एशियन पेंट्स का मुनाफा पहली तिमाही में 40% उछला, 1,539 करोड़ रुपये पर पहुंचा; रेवेन्यू 18% बढ़ा पेंट कंपनी एशियन पेंट्स ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे दिए हैं, जिसमें मुनाफा और आमदनी दोनों में दमदार दोहरे अंकों की बढ़ोतरी दर्ज हुई। देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी एशियन पेंट्स ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जोरदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने आमदनी और मुनाफे, दोनों मोर्चों पर मजबूत दोहरे अंकों की बढ़त हासिल की है, जिससे साफ है कि पेंट बाजार में उसकी पकड़ अब भी बरकरार है। 30 जून 2026 को खत्म हुई तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 1,539 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले यह आंकड़ा 9.9% ज्यादा है। वहीं परिचालन से मिलने वाली कंसॉलिडेटेड आमदनी भी करीब 18% बढ़कर लगभग 10,542 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। ऑपरेटिंग मोर्चे पर दमदार प्रदर्शन कंपनी का परिचालन प्रदर्शन भी उतना ही शानदार रहा। शुद्ध मुनाफा 1,539 करोड़ रुपये पर रहा, जो सालाना आधार पर करीब 40% ऊपर है। इसी दौरान एशियन पेंट्स का EBITDA 2,169 करोड़ रुपये रहा, जिसमें सालाना 33.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मार्जिन के लिहाज से देखें तो कंपनी का EBITDA मार्जिन 20.6% रहा। पिछले साल की समान तिमाही के 18.2% के मुकाबले इसमें करीब 240 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ है, जो लागत पर बेहतर नियंत्रण और मजबूत बिक्री की तरफ इशारा करता है। घरेलू डेकोरेटिव कारोबार बना सबसे बड़ा सहारा तिमाही के दौरान कंपनी के प्रदर्शन में सबसे बड़ा योगदान उसके मुख्य भारतीय डेकोरेटिव पेंट कारोबार का रहा। बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद इस सेगमेंट में 9% की वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज हुई, जिसका मतलब है कि ग्राहकों की मांग अब भी मजबूत बनी हुई है। मूल्य के हिसाब से यह सेगमेंट करीब 16.6% बढ़ा। डेकोरेटिव पेंट्स में लगातार बनी हुई यह बढ़त हाउसिंग और रेनोवेशन बाजार की मजबूती को दिखाती है। एशियन पेंट्स अपने विशाल डीलर नेटवर्क, मजबूत ब्रांड पहचान और नए-नए प्रोडक्ट्स के दम पर इस क्षेत्र में अपनी अगुवाई बनाए हुए है। विदेशी कारोबार में जबरदस्त उछाल कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार भी तेजी से आगे बढ़ा। विदेशी बाजारों में मांग में सुधार के चलते इंटरनेशनल बिजनेस की आमदनी सालाना आधार पर 27% बढ़ी। इससे भी बड़ी बात यह रही कि विदेशी कारोबार से मिलने वाला कर पूर्व मुनाफा (PBT) करीब 95% उछलकर 74 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही कंपनी के लिए यह विदेशी कारोबार आने वाले समय में ग्रोथ का एक अहम जरिया बनता जा रहा है। होम डेकोर में मिला-जुला असर अपने होम डेकोर पोर्टफोलियो में कंपनी को मिले-जुले नतीजे मिले। तिमाही के दौरान बाथ फिटिंग्स कारोबार को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जहां सुस्त मांग और प्रतिस्पर्धा का दबाव साफ दिखा। गौरतलब है कि एशियन पेंट्स अपनी लंबी अवधि की ग्रोथ रणनीति के तहत सिर्फ पेंट तक सीमित नहीं है। कंपनी किचन, बाथ फिटिंग्स, वॉटरप्रूफिंग, अडेसिव और फर्निशिंग जैसे होम डेकोर सेगमेंट में भी लगातार अपना दायरा बढ़ा रही है। शेयर पर कैसा रहा असर पहली तिमाही के नतीजों के ऐलान के बाद आज कारोबार के अंत में एशियन पेंट्स का शेयर 0.91% की बढ़त के साथ 2,761 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। इसका आप पर असर • निवेशकों के लिए: मुनाफे और आमदनी में दमदार बढ़त और बेहतर मार्जिन एशियन पेंट्स के शेयरधारकों के लिए सकारात्मक संकेत है, जिससे शेयर आज 0.91% चढ़कर 2,761 रुपये पर बंद हुआ। • ग्राहकों के लिए: डेकोरेटिव पेंट्स में 9% वॉल्यूम ग्रोथ बताती है कि घर की पेंटिंग और रेनोवेशन की मांग मजबूत बनी हुई है, और कंपनी किचन तथा वॉटरप्रूफिंग जैसे नए प्रोडक्ट्स भी बढ़ा रही है। सवाल-जवाब 1. एशियन पेंट्स का पहली तिमाही में शुद्ध मुनाफा कितना रहा? 30 जून 2026 को खत्म तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 1,539 करोड़ रुपये रहा। 2. कंपनी की आमदनी कितनी बढ़ी? परिचालन से कंसॉलिडेटेड आमदनी करीब 18% बढ़कर लगभग 10,542 करोड़ रुपये रही। 3. EBITDA और मार्जिन कैसा रहा? EBITDA 33.4% बढ़कर 2,169 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन 18.2% से बढ़कर 20.6% हो गया। 4. विदेशी कारोबार का प्रदर्शन कैसा रहा? इंटरनेशनल बिजनेस की आमदनी 27% बढ़ी और इससे मिलने वाला कर पूर्व मुनाफा करीब 95% उछलकर 74 करोड़ रुपये हो गया। 5. कौन सा कारोबार दबाव में रहा? बाथ फिटिंग्स कारोबार सुस्त मांग और प्रतिस्पर्धा के दबाव के चलते चुनौतियों का सामना करता रहा। 6. नतीजों के बाद शेयर कहां बंद हुआ? एशियन पेंट्स का शेयर 0.91% की बढ़त के साथ 2,761 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। https://trendkia.com/business/asian-paints-ka-munapha-pahali-timahi-men-40-uchhala-1-539-karora-rupaye-para-pahuncha-revenyu-18-barha-11844 TrendKia — Har trend, sabse pehle.