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  "type": "article",
  "title": "बनास डेयरी और सुजुकी मोटर का बनासकांठा में बायो-सीएनजी संयंत्र चालू, 80 रुपये प्रति किलो मिलेगा ईंधन",
  "summary": "गुजरात के बनासकांठा में बनास डेयरी और सुजुकी मोटर के साझा सहयोग से 100 MTPD क्षमता का नया बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित किया गया है, जहां से 80 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर ईंधन मिलेगा।",
  "content": "गुजरात के बनासकांठा जिले में स्वच्छ ऊर्जा प्रोत्साहन और हरित ईंधन बुनियादी ढांचे को विस्तार देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। धानेरा तहसील के विंचीवाड़ी क्षेत्र में बनास डेयरी तथा सुजुकी मोटर के साझा प्रयास से 100 MTPD (मीट्रिक टन प्रति दिन) गोबर प्रसंस्करण क्षमता वाले एक नवीन बायो-सीएनजी संयंत्र का लोकार्पण संपन्न हुआ है। इस आधुनिक सुविधा के क्रियान्वयन से क्षेत्र में वाहनों को पर्यावरण-अनुकूल ईंधन प्राप्त होगा, साथ ही यह सामान्य बाजार दरों की तुलना में बेहद किफायती मूल्य पर उपलब्ध कराया जा रहा है।\n\nबायो-सीएनजी के बढ़ते कदम और कुल क्षमता\nविंचीवाड़ी में इस नए संयंत्र के खुलने के साथ ही बनासकांठा जिले में बायो-सीएनजी उत्पादक इकाइयों की कुल संख्या बढ़कर 5 हो गई है। इन सभी पांचों संयंत्रों की संयुक्त गोबर प्रसंस्करण क्षमता अब 440 MTPD के स्तर पर पहुंच गई है। इन सभी इकाइयों के पूर्ण परिचालन से प्रतिदिन लगभग 7,950 किलोग्राम बायो-सीएनजी का उत्पादन किया जाएगा।\n\nईंधन निर्माण के अलावा यह संपूर्ण व्यवस्था जैविक कृषि को बढ़ावा देने में भी बड़ी भूमिका निभाएगी। इन संयंत्रों के माध्यम से प्रतिदिन व्यापक पैमाने पर जैविक उर्वरकों की आपूर्ति होगी, जिसमें 108 MTPD ठोस जैविक खाद (सॉलिड फर्टिलाइजर) तथा 336 MTPD द्रव जैविक खाद (लिक्विड फर्टिलाइजर) शामिल है। इससे स्थानीय किसानों को रसायन-मुक्त खेती के लिए बेहतर प्राकृतिक विकल्प प्राप्त होंगे।\n\nधानेरा में पहली बायो-सीएनजी टैक्सी और पंप की सुविधा\nलोकार्पण कार्यक्रम के अवसर पर धानेरा क्षेत्र से देश की पहली बायो-सीएनजी संचालित टैक्सी को हरी झंडी दिखाकर सड़क पर रवाना किया गया। यह विशेष पहल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग का नया उदाहरण पेश करती है।\n\nधानेरा में स्थापित किया गया बायो-सीएनजी रिटेल आउटलेट रोजाना 1.8 टन कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) तैयार करने में सक्षम है। इस आपूर्ति क्षमता के जरिए प्रतिदिन करीब 400 वाहनों के सीएनजी टैंकों में ईंधन भरा जा सकेगा, जिससे स्थानीय वाहन चालकों की ईंधन संबंधी जरूरतें आसानी से पूरी होंगी।\n\nईंधन की कीमतों में उपभोक्ताओं को राहत\nस्थानीय वाहन चालकों और उपभोक्ताओं के लिए यह नया संयंत्र आर्थिक दृष्टि से भी बेहद फायदेमंद साबित होने जा रहा है। बनास सीएनजी के इस केंद्र पर बायो-सीएनजी की दर 80 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है। वहीं, बाजार में उपलब्ध सामान्य सीएनजी का प्रचलित मूल्य 89 रुपये प्रति किलोग्राम है। इस प्रकार बनास सीएनजी की खरीदारी करने वाले वाहन स्वामियों को प्रति किलोग्राम सीधे 9 रुपये की बचत हासिल होगी, जिससे रोजाना सफर करने वाले व्यावसायिक और निजी चालकों को वित्तीय राहत मिलेगी।\n\nकार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथि\nविंचीवाड़ी में आयोजित इस उद्घाटन समारोह में सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन (SMC) के अध्यक्ष तोशिशिरो सुजुकी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके अतिरिक्त राज्य सरकार के मंत्री जितुभाई वाघाणी, गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी, मंत्री प्रवीणभाई माली, स्थानीय विधायक मावजीभाई देसाई तथा जिला पंचायत प्रमुख वसंतभाई पुरोहित ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और इस हरित परियोजना की सराहना की।\n\nकेन्द्रीय गोबरधन योजना और राष्ट्रीय लक्ष्य\nयह पहल केंद्र सरकार द्वारा जैव-ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने की व्यापक नीति के अनुकूल है। हाल ही में 6 अगस्त, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 23,731 करोड़ रुपये के कुल बजट आवंटन के साथ 'राष्ट्रीय चक्रीय जैव ऊर्जा योजना' यानी गोबरधन (GOBARdhan) योजना को स्वीकृति प्रदान की गई थी।\n\nगोबरधन योजना का प्राथमिक उद्देश्य देश भर में उपलब्ध कृषि अवशेषों, मवेशियों के गोबर, गन्ने की खोई (बगास), नगरपालिकाओं के जैविक कचरे और अन्य बायोस्रोतों को स्वच्छ ईंधन तथा उपयोगी जैविक खाद में परिवर्तित करना है। सरकार इस योजना के जरिए घरेलू कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के निर्माण को करीब 10 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य रख रही है, जिससे बड़े पैमाने पर निजी निवेश आकर्षित होगा और देश में एक सुदृढ़ चक्रिय जैव-अर्थव्यवस्था (सर्कुलर बायो-इकोनॉमी) का निर्माण हो सकेगा।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: गोबरधन योजना और कंप्रेस्ड बायोगैस के विस्तार से देश भर में कृषि अपशिष्ट से हरित ईंधन बनाने और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने के नए अवसर मिलेंगे।\n• गुजरात (बनासकांठा) में: स्थानीय वाहन मालिकों को सामान्य सीएनजी से 9 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ता ईंधन मिलेगा और पशुपालकों के गोबर की बिक्री से ग्रामीण आय बढ़ेगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बनासकांठा में स्थापित नए बायो-सीएनजी संयंत्र की क्षमता कितनी है?\nधानेरा के विंचीवाड़ी में स्थापित इस नए बायो-सीएनजी संयंत्र की क्षमता 100 MTPD गोबर प्रसंस्करण की है।\n\n2. बनास सीएनजी का मूल्य सामान्य सीएनजी से कितना कम है?\nबनास सीएनजी की कीमत 80 रुपये प्रति किलोग्राम रखी गई है, जो सामान्य सीएनजी (89 रुपये प्रति किलोग्राम) की तुलना में 9 रुपये सस्ती है।\n\n3. बनासकांठा जिले में कुल कितने बायो-सीएनजी प्लांट कार्यरत हैं?\nनए संयंत्र के चालू होने के बाद बनासकांठा जिले में बायो-सीएनजी प्लांट की कुल संख्या बढ़कर 5 हो गई है।\n\n4. नया बायो-सीएनजी संयंत्र दैनिक स्तर पर कितना ईंधन उत्पादित करेगा?\nजिले के सभी 5 संयंत्रों से मिलाकर रोजाना 7,950 किलोग्राम बायो-सीएनजी का उत्पादन किया जाएगा।\n\n5. गोबरधन योजना के तहत केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है?\n23,731 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना का लक्ष्य घरेलू कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन को 10 गुना बढ़ाना और चक्रिय जैव-अर्थव्यवस्था बनाना है।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-08-26",
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