# धौलपुर से गढ़ी सांद्ररा नई ब्रॉडगेज लाइन पर सफल स्पीड ट्रायल, 121 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरी ट्रेन

> धौलपुर और गढ़ी सांद्ररा के बीच तैयार 19.8 किलोमीटर लंबी ब्रॉडगेज रेल लाइन पर संरक्षा आयुक्त ने मुआयना पूरा कर लिया है, जिसके बाद आयोजित स्पीड ट्रायल में ट्रेन 121 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ी।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/dholpur-se-garhi-sandra-nai-brodageja-laina-para-saphala-spida-trayala-121-kimi-prati-ghnte-ki-raphtara-se-gujari-trena-54218 · **Language:** Hindi
**Tags:** धौलपुर रेलवे, गढ़ी सांद्ररा, ब्रॉडगेज ट्रैक, स्पीड ट्रायल, भारतीय रेल, रेल संरक्षा आयुक्त

धौलपुर से सरमथुरा ब्रॉडगेज परियोजना के अंतर्गत नवविकसित रेलमार्ग पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में धौलपुर स्टेशन से गढ़ी सांद्ररा के बीच तैयार किए गए लगभग 19.8 किलोमीटर लंबे नए रेलखंड का निरीक्षण रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा पूरा कर लिया गया है। उत्तर पूर्वी परिक्षेत्र के रेल संरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास के नेतृत्व में विशेषज्ञों और वरिष्ठ रेल अफसरों की एक उच्चस्तरीय टीम ने पूरे ट्रैक, सिग्नल व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की तकनीकी जांच की।

## पैनल रूम और मोटर ट्रॉली से हुआ सुरक्षा तंत्र का मुआयना
इस पूरे सुरक्षा निरीक्षण का आरंभ धौलपुर स्टेशन परिसर में स्थित पैनल रूम की पड़ताल से हुआ। पैनल रूम के भीतर ट्रेन संचालन से जुड़े तंत्र और सिग्नलिंग व्यवस्था की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा गया। इसके पश्चात मुख्य दल मोटर ट्रॉली पर सवार होकर धौलपुर से गढ़ी सांद्ररा की ओर रवाना हुआ।

ट्रॉली निरीक्षण के दौरान रास्ते में पड़ने वाले लेवल क्रॉसिंग फाटकों, ट्रैक की फिटिंग और सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी तकनीकी उपकरणों की स्थिति परखी गई। इसके साथ ही नुरपुरा स्टेशन और गढ़ी सांद्ररा स्टेशन पर पहुंचकर अधिकारियों ने वहां यात्रियों के लिए विकसित सुविधाओं तथा परिचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया।

## गढ़ी सांद्ररा से धौलपुर तक 121 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रायल
ट्रैक के भौतिक निरीक्षण और जमीनी मुआयने की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद उच्च गति परीक्षण का चरण शुरू हुआ। इसके लिए गढ़ी सांद्ररा से धौलपुर के मध्य एक 'सीआरएस स्पेशल ट्रेन' चलाई गई। इस विशेष परीक्षण ट्रेन को 121 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार पर दौड़ाया गया।

इस उच्च गति परीक्षण के जरिए नए ब्रॉडगेज मार्ग की भार वहन क्षमता, रेल पटरियों की मजबूती, ट्रेन के अंदर महसूस होने वाले कंपन और सुरक्षा से जुड़े विविध तकनीकी पैमानों का व्यावहारिक आकलन किया गया। इस समूची जांच और स्पीड ट्रायल के दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) अजीत सिंह यादव तथा उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल रेल प्रबंधक (DRM) गगन गोयल के साथ कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी स्टाफ मौजूद रहे।

## इसका आप पर असर
इस नए रेलखंड का निरीक्षण और स्पीड ट्रायल पूरा होने से क्षेत्र में आधुनिक यात्री रेल सेवाओं के परिचालन का रास्ता साफ हो रहा है।

- **राजस्थान के धौलपुर क्षेत्र में:** धौलपुर और गढ़ी सांद्ररा के बीच लगभग 19.8 किलोमीटर लंबे ब्रॉडगेज मार्ग पर परीक्षण पूरा होने से स्थानीय यात्रियों को सुरक्षित रेल सेवा की उम्मीद बंधी है। इससे धौलपुर से सरमथुरा की ओर यात्रा करने वाले स्थानीय लोगों का आवागमन सुगम और तेज गति वाला हो सकेगा।
- **आगरा मंडल व उत्तर मध्य रेलवे नेटवर्क:** रेल खंड पर 121 किमी प्रति घंटे की गति से सफल परीक्षण होने के बाद मंडल स्तर पर लाइन की मंजूरी प्रक्रिया को गति मिलेगी। सुरक्षा प्रमाणन के बाद इस मार्ग पर नियमित यात्री गाड़ियों के संचालन का समय तय किया जाएगा।
- **यात्री सुविधाओं का विस्तार:** नुरपुरा और गढ़ी सांद्ररा जैसे मध्यवर्ती स्टेशनों पर विकसित बुनियादी ढांचे से ग्रामीण व कस्बाई यात्रियों को स्टेशन पर आवश्यक सेवाएं मिलेंगी। नियमित गाड़ियों की शुरुआत के साथ ही इन नए स्टेशनों से टिकट और यात्रा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
- **आर्थिक व व्यापारिक गतिविधियां:** ब्रॉडगेज लाइन पर तेज रफ्तार ट्रेनों के चलने से धौलपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों का संपर्क मजबूत होगा। इससे कृषि उत्पादों और स्थानीय व्यापारियों के माल परिवहन की लागत और समय दोनों में सुधार होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह निरीक्षण और स्पीड ट्रायल धौलपुर-सरमथुरा रेल मार्ग को ब्रॉडगेज में बदलने की व्यापक परियोजना के हिस्से के रूप में संपन्न हुआ है।

- **गेज परिवर्तन परियोजना की प्रगति:** धौलपुर से सरमथुरा के बीच रेल लाइनों को बड़ी लाइन में बदलने के कार्य के तहत धौलपुर से गढ़ी सांद्ररा का 19.8 किमी हिस्सा बनकर तैयार हुआ था। निर्माण कार्य पूरा होने के कारण इस नए ट्रैक का वैधानिक परीक्षण आवश्यक हो गया था।
- **वैधानिक संरक्षा मंजूरी की अनिवार्यता:** भारतीय रेल नियमों के अनुसार किसी भी नई रेल लाइन पर नियमित यात्री ट्रेनें शुरू करने से पहले रेल संरक्षा आयुक्त का आधिकारिक मुआयना अनिवार्य होता है। इस नियम के तहत पैनल रूम, सिग्नलिंग, ट्रैक और लेवल क्रॉसिंग की सुरक्षा जांची गई।
- **उच्च गति क्षमता का सत्यापन:** नियमित संचालन से पहले ट्रैक की स्थायित्व क्षमता और कंपन स्तर को परखने के लिए 121 किमी प्रति घंटे पर विशेष ट्रेन दौड़ाकर गति परीक्षण किया गया। इस तरह के स्पीड ट्रायल से सुनिश्चित किया जाता है कि लाइन भविष्य की तेज रफ्तार ट्रेनों का भार सुरक्षित ढंग से संभाल सके।

## सवाल-जवाब

### 1. निरीक्षण किस रेलखंड पर और कितनी दूरी के लिए किया गया?
यह निरीक्षण धौलपुर से गढ़ी सांद्ररा के बीच लगभग 19.8 किलोमीटर लंबी नवविकसित ब्रॉडगेज रेल लाइन पर किया गया।

### 2. रेलवे ट्रैक के स्पीड ट्रायल के दौरान ट्रेन की अधिकतम रफ्तार क्या थी?
गढ़ी सांद्ररा से धौलपुर के बीच सीआरएस स्पेशल ट्रेन को 121 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ाकर परीक्षण किया गया।

### 3. इस निरीक्षण का नेतृत्व किस वरिष्ठ अधिकारी ने किया?
निरीक्षण का नेतृत्व उत्तर पूर्वी परिक्षेत्र के रेल संरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास ने किया।

### 4. निरीक्षण के दौरान किन-किन रेलवे स्टेशनों की सुविधाओं की जांच हुई?
धौलपुर स्टेशन के पैनल रूम के अलावा नुरपुरा और गढ़ी सांद्ररा स्टेशनों की परिचालन व यात्री व्यवस्थाओं की जांच की गई।

### 5. परीक्षण के समय कौन-से अन्य प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे?
मौके पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) अजीत सिंह यादव और आगरा मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल उपस्थित रहे।

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