया जाना था, लेकिन अब इसे छोड़ दिया गया है। 4. डोनाल्ड ट्रंप ने IRS पर क्या आरोप लगाया था? उन्होंने आरोप लगाया था कि IRS ने उनकी वित्तीय जानकारी को ठीक से सुरक्षित नहीं रखा, जिसके कारण एक पूर्व ठेकेदार द्वारा उनका टैक्स डेटा लीक हो गया था। https://trendkia.com/business/ameriki-jaja-ne-donald-trump-ke-taiksa-dita-chhuta-vale-samajhaute-ko-kiya-kharija-7468 TrendKia — Har trend, sabse pehle.