बर्कशायर हैथवे में 56 साल बाद बड़ा बदलाव, वॉरेन बफेट ने चेयरमैन पद छोड़ा और हवर्ड संभालेंगे कमान वॉरेन बफेट ने 56 वर्षों तक बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद पर रहने के बाद इस्तीफा दे दिया है। अब उनके बेटे हवर्ड बफेट नए चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि ग्रेग एबेल मुख्य कामकाज देखते रहेंगे। वैश्विक निवेश जगत में पांच दशकों से अधिक समय तक ऐतिहासिक पहचान बनाने वाले दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट ने बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से हटने का फैसला किया है। 96 वर्षीय बफेट वर्ष 1970 से यानी बीते 56 वर्षों से लगातार कंपनी में इस अहम पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। कंपनी की ओर से शुक्रवार को दी गई जानकारी के अनुसार, पद छोड़ने के बाद वह तत्काल प्रभाव से चेयरमैन इमरेटस की नई भूमिका में आ गए हैं। इसके साथ ही वह बर्कशायर हैथवे के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में एक सामान्य सदस्य के तौर पर अपनी सेवाएं पहले की तरह देते रहेंगे। हवर्ड बफेट और ग्रेग एबेल के हाथों में नई कमान वॉरेन बफेट के चेयरमैन पद से अलग होने के बाद कंपनी के नेतृत्व की नई व्यवस्था स्पष्ट कर दी गई है। उनके बेटे हवर्ड बफेट अब बर्कशायर हैथवे के नए चेयरमैन की बागडोर संभालेंगे। हवर्ड बफेट वर्ष 1993 से ही कंपनी के बोर्ड का हिस्सा रहे हैं और संस्थान की कार्यप्रणाली को लंबे समय से करीब से देखते रहे हैं। नए चेयरमैन के तौर पर उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी बर्कशायर हैथवे की आंतरिक संस्कृति और मूल्यों को बनाए रखने की होगी। कंपनी के प्रशासनिक ढांचे में यह बदलाव पिछले साल के अंत में शुरू हुई उत्तराधिकार योजना की अगली कड़ी है। उस समय वॉरेन बफेट ने कंपनी के सीईओ पद से संन्यास ले लिया था और उनकी जगह ग्रेग एबेल को नया सीईओ नियुक्त किया गया था। इस तरह अब पूरे समूह का संचालन मुख्य तौर पर दो अधिकारियों के बीच बंटा रहेगा, जिसमें ग्रेग एबेल दिन-प्रतिदिन के मुख्य ऑपरेशन्स का प्रबंधन करेंगे और हवर्ड बफेट चेयरमैन पद से संस्थान के सिद्धांतों की निगरानी करेंगे। शेयरधारकों को लिखा पत्र और भविष्य पर जताया भरोसा चेयरमैन पद से हटने की घोषणा के साथ ही वॉरेन बफेट ने अपने शेयरधारकों को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने संस्थान के साथ अपने छह दशक लंबे सफर को साझा किया। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि वह 1965 से बर्कशायर की सेवा कर रहे हैं और 60 साल से ज्यादा का वक्त बीतने के बाद भी उनके पास दुनिया का सबसे बेहतरीन काम है। उन्होंने यह भी लिखा कि उनकी उम्र के बहुत कम लोग इस तरह की बात कह सकते हैं और उन्हें आगे आने वाले समय को लेकर कभी इतना बेहतर महसूस नहीं हुआ। बफेट ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि ग्रेग एबेल और हवर्ड बफेट के नेतृत्व पर उन्हें पूरा विश्वास है। 140 अरब डॉलर की संपत्ति और 66 अरब डॉलर के दान का रिकॉर्ड वॉरेन बफेट ने अपनी लगभग समूची व्यक्तिगत संपत्ति का निर्माण बर्कशायर हैथवे के शेयरों में लगातार निवेश और होल्डिंग के जरिए किया है। जुलाई 2026 तक उनकी कुल कुल संपत्ति का मूल्यांकन 140 अरब डॉलर से अधिक दर्ज किया गया था। वैश्विक स्तर पर शीर्ष धनकुबेरों में शुमार होने के साथ-साथ बफेट बड़े पैमाने पर परोपकारी कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं। साल 2006 से लेकर अब तक बफेट अपनी संचित दौलत में से करीब 66 अरब डॉलर मूल्य के शेयर विभिन्न कल्याणकारी और सामाजिक कार्यों के लिए दान कर चुके हैं। छह दशकों तक वित्तीय बाजारों को दिशा देने के बाद उनके इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट जगत में एक ऐतिहासिक युग के समापन और नए प्रशासनिक दौर के आगाज के रूप में देखा जा रहा है। इसका आप पर असर वॉरेन बफेट का बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से हटना वैश्विक शेयर बाजार और दीर्घकालिक मूल्य निवेशकों के लिए नेतृत्व स्थिरता का बड़ा संकेत है। • शेयरधारकों के लिए: कंपनी का मुख्य कारोबार पहले से तय योजना के मुताबिक सुचारू रूप से चलता रहेगा। ग्रेग एबेल सीईओ के रूप में दैनिक कामकाज देख रहे हैं और हवर्ड बफेट चेयरमैन पद संभालेंगे, इसलिए तुरंत किसी बड़े नीतिगत बदलाव की संभावना नहीं है। • दीर्घकालिक निवेशकों के लिए: मूल्य निवेश और शेयरधारकों के हितों की रक्षा करने वाली बर्कशायर की पारंपरिक संस्कृति आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। निवेशक बिना किसी घबराहट के कंपनी के फंडामेंटल्स और वित्तीय नतीजों पर अपना ध्यान केंद्रित रख सकते हैं। • परोपकारी अभियानों के लिए: बफेट के अपनी संपत्ति से किए जाने वाले दान का सिलसिला पूर्ववत चलता रहेगा। वर्ष 2006 से अब तक 66 अरब डॉलर के शेयर देने के बाद बची हुई 140 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति भी योजनाबद्ध तरीके से समाज कल्याण के कार्यों में लगती रहेगी। • कॉर्पोरेट उत्तराधिकार के लिए: बड़े कारोबारी घरानों के लिए यह व्यवस्थित नेतृत्व हस्तांतरण का एक आदर्श उदाहरण पेश करता है। वैश्विक कंपनियां सीख सकती हैं कि कैसे बिना बाजार में उथल-पुथल मचाए दशकों पुराने नेतृत्व को नई पीढ़ी को सौंपा जाता है। ऐसा क्यों हुआ यह कदम अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि बर्कशायर हैथवे द्वारा वर्षों से तैयार की जा रही व्यवस्थित उत्तराधिकार योजना का स्वाभाविक अगला चरण है। • बढ़ती उम्र और स्वाभाविक सेवानिवृत्ति: वॉरेन बफेट 96 वर्ष के हो चुके हैं और 1970 से यानी 56 वर्षों से लगातार चेयरमैन पद संभाल रहे थे। इस आयु में दैनिक कॉरपोरेट जिम्मेदारियों को कम करने के लिए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया। • चरणबद्ध उत्तराधिकार योजना: कंपनी ने पिछले साल के अंत में ग्रेग एबेल को सीईओ बनाकर परिचालन की बागडोर सौंप दी थी। परिचालन अलग होने के बाद बोर्ड और कॉर्पोरेट वैल्यू की सुरक्षा के लिए चेयरमैन पद पर हवर्ड बफेट को लाना इस योजना का अंतिम चरण था। • बोर्ड में निरंतरता बनाए रखना: हवर्ड बफेट 1993 से बर्कशायर के बोर्ड में शामिल रहे हैं और कंपनी के कार्यप्रणाली से पूरी तरह परिचित हैं। इसके साथ ही वॉरेन बफेट भी चेयरमैन इमरेटस और बोर्ड सदस्य के रूप में जुड़े रहेंगे ताकि नई टीम को उनका मार्गदर्शन मिलता रहे। सवाल-जवाब 1. वॉरेन बफेट ने बर्कशायर हैथवे में किस पद से इस्तीफा दिया है? वॉरेन बफेट ने बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया है। 2. वॉरेन बफेट कितने वर्षों से चेयरमैन पद पर थे? वॉरेन बफेट वर्ष 1970 से यानी लगातार 56 वर्षों से इस पद पर काबिज थे। 3. बर्कशायर हैथवे के नए चेयरमैन कौन बने हैं? वॉरेन बफेट के बेटे हवर्ड बफेट कंपनी के नए चेयरमैन बने हैं। 4. बर्कशायर हैथवे में ग्रेग एबेल की क्या भूमिका है? ग्रेग एबेल बर्कशायर हैथवे के सीईओ हैं और कंपनी के मुख्य ऑपरेशन्स संभालते हैं। 5. इस्तीफे के बाद वॉरेन बफेट कंपनी में क्या जिम्मेदारी निभाएंगे? वॉरेन बफेट तत्काल प्रभाव से चेयरमैन इमरेटस बन गए हैं और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य बने रहेंगे। 6. जुलाई 2026 तक वॉरेन बफेट की कुल संपत्ति कितनी आंकी गई थी? जुलाई 2026 तक उनकी कुल संपत्ति 140 अरब डॉलर से अधिक आंकी गई थी। 7. वॉरेन बफेट ने 2006 से अब तक कितना दान किया है? साल 2006 से अब तक वे विभिन्न कल्याणकारी कार्यों के लिए करीब 66 अरब डॉलर मूल्य के शेयर दान कर चुके हैं। प्रेरणा और सबक वॉरेन बफेट का जीवन और करियर धैर्य, अनुशासन, दूरदर्शिता और सामाजिक जिम्मेदारी की एक असाधारण मिसाल पेश करता है। • दीर्घकालिक सोच का महत्व: छह दशकों तक एक ही लक्ष्य पर टिके रहकर बफेट ने साबित किया कि धैर्य से काम करने पर असाधारण परिणाम मिलते हैं। छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय अपनी मूल ताकत और काम पर ध्यान केंद्रित रखना सबसे बड़ी पूंजी है। • साझेदारी और सही लोगों पर भरोसा: बफेट ने सही समय पर नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपते हुए ग्रेग एबेल और हवर्ड बफेट पर पूरा भरोसा जताया। एक सच्चा अगुआ वही होता है जो अपनी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सही लोगों की पहचान करे और उन्हें पूरा अधिकार दे। • दौलत के साथ सामाजिक जिम्मेदारी: 140 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति बनाने के बावजूद 66 अरब डॉलर से अधिक के शेयर दान कर उन्होंने दिखाया कि सफलता का असली पैमाना समाज को लौटाने में है। जीवन में साधन और संपन्नता हासिल करने के बाद जनकल्याण को प्राथमिकता देना सबसे बड़ा धर्म है। https://trendkia.com/business/berkshire-hathaway-men-56-sala-bada-bara-badalava-warren-buffett-ne-cheyaramaina-pada-chhora-aura-howard-snbhalenge-kamana-36069 TrendKia — Har trend, sabse pehle.