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  "type": "article",
  "title": "बागवानी फसलों को मौसम के नुकसान से बचाएगा सोलर ड्रायर, 1.40 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रहा विभाग",
  "summary": "राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत किसानों को सोलर ड्रायर लगाने पर 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जिससे खजूर, सांगरी और काचरी जैसी उपज सुरक्षित सुखाई जा सकेगी।",
  "content": "खेतों में तैयार होने वाली नकदी और बागवानी उपज को सुखाने की पारंपरिक प्रक्रिया में मौसम की मार अक्सर किसानों की मेहनत पर पानी फेर देती है। बीकानेर क्षेत्र में बहुतायत से उगने वाले खजूर, काचरी, सांगरी, सहजन और कद्दू वर्गीय उपजों को अब अचानक होने वाली बारिश, गहरे कोहरे, बादलों और अनचाही नमी से बचाने के लिए एक नई तकनीकी पहल की गई है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत उद्यान विभाग ने किसानों के खेतों में सोलर ड्रायर स्थापित करने की योजना शुरू की है। इस योजना में सरकार द्वारा तय इकाई लागत पर किसानों को सीधे 40 प्रतिशत की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे कम समय में उत्पादों को स्वच्छ माहौल में सुखाया जा सकेगा।\n\nखुले में सुखाने के जोखिम और किसानों की परेशानी\nबीकानेर जिले के ग्रामीण अंचलों में खजूर, काचरी, सांगरी, सहजन और कद्दू वर्गीय फसलों की बड़े पैमाने पर खेती होती है। तुड़ाई के बाद इन उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने के लिए किसान सदियों से चली आ रही पारंपरिक विधि अपनाते हैं, जिसमें उपज को खुले खेतों में या घरों की छतों पर बिछा दिया जाता है। इस खुली प्रक्रिया के दौरान हवा में उड़ने वाली धूल और मिट्टी उपज पर जम जाती है। इसके अलावा वातावरण में अचानक बढ़ने वाली नमी, कोहरा या बिना मौसम की बारिश से सूखी जा रही फसल सड़ने लगती है। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव से किसानों को उपज के साथ-साथ अपनी महीनों की गाढ़ी कमाई और मेहनत दोनों से हाथ धोना पड़ता है।\n\nबंद वातावरण में सुरक्षा और बेहतर बाजार भाव\nसोलर ड्रायर तकनीक से फसलों और सब्जियों को पूरी तरह से बंद तथा नियंत्रित वातावरण में सुखाने की सुविधा मिलती है। इस उपकरण के भीतर रहने से खाद्य सामग्री बाहरी गंदगी, धूल, कीटों और बारिश के पानी से पूरी तरह सुरक्षित रहती है, जिससे उत्पाद का प्राकृतिक रंग, स्वाद और पोषक तत्व जस के तस बने रहते हैं। स्वच्छ और मानकीकृत तरीके से सुखाए गए इन बागवानी उत्पादों की मंडियों और बाजारों में भारी मांग रहती है, जिससे किसानों को उनके माल का काफी बेहतर मूल्य मिल सकता है। कटाई उपरांत होने वाली भारी बर्बादी पर अंकुश लगने से किसानों की समग्र आय में इजाफा होने की मजबूत संभावना बनती है।\n\nक्षमतावार लागत और 40 प्रतिशत अनुदान का गणित\nउद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने वित्तीय मदद और तकनीकी ढांचे की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत दो अलग-अलग क्षमताओं के मॉडल पर सब्सिडी दी जा रही है। योजना में 70 किलोग्राम क्षमता वाले सोलर ड्रायर की मानक इकाई लागत 2.50 लाख रुपये तय की गई है, जिस पर 40 प्रतिशत अनुदान के तहत किसान को एक लाख रुपये की सरकारी छूट मिलेगी। वहीं बड़े स्तर पर काम करने के लिए 100 किलोग्राम क्षमता वाले सोलर ड्रायर की लागत 3.50 लाख रुपये रखी गई है, जिस पर विभाग की तरफ से 40 प्रतिशत के हिसाब से 1.40 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। दोनों ही श्रेणियों में अनुदान के बाद बचने वाली बाकी रकम का भुगतान किसान को स्वयं करना होगा।\n\nट्रे और सौर ऊर्जा प्रणाली की कार्यप्रणाली\nस्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र राठौड़ के अनुसार, सोलर ड्रायर कटाई के बाद के प्रबंधन के लिए एक बेहद असरदार साधन साबित हो रहा है। खुले आसमान के नीचे उपज सुखाते समय मौसम की अनिश्चितता सबसे बड़ी चुनौती बनी रहती है। घने कोहरे, बादलों के छाने या बूंदाबांदी से खुले में फैलाई गई सांगरी, खजूर, काचरी, सहजन की फलियां, सहजन की पत्तियां और कद्दू वर्ग की सब्जियां तेजी से खराब होती हैं। सोलर ड्रायर के भीतरी कक्ष में विशेष प्लेट और ट्रे लगी होती हैं, जिन पर सामग्री को करीने से व्यवस्थित किया जाता है। इससे धूल-धक्कड़ से बचाव होता है और बारिश का पानी अंदर नहीं पहुंचता। यह उपकरण सौर ऊर्जा की गर्मी को केंद्रित कर फलों और सब्जियों से नमी को बहुत तेजी से सोख लेता है, जिससे सुखाने की अवधि काफी घट जाती है।\n\nऑनलाइन आवेदन का तरीका और संपर्क सूत्र\nइस सरकारी योजना का लाभ उठाने की प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। उपनिदेशक उद्यान अनुसंधान एटीसी प्रेमाराम ने बताया कि जो भी किसान इस योजना के तहत अपने यहां सोलर ड्रायर लगवाना चाहते हैं, उन्हें राष्ट्रीय बागवानी मिशन के माध्यम से राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा। योजना से जुड़ी पात्रता शर्तों, जरूरी कागजात और आवेदन के बाकी चरणों को समझने के लिए काश्तकार उद्यानिकी विभाग के क्षेत्रीय सहायक कृषि अधिकारी या अपने इलाके के कृषि पर्यवेक्षक से सीधे संपर्क कर मार्गदर्शन हासिल कर सकते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयह योजना बागवानी किसानों को आधुनिक सोलर ड्रायर इकाई स्थापित करने के लिए सीधे 1.40 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।\n\n• बीकानेर और राजस्थान में: खजूर, काचरी और सांगरी उगाने वाले स्थानीय किसानों को कटाई के बाद खुले में फसल खराब होने के डर से मुक्ति मिलेगी। किसान अपनी उपज को धूल और अनचाही बारिश से बचाकर मंडियों में ज्यादा ऊंचे दामों पर बेच सकेंगे।\n• भारत में: राष्ट्रीय बागवानी मिशन के जरिए सौर ऊर्जा आधारित प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलने से पारंपरिक खेती में होने वाले भारी फसल नुकसान को कम किया जा सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पैकेज्ड खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और आपूर्ति में सुधार होगा।\n• सब्सिडी का दायरा: 70 किलो क्षमता वाले ड्रायर पर 1 लाख रुपये तथा 100 किलो क्षमता वाले संयंत्र पर 1.40 लाख रुपये का सरकारी अनुदान मिलेगा। इसके लिए किसानों को राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।\n• बजट प्रबंधन: 40 प्रतिशत सरकारी सहायता के अलावा बची हुई 60 प्रतिशत राशि की व्यवस्था किसान को खुद अपनी जेब से या बैंक ऋण से करनी होगी। इसलिए उपकरण की क्षमता का चुनाव अपने उत्पादन और बजट के अनुसार ही करें।\n\nऐसा क्यों हुआ\nखुले में पारम्परिक रूप से बागवानी उपज सुखाने के दौरान अचानक आने वाली बारिश, धूल, कोहरे और नमी के चलते होने वाले भारी नुकसान को रोकने के लिए इस सब्सिडी योजना को शुरू किया गया है।\n\n• मौसम की अनिश्चितता: बीकानेर में बड़े पैमाने पर पैदा होने वाले खजूर, सांगरी और काचरी को खुले में सुखाते वक्त अचानक बादल या बारिश होने से पूरी फसल सड़ने की कगार पर पहुंच जाती थी। खुले मैदान और छतों पर तेज हवाओं के कारण धूल और गंदगी जमने से गुणवत्ता भी काफी घट जाती थी।\n• कटाई उपरांत नुकसान पर नियंत्रण: सुरक्षित और बंद व्यवस्था न होने की वजह से किसानों को उचित बाजार मूल्य नहीं मिल पाता था और उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद होती थी। बंद सोलर ड्रायर में ट्रे प्रणाली के जरिए नमी को तेजी से सुखाकर उत्पाद को स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने लागत का 40 प्रतिशत वहन करने का निर्णय लिया।\n• डिजिटल और संस्थागत सहायता: कृषि वैज्ञानिकों और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से राज किसान साथी पोर्टल के जरिए पारदर्शी प्रक्रिया लागू की गई है ताकि आधुनिक तकनीक सीधे छोटे और मध्यम किसानों के खेतों तक पहुंच सके।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सोलर ड्रायर पर उद्यान विभाग कितना अनुदान दे रहा है?\nराष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत निर्धारित इकाई लागत पर 40 प्रतिशत तक का सरकारी अनुदान दिया जा रहा है।\n\n2. 70 किलोग्राम क्षमता वाले सोलर ड्रायर की लागत और सब्सिडी कितनी है?\nइसकी निर्धारित इकाई लागत 2.50 लाख रुपये है, जिस पर 40 प्रतिशत के अनुसार एक लाख रुपये का अनुदान मिलेगा।\n\n3. 100 किलोग्राम क्षमता वाले सोलर ड्रायर पर कितनी सहायता राशि मिलेगी?\n3.50 लाख रुपये की लागत वाले 100 किलोग्राम क्षमता के मॉडल पर 1.40 लाख रुपये तक की सरकारी सब्सिडी दी जाएगी।\n\n4. सोलर ड्रायर में मुख्य रूप से कौन से उत्पाद सुखाए जा सकते हैं?\nइसमें खजूर, काचरी, सांगरी, सहजन की फलियां व पत्तियां और कद्दू वर्गीय फसलों को सुरक्षित रूप से सुखाया जा सकता है।\n\n5. इस योजना के लिए आवेदन कहां और कैसे करना होगा?\nइच्छुक किसानों को राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।\n\n6. योजना की पात्रता और दस्तावेजों की जानकारी के लिए किससे संपर्क करें?\nकिसान अपने नजदीकी सहायक कृषि अधिकारी या क्षेत्रीय कृषि पर्यवेक्षक से संपर्क कर सकते हैं।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-09-20",
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