चीन को मिला विशाल खनिज भंडार, लड़ाकू विमानों और परमाणु रिएक्टरों की धातुओं समेत सोने की बड़ी खोज एक साल के व्यापक भूगर्भीय सर्वेक्षण के बाद चीन में रेनियम, जिरकोन, निकेल, सोना और सेमीकंडक्टर निर्माण में काम आने वाले 17 अहम खनिजों के नए भंडार मिले हैं। चीन के भूवैज्ञानिकों को एक साल के देशव्यापी अभियान के बाद जमीन के भीतर रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार मिले हैं। इस व्यापक खोज में कीमती सोने के अलावा लड़ाकू विमानों के आधुनिक जेट इंजनों में इस्तेमाल होने वाला रेनियम और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा के लिए जरूरी जिरकोन भी शामिल है। यह खोज ऐसे वक्त में सामने आई है जब दुनियाभर में महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर नियंत्रण को लेकर होड़ मची हुई है। साल भर चले राष्ट्रीय अभियान में 2,000 विशेषज्ञों की तैनाती इस बड़े पैमाने की खोज को अंजाम देने के लिए चीन ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया। एक वर्ष के दौरान 27 प्रांतों, स्वायत्त क्षेत्रों और नगर पालिकाओं में फैले 17 सबसे महत्वपूर्ण खनिजों की स्थिति का आकलन किया गया। इस विशाल अभियान में 100 से अधिक वैज्ञानिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों के लगभग 2,000 भूवैज्ञानिकों व सर्वेक्षकों ने हिस्सा लिया। सर्वेक्षण टीमों ने 1,800 से अधिक सक्रिय खदानों और दर्जनों बड़े तथा मध्यम आकार के खनन क्षेत्रों की बारीकी से जांच-पड़ताल की। जेट इंजन धातु रेनियम के भंडार में 200 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस सर्वेक्षण में सबसे महत्वपूर्ण बढ़त रेनियम के मामले में दर्ज की गई है। नई खोजों के सामने आने के बाद देश में रेनियम के ज्ञात भंडार 200 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ गए हैं। रेनियम पृथ्वी की सबसे दुर्लभ और मूल्यवान धातुओं में से एक है, जिसका मुख्य उपयोग उन्नत लड़ाकू विमानों और रॉकेट इंजनों के लिए अत्यधिक तापमान सहन करने वाले सुपर एलॉय बनाने में होता है। इस धातु के नए स्रोतों से देश के एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को कच्चा माल प्राप्त करने में मजबूत बढ़त मिलेगी। सोने और निकेल के विशाल भंडार दर्ज इस अन्वेषण अभियान में सोने और निकेल के मोर्चे पर भी व्यापक परिणाम मिले हैं। नए आकलनों के मुताबिक, खोजे गए सोने के नए भंडार 50 बड़े खनिज भंडारों के बराबर आंके गए हैं। वहीं निकेल के नए स्रोतों को 30 बड़े भंडारों के आकार के बराबर माना गया है। निकेल आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरियों, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और सैन्य हार्डवेयर का प्रमुख घटक है। वैश्विक बाजार में इन उत्पादों की तेजी से बढ़ती मांग के बीच इतने बड़े स्तर पर निकेल की उपलब्धता से स्थानीय विनिर्माण उद्योग की आपूर्ति व्यवस्था को सीधा संबल मिलेगा। परमाणु रिएक्टरों के लिए जिरकोन और सेमीकंडक्टर धातुएं शिनजियांग के बाइचेंग इलाके में जिरकोन का एक बड़ा नया भंडार चिन्हित किया गया है। जिरकोन से प्राप्त होने वाले जिरकोनियम का इस्तेमाल परमाणु रिएक्टरों में यूरेनियम ईंधन छड़ों की बाहरी सुरक्षा परत (क्लैडिंग) तैयार करने में होता है। चीन इस विशेष खनिज के लिए अब तक विदेशी आयात पर बहुत हद तक निर्भर रहा है, इसलिए इस घरेलू भंडार का मिलना रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है। इसके अलावा चिप और सेमीकंडक्टर उद्योग में अनिवार्य माने जाने वाले गैलियम, इंडियम, टैंटेलम और वैनेडियम जैसे दुर्लभ तत्वों के भंडारों का भी पुनर्मूल्यांकन किया गया है। अतीत में इन खानों को कम गुणवत्ता वाला मानकर छोड़ दिया गया था, लेकिन नए तकनीकी सर्वे में इनकी वास्तविक आर्थिक क्षमता और गुणवत्ता प्रमाणित हो गई है। इसका आप पर असर रणनीतिक खनिजों के इतने बड़े भंडार मिलने से वैश्विक स्तर पर आधुनिक रक्षा, तकनीकी और हरित ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं का संतुलन प्रभावित हो सकता है। • तकनीकी उत्पादों की कीमतें: इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और इलेक्ट्रिक वाहनों में निकेल तथा सेमीकंडक्टर धातुओं की घरेलू आपूर्ति बढ़ने से विनिर्माण लागत स्थिर रह सकती है। इससे लंबे समय में उपभोक्ताओं को बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक्स के दाम नियंत्रित रहने का लाभ मिल सकता है। • वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला: रेनियम और जिरकोन जैसी दुर्लभ धातुओं पर चीन की पकड़ मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति संतुलन बदल सकता है। जो देश इन आयातों पर निर्भर हैं, उन्हें अपने रणनीतिक भंडार और व्यापारिक नीतियों पर फिर से विचार करना पड़ सकता है। • ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र: परमाणु रिएक्टरों और लड़ाकू विमानों के लिए जरूरी कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ने से बाहरी निर्भरता कम होगी। इससे संबंधित उद्योगों की उत्पादन गति और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की संभावना है। • निवेश और खनिज बाजार: सोने और निकेल के नए भंडारों के मूल्यांकन से धातुओं के वैश्विक मूल्य निर्धारण और खनन क्षेत्र में निवेश के प्रवाह पर असर पड़ सकता है। धातु निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति स्तरों और नई खदानों के उत्पादन समय पर नजर रखनी होगी। ऐसा क्यों हुआ यह महत्वपूर्ण खोज चीन द्वारा महत्वपूर्ण खनिजों के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने और रणनीतिक आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए चलाए गए एक केंद्रित राष्ट्रीय अभियान का परिणाम है। • गहन भूगर्भीय जांच: देश के 27 प्रशासनिक क्षेत्रों में 100 से अधिक संस्थानों के 2,000 विशेषज्ञों ने एक साल तक आधुनिक तकनीकों से सक्रिय खदानों और संभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया। इस सघन परीक्षण से जमीन के नीचे मौजूद छिपे संसाधनों की सटीक पहचान संभव हुई। • आयात निर्भरता कम करने का लक्ष्य: परमाणु रिएक्टरों में प्रयुक्त होने वाले जिरकोन और रक्षा क्षेत्र के लिए जरूरी दुर्लभ धातुओं के लिए देश लंबे समय से विदेशी आपूर्ति पर निर्भर था। इस रणनीतिक कमजोरी को दूर करने के लिए सरकार ने घरेलू संसाधनों की खोज को शीर्ष प्राथमिकता दी। • पुरानी खदानों का पुनर्मूल्यांकन: चिप निर्माण में काम आने वाले गैलियम, इंडियम, टैंटेलम और वैनेडियम के कई भंडारों को पहले कम गुणवत्ता वाला मानकर छोड़ दिया गया था। नए तकनीकी सर्वे और आधुनिक प्रसंस्करण विधियों के जरिए इन पुराने भंडारों की वास्तविक उपयोगिता और मूल्य को फिर से साबित किया गया। सवाल-जवाब 1. चीन में खनिज खोज के इस अभियान में कितने विशेषज्ञ शामिल थे? इस एक साल के अभियान में 100 से अधिक वैज्ञानिक संस्थानों के लगभग 2,000 भूवैज्ञानिकों और सर्वेक्षकों ने 1,800 से अधिक खदानों की जांच की। 2. सर्वेक्षण में रेनियम के भंडार में कितनी वृद्धि दर्ज की गई? सर्वेक्षण के बाद रेनियम के ज्ञात भंडारों में 200 प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 3. रेनियम का मुख्य उपयोग किस उद्योग में किया जाता है? रेनियम का उपयोग आधुनिक लड़ाकू विमानों और रॉकेटों के लिए अत्यधिक तापमान सहने वाले सुपर एलॉय जेट इंजन बनाने में होता है। 4. खोजे गए सोने और निकेल के नए भंडारों का आकार कितना आंका गया है? सोने के नए भंडार 50 बड़े खनिज भंडारों के बराबर हैं, जबकि निकेल के भंडार 30 बड़े भंडारों के आकार के बराबर पाए गए हैं। 5. शिनजियांग के बाइचेंग में कौन सा महत्वपूर्ण खनिज मिला है? बाइचेंग में जिरकोन का बड़ा भंडार मिला है, जिसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों में यूरेनियम ईंधन छड़ों की क्लैडिंग बनाने में किया जाता है। 6. सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए कौन से महत्वपूर्ण खनिज चिन्हित किए गए हैं? सर्वेक्षण में चिप निर्माण के लिए जरूरी गैलियम, इंडियम, टैंटेलम और वैनेडियम जैसे खनिजों के भंडारों का पुनर्मूल्यांकन किया गया है। https://trendkia.com/business/china-ko-mila-vishala-khanija-bhndara-laraku-vimanon-aura-paramanu-riektaron-ki-dhatuon-sameta-sone-ki-bari-khoja-53898 TrendKia — Har trend, sabse pehle.