बैंकों की तीन दिवसीय हड़ताल टली, एसबीआई समेत सभी सरकारी शाखाओं में सामान्य रूप से होगा कामकाज यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की ओर से 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल स्थगित कर दी गई है, जिससे भारतीय स्टेट बैंक और अन्य सरकारी बैंकों की सेवाएं सुचारू रहेंगी। देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की ओर से 28 सितंबर से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिनों की देशव्यापी बैंक हड़ताल को टाल दिया गया है। देश के सबसे बड़े सरकारी ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने आधी रात 12:37 बजे सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक संदेश साझा कर इस महत्वपूर्ण फैसले की पुष्टि की है। इस निर्णय के बाद अब सभी सरकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में कार्यदिवसों के दौरान कामकाज पूरी तरह सामान्य दिनों की तरह जारी रहेगा। शाखाओं में कामकाज रहेगा पूरी तरह सामान्य भारतीय स्टेट बैंक ने ग्राहकों को आश्वस्त करते हुए बताया कि कर्मचारी संगठनों द्वारा आंदोलन स्थगित किए जाने के बाद शाखा नेटवर्क और अन्य सभी बैंकिंग परिचालन निर्बाध रूप से चलेंगे। चेक क्लीयरेंस, नकद लेनदेन, ड्राफ्ट बनवाने और खाता संचालन जैसी रोजमर्रा की सेवाएं बिना किसी रुकावट के उपलब्ध रहेंगी। बैंक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि हड़ताल की योजना वापस लिए जाने से शाखाओं के संचालन समय या सेवाओं की उपलब्धता में कोई बदलाव नहीं होगा। सप्ताह में दो दिन के अवकाश की मांग को लेकर था प्रस्ताव बैंक कर्मचारी यूनियनों के शीर्ष संगठन यूएफबीयू ने हफ्ते में पांच दिन कार्यदिवस और दो दिन के अवकाश की अपनी पुरानी मांग के समर्थन में 28 सितंबर से 30 सितंबर तक 3 दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था। बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारी लंबे समय से सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने की मांग उठा रहे हैं। वर्तमान में बैंकों में दूसरे और चौथे शनिवार को ही अवकाश रहता है। प्रस्तावित हड़ताल के टलने से एसबीआई सहित तमाम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में इस पूरे हफ्ते कामकाज पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। लगातार पांच दिनों के संभावित वित्तीय व्यवधान से मिली राहत इस हड़ताल के कारण सबसे बड़ा संकट यह खड़ा हो रहा था कि यह शनिवार और रविवार के नियमित साप्ताहिक अवकाश के ठीक बाद बुलाई गई थी। यदि 28 से 30 सितंबर तक शाखाएं बंद रहतीं, तो लगातार पांच दिनों तक बैंकिंग तंत्र ठप पड़ जाता। इससे न केवल कारोबारियों के लेन-देन और वेतन वितरण पर असर पड़ता, बल्कि आम जनता को भी नकद निकासी और जरूरी भुगतानों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता था। हड़ताल वापस होने से वित्तीय तंत्र में सुगमता बनी रहेगी। 19 सितंबर को दी गई थी पूर्व सूचना, रविवार को भी खुले थे बैंक इससे पहले एसबीआई ने 19 सितंबर को एक परामर्श जारी किया था। उसमें ग्राहकों को सचेत करते हुए बताया गया था कि कर्मचारी संगठनों ने 28 से 30 सितंबर के बीच हड़ताल का नोटिस दिया है। उस समय बैंक ने कहा था कि वह न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है, फिर भी खाताधारक अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लें। दूसरी ओर, वित्त मंत्रालय ने ग्राहकों की सुविधा और वित्तीय जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए रविवार, 27 सितंबर को भी देश के सभी सरकारी और ग्रामीण बैंकों को खुला रखने का निर्देश दिया था, जिसके तहत रविवार को भी शाखाओं में सामान्य कामकाज हुआ था। इसका आप पर असर हड़ताल स्थगित होने से आम नागरिकों और व्यापारियों को शाखाओं से जुड़ी नियमित बैंकिंग सेवाओं के लिए किसी व्यवधान का सामना नहीं करना पड़ेगा। • शाखा सेवाओं में निरंतरता: देशभर में एसबीआई और अन्य सरकारी बैंकों की शाखाएं 28 से 30 सितंबर तक सामान्य समय पर खुली रहेंगी। ग्राहक बिना किसी रुकावट के नकद जमा, निकासी और पासबुक प्रिंटिंग जैसे काम करवा सकते हैं। • चेक और ड्राफ्ट क्लीयरेंस: व्यापारिक और व्यक्तिगत चेक क्लीयरेंस में किसी देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सभी निर्धारित वित्तीय निपटान तय समयसीमा के भीतर पूरे होंगे। • त्योहारी सीजन में नकद उपलब्धता: शाखाओं और एटीएम में नकदी प्रबंधन सुचारू बना रहेगा। लंबे सप्ताहांत के बाद एटीएम खाली होने जैसी समस्या नहीं आएगी। • लोन और खाता प्रक्रिया: नए बैंक खाते खोलने, ऋण आवेदनों के सत्यापन और दस्तावेजी काम समय पर पूरे होंगे। खाताधारकों को अतिरिक्त प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। ऐसा क्यों हुआ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने कार्य परिस्थितियों में सुधार और सप्ताह में दो दिन के अवकाश की मांग को लेकर इस हड़ताल की रूपरेखा तैयार की थी। • पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग: बैंक यूनियनों की मुख्य मांग है कि सभी शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर कार्य सप्ताह को पांच दिनों का बनाया जाए। वर्तमान व्यवस्था के तहत दूसरे और चौथे शनिवार को ही बैंकों में अवकाश होता है। • हड़ताल टालने का निर्णय: कर्मचारी संगठनों और संबंधित पक्षों के बीच विचार-विमर्श के बाद प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल को स्थगित करने का फैसला लिया गया। इसके चलते पूर्व निर्धारित आंदोलन की तारीखों पर बैंकिंग सेवाएं बहाल रहेंगी। • पूर्व में दी गई चेतावनी: एसबीआई ने 19 सितंबर को ग्राहकों को इस संभावित हड़ताल के बारे में आगाह किया था ताकि वे जरूरी वित्तीय कार्य पहले ही पूरे कर सकें। बाद में आधी रात को जारी आधिकारिक सूचना के जरिए इसके टलने की पुष्टि की गई। सवाल-जवाब 1. क्या 28 से 30 सितंबर तक बैंक खुले रहेंगे? हाँ, यूएफबीयू द्वारा तीन दिवसीय हड़ताल स्थगित किए जाने के कारण एसबीआई सहित सभी सरकारी बैंक सामान्य रूप से खुले रहेंगे। 2. बैंक हड़ताल क्यों बुलाई गई थी? यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने सप्ताह में दो दिन के अवकाश और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर हड़ताल का आह्वान किया था। 3. एसबीआई ने हड़ताल टलने की जानकारी कब दी? भारतीय स्टेट बैंक ने आधी रात 12:37 बजे अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए हड़ताल टलने की जानकारी साझा की। 4. क्या 27 सितंबर रविवार को भी बैंक खुले थे? हाँ, वित्त मंत्रालय के निर्देश पर ग्राहकों की सुविधा के लिए रविवार, 27 सितंबर को सभी सरकारी और ग्रामीण बैंक खुले रखे गए थे। https://trendkia.com/business/bainkon-ki-tina-divasiya-haratala-tali-sbi-sameta-sabhi-sarakari-shakhaon-men-samanya-rupa-se-hoga-kamakaja-39794 TrendKia — Har trend, sabse pehle.