# बिहार के खगड़िया में मखाना उगाने पर ₹71,600 तक की सब्सिडी, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लक्ष्य तय

> खगड़िया जिले में मखाना विकास योजना के तहत तालाब और खेत प्रणाली से खेती करने वाले किसानों को ₹52,800 से लेकर ₹71,600 प्रति हेक्टेयर तक का अनुदान मिलेगा।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/bihar-ke-khagaria-men-makhana-ugane-para-71-600-taka-ki-sabsidi-vittiya-varsha-2026-27-ke-lie-lakshya-taya-35619 · **Language:** Hindi
**Tags:** मखाना खेती, खगड़िया, बिहार कृषि, मखाना विकास योजना, उद्यान विभाग, कृषि अनुदान, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड

घरेलू बाजारों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मखाने की निरंतर बढ़ती खपत को देखते हुए बिहार सरकार ने किसानों को इसकी पैदावार बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद देने का फैसला किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान मखाना विकास योजना के अंतर्गत खगड़िया जिले में किसानों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए विशेष लक्ष्य तय किए गए हैं। इस पहल की खासियत यह है कि उत्पादक पारंपरिक तालाबों के साथ-साथ सीधे खेतों में भी जलभराव कर आधुनिक प्रणाली से मखाना उगाकर सरकारी सहायता का लाभ उठा सकते हैं।

## तालाब और खेत प्रणाली के लिए अलग-अलग लक्ष्य
खगड़िया के जिला उद्यान पदाधिकारी अभय कुमार मंडल ने योजना के विवरण साझा करते हुए स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के अंतर्गत केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत तालाब आधारित मखाना उत्पादन के लिए जिले में कुल 25 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है। इस श्रेणी में चयनित किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹71,600 तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, खेत प्रणाली के जरिए मखाना उगाने को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 221 हेक्टेयर का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके तहत पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹52,800 का अनुदान प्रदान किया जाएगा।

## पात्रता के नियम और रकबे की सीमा
उद्यान विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार, दोनों ही प्रणालियों के तहत प्रत्येक पात्र किसान न्यूनतम 1 हेक्टेयर से लेकर अधिकतम 2 हेक्टेयर तक के रकबे के लिए इस सरकारी अनुदान का लाभ ले सकते हैं। इस कल्याणकारी योजना में अपनी जमीन रखने वाले रैयत किसानों के साथ-साथ गैर-रैयत यानी पट्टे या बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी शामिल किया गया है, जिससे भूमिहीन उत्पादकों को भी बराबर का अवसर मिल सके।

## नकदी फसल से आमदनी बढ़ाने की तैयारी
मखाना बिहार की प्रमुख नकदी फसलों में गिना जाता है और देश भर में होने वाले कुल मखाना उत्पादन में इस राज्य का योगदान सर्वाधिक है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस फसल के रकबे का विस्तार करना और किसानों की आय में ठोस वृद्धि दर्ज कराना है। खगड़िया जिले के इच्छुक किसान योजना की पात्रता शर्तों और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए अपने नजदीकी प्रखंड अथवा जिला उद्यान कार्यालय से सीधा संपर्क कर सकते हैं।

## इसका आप पर असर
खगड़िया में मखाना उगाने वाले किसानों को सीधे वित्तीय सहायता मिलेगी जिससे उत्पादन लागत कम होगी।

- **भारत में:** देश में मखाने की आपूर्ति बढ़ने से कीमतों में स्थिरता आ सकती है। प्रसंस्करण और व्यापार से जुड़े कारोबारियों को कच्चे माल की निरंतर उपलब्धता का लाभ मिलेगा।
- **खगड़िया में:** जिले के किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹52,800 से ₹71,600 तक की प्रत्यक्ष सहायता मिलेगी। इच्छुक उत्पादक 1 से 2 हेक्टेयर तक की सीमा में लाभ लेने के लिए स्थानीय उद्यान कार्यालय से आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
- **बटाईदारों के लिए:** गैर-रैयत किसानों को भी योजना में शामिल करने से बिना भूमि वाले उत्पादक लाभान्वित होंगे। वे लीज पर जमीन लेकर मखाना उगाकर अपनी आय में ठोस सुधार कर सकते हैं।
- **खेती के विकल्प:** खेत प्रणाली को बढ़ावा मिलने से जिन किसानों के पास निजी तालाब नहीं हैं वे भी फसल लगा सकेंगे। 221 हेक्टेयर का बड़ा लक्ष्य सामान्य खेतों में जलभराव कर खेती करने वालों के लिए नए अवसर खोलेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
घरेलू और वैश्विक बाजारों में मखाने की भारी मांग के कारण बिहार सरकार राज्य के उत्पादकों की आय बढ़ाने और फसल का रकबा बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता दे रही है।

- **बाजार की बढ़ती मांग:** पोषण और स्वास्थ्य लाभों के चलते देश-विदेश में मखाने की खपत काफी तेजी से बढ़ी है। सरकार उत्पादन क्षमता बढ़ाकर इस बड़े बाजार का अधिकतम लाभ स्थानीय किसानों तक पहुंचाना चाहती है।
- **उत्पादन क्षेत्र का विस्तार:** राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के तहत तालाबों के साथ-साथ खेतों में भी मखाना उगाने की तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी योजना के तहत खगड़िया जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 246 हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया है।
- **किसानों की आय में सुधार:** पारंपरिक फसलों की तुलना में मखाना एक उच्च मूल्य वाली नकदी फसल है। अनुदान के माध्यम से शुरुआती निवेश की लागत घटाकर किसानों की शुद्ध आय में इजाफा करना सरकार की प्राथमिकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. तालाब में मखाना उगाने पर कितना अनुदान दिया जा रहा है?
तालाब आधारित मखाना खेती के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹71,600 तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

### 2. खेत प्रणाली से मखाना उगाने पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
खेत प्रणाली योजना के तहत चयनित किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹52,800 का सरकारी अनुदान मिलेगा।

### 3. खगड़िया जिले में दोनों प्रणालियों के लिए कितना क्षेत्र निर्धारित किया गया है?
जिले में तालाब आधारित खेती के लिए 25 हेक्टेयर और खेत प्रणाली के लिए 221 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है।

### 4. एक किसान अधिकतम कितनी जमीन के लिए लाभ ले सकता है?
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र किसान न्यूनतम 1 हेक्टेयर से लेकर अधिकतम 2 हेक्टेयर तक की सीमा में लाभ उठा सकते हैं।

### 5. क्या गैर-रैयत किसान भी इस योजना के लिए पात्र हैं?
हां, इस योजना का लाभ रैयत और गैर-रैयत दोनों प्रकार के किसानों को दिया जाएगा।

### 6. आवेदन प्रक्रिया की जानकारी के लिए किसान कहां संपर्क कर सकते हैं?
इच्छुक किसान अपने संबंधित प्रखंड उद्यान कार्यालय या जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._