BIG3 बास्केटबॉल लीग के खिलाफ NFT निवेशकों का मुकदमा, धोखाधड़ी और वादे पूरे न करने का आरोप रैपर और एक्टर आइस क्यूब की बास्केटबॉल लीग BIG3 पर NFT खरीदारों ने मुकदमा किया है, जिनका आरोप है कि उन्हें टीम के स्वामित्व का झांसा देकर लाखों रुपये लिए गए लेकिन वादे पूरे नहीं किए गए। आइस क्यूब द्वारा शुरू की गई प्रोफेशनल 3-ऑन-3 बास्केटबॉल लीग, BIG3 के खिलाफ कैलिफोर्निया की सुपीरियर कोर्ट में एक क्लास एक्शन मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कानूनी कार्रवाई उन NFT खरीदारों द्वारा की गई है जिन्हें उम्मीद थी कि वे इस लीग में टीम के हिस्सेदार बनेंगे। यह मामला तब सामने आया है जब यह लीग सार्वजनिक होने की तैयारी में है। NFT बिक्री में धोखाधड़ी का आरोप पिछले जुलाई में दायर किया गया यह मुकदमा मंगलवार को वकीलों द्वारा सार्वजनिक किया गया। इसमें लीग पर भ्रामक और अवैध मार्केटिंग करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, BIG3 ने बिना पंजीकरण वाली प्रतिभूतियों के रूप में NFT बेचे। वादी पक्ष के वकील जोसेफ सकाई ने कहा कि यह मामला उन निवेशकों के साथ किए गए वादों के बारे में है, जो लीग के सबसे बड़े समर्थक भी थे। सकाई के मुताबिक, निवेशकों ने भारी धनराशि इस उम्मीद में दी थी कि उन्हें टीम प्रबंधन, सीजन टिकट और भविष्य में टीम की बिक्री से वित्तीय लाभ में भागीदारी मिलेगी। लीग ने इन अधिकारों को हमेशा के लिए देने का वादा किया था, लेकिन ये लाभ बमुश्किल तीन साल तक ही टिक पाए। क्या थे वादे और क्या मिली हकीकत? साल 2022 में BIG3 ने Ethereum-आधारित NFT बेचे थे। इसमें 'फायर' टियर के NFT 25,000 डॉलर प्रति पीस और 'गोल्ड' टियर के NFT 5,000 डॉलर में बिके थे। इन खरीदारों को VIP टिकट और टीम से जुड़े फैसलों में वोट देने जैसे विशेष अधिकार देने का वादा किया गया था। उस समय आइस क्यूब ने कहा था कि यह प्रशंसकों के लिए मालिक बनने का एक बेहतरीन तरीका है और इससे खेल जगत की धारणा बदल जाएगी। हालांकि, अब खरीदारों का आरोप है कि लीग ने अपने वादों को पूरा नहीं किया। मुकदमे के अनुसार, BIG3 ने निवेशकों को मालिक का दर्जा देने के बजाय सामान्य टिकट धारकों के स्तर पर ला खड़ा किया है। लीग ने उन्हें उन लाभों और टीम की बिक्री से होने वाली कमाई से वंचित रखा है, जिसका वादा एनएफटी बिक्री के समय किया गया था। 40 मिलियन डॉलर की कमाई और मौजूदा स्थिति BIG3 ने 2024 में बाहरी निवेशकों को अपनी चार टीमें बेचीं, जिससे उसे लगभग 40 मिलियन डॉलर की कमाई हुई। मुकदमे में कहा गया है कि इन टीम बिक्री का एक हिस्सा उन NFT धारकों का भी है, जिन्होंने लीग के शुरुआती निजी निवेशकों के रूप में पैसा लगाया था। डीसीबी स्पोर्ट्स को अधिकार बेचने की घोषणा से दो साल पहले ही, लीग ने सैकड़ों निजी निवेशकों को ये अधिकार बेच दिए थे। लीग के एक प्रतिनिधि ने इस पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन मीडिया को दिए एक बयान में कहा कि वादी पक्ष अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन कर सार्वजनिक रूप से मुकदमा कर रहा है, जबकि विवादों का समाधान गोपनीय मध्यस्थता के जरिए होना चाहिए था। वादी पक्ष हर्जाने और मुआवजे की मांग कर रहा है, जबकि लीग इसे व्यक्तिगत आधार पर मध्यस्थता के जरिए सुलझाने की कोशिश कर रही है। अब यह लीग अपने नौवें सीजन के दौरान एक SPAC के साथ विलय करके सार्वजनिक होने की योजना बना रही है, जिसका मूल्यांकन लगभग 290 मिलियन डॉलर है। वकील का कहना है कि वे इस नई खबर के आधार पर मुकदमे में संशोधन करेंगे। इसका आप पर असर भारत में: यह मामला निवेशकों के लिए एक चेतावनी है कि डिजिटल एसेट्स या NFT में निवेश करते समय किसी कंपनी के वादों को कानूनी अनुबंध के रूप में स्पष्ट रूप से समझना जरूरी है। सामान्य रूप से: जो लोग स्पोर्ट्स टोकन या ओनरशिप NFT में निवेश कर रहे हैं, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि लीग की भविष्य की योजनाओं (जैसे SPAC मर्जर) में उनके पहले के निवेश की स्थिति क्या होगी। सवाल-जवाब 1. BIG3 NFT निवेशकों ने लीग पर क्या आरोप लगाया है? निवेशकों का आरोप है कि BIG3 ने उन्हें टीम के स्वामित्व, प्रबंधन अधिकारों और मुनाफे में हिस्सेदारी का झांसा देकर बिना पंजीकरण वाली प्रतिभूतियों के रूप में NFT बेचे और वादे पूरे नहीं किए। 2. NFT बिक्री के दौरान कौन से टियर थे? लीग ने 2022 में 'फायर' टियर के NFT 25,000 डॉलर में और 'गोल्ड' टियर के NFT 5,000 डॉलर में बेचे थे। 3. BIG3 ने हाल ही में कितनी कमाई की? 2024 में BIG3 ने अपनी चार टीमें बाहरी निवेशकों को बेचकर लगभग 40 मिलियन डॉलर की कमाई की है। 4. लीग इस मामले पर क्या कह रही है? लीग के प्रतिनिधियों का कहना है कि विवादों का निपटारा गोपनीय मध्यस्थता के जरिए होना चाहिए और वादी पक्ष अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं। https://trendkia.com/business/big3-basketabola-liga-ke-khilapha-nft-niveshakon-ka-mukadama-dhokhadhari-aura-vade-pure-na-karane-ka-aropa-5588 TrendKia — Har trend, sabse pehle.