# दलाल स्ट्रीट पर जियो प्लेटफॉर्म्स की ऐतिहासिक दस्तक, संस्थागत निवेशकों ने लगाई 2.5 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बोली

> जियो प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम ने घरेलू पूंजी बाजार में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए करीब 2,50,000 करोड़ रुपये की कुल संस्थागत बोलियां आकर्षित की हैं।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/dalala-strita-para-jio-platforms-ki-aitihasika-dastaka-snsthagata-niveshakon-ne-lagai-2-5-lakha-karora-rupaye-ki-rikorda-boli-50009 · **Language:** Hindi
**Tags:** जियो प्लेटफॉर्म्स, आईपीओ, शेयर बाजार, रिलायंस, म्यूचुअल फंड, एंकर निवेशक

भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में किसी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ के प्रति ऐसी दीवानगी पहले कभी नहीं देखी गई। दूरसंचार और डिजिटल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने प्राथमिक बाजार में कदम रखते ही वित्तीय विश्लेषकों के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है। वैश्विक स्तर के दिग्गज फंड हाउस और घरेलू वित्तीय घरानों ने कंपनी के सार्वजनिक निर्गम में अपनी अभूतपूर्व दिलचस्पी दिखाई है। इस पेशकश के दौरान संस्थागत बोलीदाताओं की ओर से लगभग 2,50,000 करोड़ रुपये का विशाल निवेश प्रस्ताव दर्ज किया गया है। भारत के वित्तीय इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी एक निर्गम के संस्थागत हिस्से के लिए इतनी भारी राशि की बोलियां सामने आई हैं।

## एंकर बुक में आवंटन के मुकाबले तीस गुना से अधिक रुचि
पब्लिक इश्यू के औपचारिक तौर पर खुलने से पूर्व तैयार की गई एंकर बुक को लेकर निवेशकों में असाधारण होड़ देखने को मिली। कंपनी ने संस्थागत निवेशकों के लिए 8110 करोड़ रुपये की एंकर बुक का आकार निर्धारित किया था। जब बोलियां बंद हुईं, तब यह आंकड़ा मूल आकार से 30 गुना से भी अधिक निकल चुका था। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बड़ी रकम के एंकर हिस्से पर इस स्तर का अधिशुल्क यह साफ दर्शाता है कि बड़े फंड प्रबंधकों को कंपनी की कारोबारी मजबूती, भावी लाभ कमाने की क्षमता और दीर्घकालिक स्तर पर शेयरधारकों के लिए संपत्ति निर्माण पर पूरा भरोसा है। इसके अलावा कंपनी द्वारा तय किए गए निर्गम के मूल्यांकन को भी संस्थागत मंचों ने बेहद आकर्षक माना है।

## दुनिया के शीर्ष फंड प्रबंधकों ने दिखाई दिलचस्पी
इस ऐतिहासिक निर्गम के एंकर वर्ग में वैश्विक वित्तीय तंत्र के सबसे प्रभावशाली नाम शामिल हुए। अंतरराष्ट्रीय संपत्ति प्रबंधन उद्योग के प्रमुख दिग्गजों ने जियो प्लेटफॉर्म्स की विकास गाथा में हिस्सेदारी लेने के लिए बड़े दांव लगाए हैं। इनमें ब्लैकरॉक, फिडेलिटी, कैपिटल ग्रुप, टी. रो प्राइस, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, इनवेस्को, श्रोडर्स तथा जानूस हेंडरसन जैसे नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्ति प्रबंधकों का एक साथ किसी भारतीय कंपनी के निर्गम में इतनी सक्रियता दिखाना देश के पूंजी बाजार की बढ़ती वैश्विक साख को भी उजागर करता है।

## सॉवरेन वेल्थ फंड्स और पूर्व निवेशकों का भरोसा
वैश्विक पेंशन फंडों और सरकारी निवेश कोषों ने भी इस आईपीओ में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। सिंगापुर के जीआईसी के साथ-साथ नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी यानी एडीआईए ने बड़े आवंटन हासिल किए हैं। उल्लेखनीय है कि अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी पहले से ही कंपनी में निजी इक्विटी दौर की शेयरधारक के रूप में मौजूद थी, जिसने इस सार्वजनिक पेशकश के जरिए अपने निवेश पोर्टफोलियो का और अधिक विस्तार किया है। दुनिया के सबसे सुरक्षित और सतर्क माने जाने वाले इन सरकारी फंडों का यह कदम भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था के प्रति उनके स्थायी विश्वास की पुष्टि करता है।

## देश के प्रमुख म्यूचुअल फंड्स ने भी झोंकी पूरी ताकत
घरेलू संस्थागत मोर्चे पर भी भारतीय फंड प्रबंधकों ने पीछे न रहने का संकल्प दिखाया। संपत्ति के आधार पर भारत के शीर्ष 10 म्यूचुअल फंड घरानों ने इस निर्गम के लिए अपनी बोलियां समर्पित कीं। प्रमुख घरेलू बोलीदाताओं में एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड शामिल रहे। सार्वजनिक बाजार में कंपनी के इस धमाकेदार आगाज ने न केवल घरेलू निवेशकों का उत्साह चरम पर पहुंचाया है, बल्कि आने वाले समय में अन्य बड़े निर्गमों के लिए भी एक बेहद ऊंचा मानक तय कर दिया है।

## इसका आप पर असर
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ में भारी संस्थागत मांग से खुदरा निवेशकों और घरेलू शेयर बाजार पर सीधा असर पड़ेगा।

- **बाजार धारणा पर असर:** लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की मजबूत मांग दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों के विश्वास को मजबूत करती है। इससे प्राथमिक बाजार में उतरने की तैयारी कर रही अन्य बड़ी कंपनियों को भी गति मिलेगी।
- **म्यूचुअल फंड निवेशकों पर प्रभाव:** देश के सभी शीर्ष 10 फंड हाउसों ने इस निर्गम में निवेश किया है। इसका मतलब है कि अगर आप इन फंडों की इक्विटी योजनाओं में एसआईपी करते हैं, तो आपका अप्रत्यक्ष निवेश इस कंपनी में बढ़ेगा।
- **शेयर आवंटन की संभावना:** एंकर बुक में 30 गुना से अधिक बोलियां आने के कारण खुदरा और गैर संस्थागत श्रेणियों में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा रहने के आसार हैं। छोटे निवेशकों के लिए आनुपातिक या लॉटरी आधार पर शेयर आवंटन काफी सीमित हो सकता है।
- **वैश्विक पूंजी प्रवाह:** दुनिया के शीर्ष सॉवरेन फंड्स और ब्लैकरॉक जैसे प्रबंधकों की भारी भागीदारी भारत में दीर्घकालिक विदेशी मुद्रा प्रवाह को बढ़ावा देगी। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति वैश्विक भरोसा और सुदृढ़ होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह अभूतपूर्व संस्थागत मांग कंपनी के बड़े ग्राहक आधार, स्थिर राजस्व और डिजिटल क्षेत्र में उसके रणनीतिक विस्तार की वजह से देखने को मिली है।

- **मजबूत कारोबारी बुनियाद:** संस्थागत निवेशकों ने कंपनी की व्यापक डिजिटल पहुंच और निरंतर बढ़ते उपभोक्ता आधार को देखते हुए बड़ा दांव लगाया है। दूरसंचार और संबंधित डिजिटल सेवाओं में निरंतर नकदी प्रवाह ने बड़े फंड प्रबंधकों को आश्वस्त किया है।
- **आकर्षक मूल्यांकन रणनीति:** निर्गम के लिए तय किया गया मूल्य दायरा वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले काफी संतुलित और भविष्य में बढ़त देने वाला माना गया। यही कारण है कि 8110 करोड़ रुपये की एंकर बुक पर 30 गुना से अधिक की मांग दर्ज हुई।
- **मौजूदा निवेशकों का दृढ़ विश्वास:** अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे शुरुआती शेयरधारकों ने सार्वजनिक निर्गम में अपनी हिस्सेदारी और बढ़ाई। जब पुराने बड़े निवेशक अपनी पूंजी बढ़ाते हैं, तो नए फंड्स का भरोसा कई गुना बढ़ जाता है।
- **शीर्ष घरेलू फंडों की सर्वसम्मति:** देश के शीर्ष 10 म्यूचुअल फंड प्रबंधकों का एक साथ बोली लगाना यह सिद्ध करता है कि घरेलू स्तर पर भी कंपनी की विकास रणनीति को लेकर गहरा विश्वास मौजूद है।

## सवाल-जवाब

### 1. जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के लिए कुल कितनी संस्थागत मांग दर्ज की गई?
इस आईपीओ के संस्थागत हिस्से के लिए कुल लगभग 2,50,000 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक मांग दर्ज की गई है।

### 2. कंपनी की एंकर बुक का आकार कितना था और इसे कितनी बोलियां मिलीं?
एंकर बुक का कुल आकार 8110 करोड़ रुपये था, जिस पर उसके आकार से 30 गुना से भी अधिक की मांग प्राप्त हुई।

### 3. कौन-कौन से प्रमुख वैश्विक एसेट मैनेजर एंकर बुक में शामिल हुए हैं?
ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी, टी. रो प्राइस, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, इनवेस्को और फ्रैंकलिन टेम्पलटन जैसे प्रमुख वैश्विक नाम इसमें शामिल हुए।

### 4. किन प्रमुख सॉवरेन वेल्थ फंड्स ने इस आईपीओ में निवेश किया है?
सिंगापुर के जीआईसी, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट ने इस निर्गम में हिस्सा लिया।

### 5. क्या भारत के प्रमुख म्यूचुअल फंड्स ने भी इसमें हिस्सा लिया है?
हां, भारत के शीर्ष 10 म्यूचुअल फंडों ने इसमें निवेश किया, जिनमें एसबीआई, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एचडीएफसी और कोटक म्यूचुअल फंड शामिल हैं।

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