दिल्ली विकास प्राधिकरण के मकानों की मांग में भारी उछाल, सात महीनों में बिके 9332 घर दिल्ली विकास प्राधिकरण ने वित्त वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में 9,332 मकान बेचकर करीब अस्सी फीसदी की वृद्धि हासिल की है। नरेला इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर के तेज विस्तार के कारण खरीदारों का रुझान सबसे अधिक देखा जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी आवास योजनाओं को लेकर लोगों का आकर्षण अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुका है। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती सात महीनों के दौरान दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी डीडीए ने मकानों की बिक्री में एक नया मुकाम हासिल किया है। अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच प्राधिकरण ने कुल 9,332 आवासीय इकाइयां बेचने में सफलता हासिल की है। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि में बेचे गए 5,198 घरों की तुलना में सीधे 4,134 मकान अधिक है, जो लगभग 80 प्रतिशत के जबर्दस्त उछाल को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। खास पहलू यह है कि प्राधिकरण ने पिछले पूरे वित्त वर्ष की कुल बिक्री का आंकड़ा महज सात महीनों के भीतर ही पीछे छोड़ दिया है। तीनों श्रेणियों में खरीदारों का जबरदस्त रुझान प्राधिकरण द्वारा पेश की जाने वाली विभिन्न श्रेणियों के मकानों में खरीदारों ने व्यापक रुचि दिखाई है। निम्न आय वर्ग (एलआईजी), मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) और उच्च आय वर्ग (एचआईजी) तीनों ही सेग्मेंट्स में बिक्री का नया रिकॉर्ड बना है। प्रत्येक वर्ग ने पिछले पूरे बारह महीनों के संयुक्त प्रदर्शन को मात दे दी है। • एलआईजी फ्लैट: अप्रैल से अक्टूबर 2026 की अवधि में कुल 5,171 मकानों की रजिस्ट्री और बिक्री हुई, जबकि पिछले पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान यह संख्या महज 3,547 दर्ज की गई थी। • एमआईजी फ्लैट: मध्यम आय वर्ग के लिए बने फ्लैटों की संख्या शुरुआती सात महीनों में 1,704 तक पहुंच गई, जो पिछले पूरे साल के 1,580 फ्लैटों के आंकड़े से आगे निकल गई है। • एचआईजी फ्लैट: उच्च आय वर्ग की श्रेणी में खरीदारों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। पिछले पूरे वित्त वर्ष में जहां केवल 404 मकान बिके थे, वहीं चालू वर्ष के महज सात महीनों में 820 मकान खरीदे जा चुके हैं। नरेला बना सबसे बड़ा आवासीय केंद्र प्राधिकरण के कुल बेचे गए मकानों में नरेला उपनगर की हिस्सेदारी नब्बे फीसदी से भी ज्यादा दर्ज की गई है। राजधानी के इस उत्तरी हिस्से में बढ़ती दिलचस्पी की मुख्य वजह वहां तेजी से तैयार हो रहा आधुनिक बुनियादी ढांचा है। अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-II) के निर्माण और प्रस्तावित रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर की योजना ने इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहद सुगम बना दिया है। इसके अतिरिक्त 138 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत एजुकेशन हब, आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा सुनियोजित हरित क्षेत्रों का विकास नरेला को परिवारों के रहने के लिए एक आकर्षक विकल्प बना रहा है। साल के अंत तक आवेदन का खुला मौका राजधानी में अपना आशियाना तलाश रहे लोगों के लिए प्राधिकरण ने अपनी तीन प्रमुख आवासीय योजनाओं में आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तय कर दी है। इनमें डीडीए कर्मयोगी आवास योजना 2025, कर्मजीवी आवास योजना 2026 तथा नागरिक आवास योजना 2026 शामिल हैं। ये सभी मकान पूरी तरह रेडी-टू-मूव स्थिति में हैं और फ्रीहोल्ड मालिकाना हक के साथ उपलब्ध कराए जा रहे हैं। खरीदार प्राधिकरण के आधिकारिक ई-सेवा पोर्टल eservices.dda.org.in के जरिए डिजिटल बुकिंग प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा प्राधिकरण ने साइट पर सैंपल फ्लैट देखने की सुविधा भी दी है ताकि लोग मौके पर जाकर संतुष्ट होने के बाद ही अपना निर्णय ले सकें। इसका आप पर असर दिल्ली में अपना घर खरीदने की योजना बना रहे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह खबर सीधे तौर पर बजट और कनेक्टिविटी से जुड़े अवसरों को खोलती है। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर मेट्रो शहरों में किफायती सरकारी आवास तलाश रहे खरीदारों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है। लोग निजी डेवलपर्स के लंबे इंतजार के बजाय रेडी-टू-मूव सरकारी संपत्तियों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। • दिल्ली में: राजधानी के निवासियों के लिए फ्रीहोल्ड संपत्तियों को खरीदने का मौका 31 दिसंबर 2026 तक खुला हुआ है। नरेला में यूईआर-2 और मेट्रो कनेक्टिविटी के बाद आने वाले वर्षों में यहां के जीवन स्तर और संपत्ति मूल्यांकन में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। • गृह खरीदारों के लिए: आवेदक बिना किसी मध्यस्थ के सीधे आधिकारिक पोर्टल से डिजिटल बुकिंग कर सकते हैं। मौके पर जाकर पहले से तैयार सैंपल फ्लैट देखने की सुविधा होने से खरीद का फैसला पारदर्शी तरीके से लिया जा सकता है। • बजट प्रबंधन के लिए: एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी तीनों श्रेणियों में विकल्प उपलब्ध होने से परिवार अपनी क्षमता के अनुसार चयन कर सकते हैं। रेडी-टू-मूव स्थिति होने के कारण निर्माण में देरी या किराए के दोहरे खर्च का जोखिम पूरी तरह समाप्त हो जाता है। ऐसा क्यों हुआ डीडीए फ्लैटों की बिक्री में अचानक आई इस तेजी के पीछे बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी डिजिटल प्रक्रिया और रेडी-टू-मूव संपत्तियों का आकर्षण मुख्य वजह बनकर उभरा है। • सीधा कारण: प्राधिकरण द्वारा विभिन्न श्रेणियों के फ्लैटों को फ्रीहोल्ड मालिकाना हक और तत्काल रहने योग्य स्थिति में उपलब्ध कराना खरीदारों को आकर्षित कर रहा है। इसके साथ ही योजनाओं की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने से आवेदकों को फैसला लेने के लिए पर्याप्त समय मिल गया। • कनेक्टिविटी में सुधार: नरेला क्षेत्र में यूईआर-II का निर्माण और रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर की घोषणा ने इलाके की सुगमता को कई गुना बढ़ा दिया है। दशकों से सुदूर माने जाने वाले इस उपनगर में 138 हेक्टेयर का एजुकेशन हब और खेल परिसर बनने से लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है। • डिजिटल प्रक्रिया: प्राधिकरण द्वारा आधिकारिक ई-सेवा पोर्टल के माध्यम से पूरी बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने से सामान्य नागरिकों की पहुंच आसान हुई है। सैंपल फ्लैट देखने की सुविधा ने पूर्व में गुणवत्ता को लेकर रहने वाली आशंकाओं को भी दूर किया है। सवाल-जवाब 1. डीडीए ने अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच कितने फ्लैट बेचे हैं? प्राधिकरण ने इन सात महीनों के दौरान कुल 9,332 मकान बेचे हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 80 फीसदी अधिक है। 2. किस इलाके के मकानों की सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की गई है? कुल बेचे गए मकानों में नरेला उपनगर की हिस्सेदारी 90 फीसदी से भी अधिक रही है। 3. डीडीए हाउसिंग स्कीमों में आवेदन करने की आखिरी तारीख क्या है? डीडीए ने अपनी तीनों प्रमुख आवासीय योजनाओं की बुकिंग तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है। 4. किन तीन आवासीय योजनाओं के लिए बुकिंग खुली हुई है? डीडीए कर्मयोगी आवास योजना 2025, कर्मजीवी आवास योजना 2026 और नागरिक आवास योजना 2026 के तहत बुकिंग खुली है। 5. विभिन्न श्रेणियों में कितने फ्लैट बिके हैं? सात महीनों में एलआईजी श्रेणी में 5,171, एमआईजी श्रेणी में 1,704 और एचआईजी श्रेणी में 820 फ्लैट बिक चुके हैं। 6. इच्छुक खरीदार इन फ्लैटों की बुकिंग कैसे कर सकते हैं? खरीदार डीडीए के आधिकारिक ई-सेवा पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और मौके पर सैंपल फ्लैट भी देख सकते हैं। https://trendkia.com/business/dda-ke-makanon-ki-manga-men-bhari-uchhala-sata-mahinon-men-bike-9332-ghara-56349 TrendKia — Har trend, sabse pehle.