# ड्यूश बैंक के भारतीय रिटेल और प्राइवेट कारोबार को खरीदेगा कोटक महिंद्रा, मिली नियामकीय हरी झंडी

> भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा ड्यूश बैंक के घरेलू रिटेल, वेल्थ मैनेजमेंट और प्राइवेट बैंकिंग कारोबार के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। यह पूरा सौदा स्लंप सेल के तहत एक चालू कारोबार के रूप में पूरा किया जाएगा।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/deutsche-bank-ke-bharatiya-ritela-aura-praiveta-karobara-ko-kharidega-kotak-mahindra-mili-niyamakiya-hari-jhndi-56201 · **Language:** Hindi
**Tags:** कोटक महिंद्रा बैंक, ड्यूश बैंक, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, बैंकिंग डील, वेल्थ मैनेजमेंट, निजी बैंकिंग, स्लंप सेल

देश के वित्तीय क्षेत्र में एक अहम रणनीतिक विस्तार के तहत कोटक महिंद्रा बैंक ने जर्मन वित्तीय दिग्गज ड्यूश बैंक के भारतीय रिटेल और प्राइवेट बैंकिंग पोर्टफोलियो को अपने पाले में लेने की दिशा में बड़ी नियामकीय सफलता हासिल की है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग अर्थात CCI ने मंगलवार को इस प्रस्तावित अधिग्रहण योजना को विधिवत मंजूरी दे दी। इस निर्णय के साथ ही निजी क्षेत्र का यह प्रमुख घरेलू संस्थान अंतरराष्ट्रीय बैंक के मौजूदा घरेलू ग्राहकों, शाखाओं और निवेश प्रबंधन सेवाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए तैयार हो गया है।

## स्लंप सेल प्रारूप के तहत ट्रांसफर होगा चालू कारोबार
नियामक से मिली जानकारी के अनुसार, यह समूचा अधिग्रहण स्लंप सेल व्यवस्था के आधार पर तय किया गया है। कॉर्पोरेट पुनर्गठन में स्लंप सेल का सीधा अर्थ यह होता है कि संबंधित कारोबार की सभी संपत्तियों, देनदारियों और शाखाओं के नेटवर्क को अलग-अलग बेचने के बजाय एकमुश्त चालू इकाई के रूप में स्थानांतरित किया जाता है। इसका मतलब यह है कि ड्यूश बैंक की शाखाओं के जरिए जारी रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कार्यप्रणाली बिना किसी रुकावट के अपनी मौजूदा स्थिति में कोटक महिंद्रा बैंक के परिचालन का हिस्सा बन जाएगी।

## अधिग्रहण में शामिल कुल पोर्टफोलियो और संपत्ति का आकार
दोनों बैंकिंग दिग्गजों के बीच इस रणनीतिक सौदे के अंतिम दस्तावेजों पर जून के महीने में हस्ताक्षर किए गए थे। हस्ताक्षरित समझौते में दर्ज आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस बिकने वाले पोर्टफोलियो में लगभग 29,000 करोड़ रुपये का सक्रिय ऋण आकार शामिल है। इसके साथ ही जर्मन बैंक के इस सेगमेंट से करीब 16,000 करोड़ रुपये की जमा पूंजी यानी डिपॉजिट्स भी नए बैंक के पास आएंगे।

इतना ही नहीं, इस पूरे सौदे में 10,500 करोड़ रुपये की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट यानी AUM भी शामिल है। वित्तीय दुनिया में AUM उस संपूर्ण निवेश पूंजी को कहा जाता है जिसका प्रबंधन कोई बैंक या वित्तीय संस्थान अपने समृद्ध ग्राहकों की ओर से करता है। इन नए संसाधनों के जुड़ने से कोटक समूह को घरेलू स्तर पर अपने वेल्थ मैनेजमेंट और वेल्थी ग्राहकों के लिए संचालित प्राइवेट बैंकिंग दायरे को तुरंत व्यापक बनाने में सीधा लाभ मिलेगा।

## इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी और रेफरल व्यवस्था के नियम
इस अधिग्रहण समझौते में केवल बुनियादी खाते और ऋण ही शामिल नहीं हैं, बल्कि दोनों वित्तीय समूहों के सहयोगी उद्यमों के बीच एक विशेष रेफरल साझेदारी भी तय की गई है। इस नियम के अनुसार, ड्यूश इन्वेस्टमेंट्स इंडिया से जुड़े वे ग्राहक जो पोर्टफोलियो मैनेजमेंट या इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं, उन्हें कोटक महिंद्रा बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहयोगी कंपनियों के पास भेजा जाएगा। ड्यूश इन्वेस्टमेंट्स इंडिया मूल रूप से ड्यूश बैंक की अप्रत्यक्ष पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय सहायक कंपनी है, जिसका निवेशक आधार अब घरेलू कंपनी के तंत्र से जुड़ेगा।

## दोनों बैंकिंग घरानों की मौजूदा वित्तीय स्थिति
साल 1985 में एक गैर-बैंकिंग वित्तीय इकाई से सफर शुरू करने वाला कोटक महिंद्रा समूह आज भारत के सबसे मजबूत एकीकृत वित्तीय सेवा समूहों में गिना जाता है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक इस समूह की कुल संपत्ति 10,03,353 करोड़ रुपये के स्तर पर दर्ज की गई थी। दूसरी तरफ ड्यूश बैंक का मूल आधार जर्मनी में स्थित है, और यह बैंक पूरे यूरोपीय बाजार के साथ-साथ अमेरिका और एशिया पैसिफिक क्षेत्र में दशकों से मजबूत वैश्विक उपस्थिति बनाए हुए है। नियामक की इस मंजूरी से भारतीय वित्तीय बाजार में बहुराष्ट्रीय बैंकों के रिटेल पोर्टफोलियो का घरेलू दिग्गज बैंकों में समावेशन और अधिक तेज हो गया है।

## इसका आप पर असर
इस सौदे से ड्यूश बैंक के रिटेल और वेल्थ ग्राहकों के खातों के साथ-साथ कोटक महिंद्रा बैंक के नेटवर्क पर सीधा व्यावहारिक प्रभाव पड़ेगा।

- **ड्यूश बैंक के ग्राहकों पर:** रिटेल और प्राइवेट बैंकिंग ग्राहकों के खाते, डिपॉजिट और लोन अब धीरे-धीरे कोटक महिंद्रा बैंक के सिस्टम में ट्रांसफर होंगे। ग्राहकों को आने वाले दिनों में बैंकिंग सेवाओं, शाखा एक्सेस और ऑनलाइन पोर्टल माइग्रेशन को लेकर अपने बैंक से विस्तृत दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे।
- **वेल्थ और पोर्टफोलियो निवेशकों पर:** ड्यूश इन्वेस्टमेंट्स इंडिया से एडवाइजरी लेने वाले निवेशकों को अब कोटक की सहयोगी कंपनियों की सेवाएं मिलेंगी। इन निवेशकों के पोर्टफोलियो मैनेजमेंट और निवेश रणनीतियों का जिम्मा नए एडवाइजर संभालेंगे।
- **कोटक बैंक के ग्राहकों पर:** कोटक महिंद्रा बैंक का रिटेल लोन बुक और प्रीमियम वेल्थ मैनेजमेंट नेटवर्क और अधिक बड़ा हो जाएगा। इससे बैंक को नए प्रीमियम उत्पाद और विस्तृत शाखा सेवाएं पेश करने में मदद मिलेगी।
- **कर्मचारियों और शाखा नेटवर्क पर:** संबंधित शाखाओं का संचालन चालू स्थिति में कोटक बैंक के अधीन आ जाएगा। दोनों बैंकों के सिस्टम पूरी तरह इंटीग्रेट होने तक रोजमर्रा के बैंकिंग कामकाज सामान्य रूप से चलते रहेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा इस सौदे को मंजूरी मिलने के पीछे दोनों बैंकों का पूर्व समझौता और बाजार हिस्सेदारी से जुड़े कानूनी मूल्यांकन मुख्य कारण रहे हैं।

- **जून 2026 में हुआ समझौता:** दोनों वित्तीय संस्थानों ने इस साल जून में औपचारिक खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद नियमों के तहत देश में किसी भी बड़े व्यावसायिक विलय या अधिग्रहण के लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने वाले आयोग की मंजूरी जरूरी थी।
- **घरेलू रिटेल पोर्टफोलियो का पुनर्गठन:** ड्यूश बैंक भारत में अपने कॉर्पोरेट और वैश्विक संस्थागत बैंकिंग फोकस को बनाए रखते हुए रिटेल व वेल्थ सेगमेंट का ट्रांसफर कर रहा है। वहीं कोटक महिंद्रा बैंक अपनी विकास रणनीति के तहत सक्रिय रूप से उच्च मूल्य वाले लोन और प्रीमियम डिपॉजिट बुक की तलाश में था।
- **सीसीआई का प्रतिस्पर्धा मूल्यांकन:** भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने पाया कि इस अधिग्रहण से भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एकाधिकार या अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा का खतरा नहीं है। नियामक की क्लीन चिट के बाद ही दोनों बैंकों के बीच संपत्तियों के भौतिक हस्तांतरण का रास्ता साफ हुआ है।

## सवाल-जवाब

### 1. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने किस सौदे को मंजूरी दी है?
सीसीआई ने कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा ड्यूश बैंक के भारत में रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार के अधिग्रहण को हरी झंडी दी है।

### 2. ड्यूश बैंक के इस बिकने वाले कारोबार में कितने का लोन शामिल है?
इस कारोबार में करीब 29,000 करोड़ रुपये का लोन पोर्टफोलियो शामिल है।

### 3. इस सौदे में कितनी जमा पूंजी और AUM शामिल हैं?
अधिग्रहण में लगभग 16,000 करोड़ रुपये की जमा राशि और 10,500 करोड़ रुपये की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट शामिल हैं।

### 4. यह अधिग्रहण किस आधार पर किया जा रहा है?
यह सौदा स्लंप सेल के आधार पर किया जा रहा है, जिसमें समूचे कारोबार को एक चालू इकाई के रूप में ट्रांसफर किया जाता है।

### 5. इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी के ग्राहकों के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
ड्यूश इन्वेस्टमेंट्स इंडिया के एडवाइजरी ग्राहकों को कोटक महिंद्रा बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहयोगी कंपनियों के पास रेफर किया जाएगा।

### 6. 31 मार्च 2026 तक कोटक महिंद्रा समूह की कुल संपत्ति कितनी थी?
31 मार्च 2026 तक कोटक महिंद्रा समूह की कुल संपत्ति 10,03,353 करोड़ रुपये थी।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._