ड्रैगन फ्रूट की खेती से बदली नत्थू लाल की तकदीर, 25 साल तक मिलेगी बंपर कमाई लखीमपुर खीरी के किसान नत्थू लाल शुक्ला ने ड्रैगन फ्रूट की खेती अपनाकर मुनाफे का नया रास्ता निकाला है। उद्यान विभाग की मदद से अब जिले के अन्य किसान भी इस नकदी फसल की ओर रुख कर रहे हैं। लखीमपुर खीरी जिले के किसान अब अपनी परंपरागत फसलों के दायरे से बाहर निकलकर नकदी फसलों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इसी क्रम में मोहम्मदी तहसील के निवासी किसान नत्थू लाल शुक्ला ने ड्रैगन फ्रूट की खेती के जरिए अपनी आय बढ़ाने का एक शानदार उदाहरण पेश किया है। यह फसल उनके लिए न केवल कमाई का एक जरिया बन गई है, बल्कि अन्य स्थानीय किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत साबित हो रही है। लंबे समय तक मुनाफा देने वाली खेती नत्थू लाल शुक्ला बताते हैं कि ड्रैगन फ्रूट एक अत्यधिक पौष्टिक फल है, जिसकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है। इसमें विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट जैसे महत्वपूर्ण तत्व प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो इसे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक ग्राहकों की पहली पसंद बनाते हैं। फसल की इसी लोकप्रियता के कारण किसानों को बाजार में काफी अच्छा दाम मिल रहा है। इस खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक बार सही तरीके से पौधे रोपने के बाद, किसान करीब 25 वर्षों तक लगातार उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। बार-बार नई पौध तैयार करने या हर साल खेती की लागत लगाने की झंझट से मुक्ति मिलने के कारण, यह लंबे समय तक एक सुनिश्चित आय का माध्यम बन जाता है। आधुनिक कृषि तकनीकों और पौधों की नियमित देखभाल के साथ, किसान बहुत कम खर्च में अपनी पैदावार को और भी बेहतर बना सकते हैं। सिंचाई प्रबंधन और सही पोषण मिलने पर यह फसल बहुत अच्छा प्रदर्शन करती है। प्रशासन का सहयोग और भविष्य की राह ड्रैगन फ्रूट की खेती के प्रति बढ़ते उत्साह को देखते हुए जिला उद्यान विभाग पूरी तरह सक्रिय है। विभाग की ओर से किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। न केवल तकनीकी सलाह दी जा रही है, बल्कि खेती करने वाले किसानों को आर्थिक सहायता के रूप में अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे बिना किसी बड़ी आर्थिक बाधा के इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। वर्तमान में बाजारों में ड्रैगन फ्रूट की कीमत ₹300 से लेकर ₹500 प्रति किलो के बीच है, जो इसे किसानों के लिए एक अत्यधिक लाभकारी सौदा बनाती है। इसके अलावा, इस फसल में कीटों और बीमारियों का प्रकोप बहुत कम देखा गया है, जिससे फसलों के नुकसान का जोखिम भी काफी घट जाता है। लखीमपुर खीरी के अन्य किसान अब नत्थू लाल की सफलता को देखते हुए अपनी जमीनों पर ड्रैगन फ्रूट के प्रयोग के लिए प्रेरित हो रहे हैं। इसका आप पर असर भारत में: किसान नकदी फसलों को अपनाकर अपनी पारंपरिक आय के स्रोतों में विविधता लाकर वित्तीय सुरक्षा बढ़ा सकते हैं। लखीमपुर खीरी में: स्थानीय किसान उद्यान विभाग से संपर्क कर ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए सरकारी अनुदान और तकनीकी सहायता का लाभ उठा सकते हैं। सवाल-जवाब 1. ड्रैगन फ्रूट की खेती कितने समय तक उत्पादन देती है? ड्रैगन फ्रूट के पौधे एक बार लगाने के बाद लगभग 25 वर्षों तक लगातार उत्पादन देते हैं। 2. ड्रैगन फ्रूट का बाजार मूल्य क्या है? बाजार में ड्रैगन फ्रूट इस समय ₹300 से ₹500 प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है। 3. क्या लखीमपुर खीरी में ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए मदद मिल रही है? हाँ, उद्यान विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है और खेती के लिए अनुदान भी दे रहा है। 4. नत्थू लाल शुक्ला ने किस क्षेत्र में खेती की है? नत्थू लाल शुक्ला ने लखीमपुर खीरी जिले की मोहम्मदी तहसील क्षेत्र में यह खेती की है। प्रेरणा और सबक • दीर्घकालिक योजना: एक बार निवेश करें और 25 साल तक लाभ उठाएं। • बाजार की समझ: उन फसलों का चयन करें जिनकी बाजार में मांग और स्वास्थ्य लाभ अधिक हों। • सरकारी सहायता का लाभ: अपनी खेती को उन्नत बनाने के लिए स्थानीय कृषि या उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी रखें। • तकनीकी अपनाव: आधुनिक सिंचाई और पोषण प्रबंधन से कम लागत में बेहतर पैदावार प्राप्त करें। https://trendkia.com/business/draigana-phruta-ki-kheti-se-badali-nathu-lal-shukla-ki-takadira-25-sala-taka-milegi-bnpara-kamai-6229 TrendKia — Har trend, sabse pehle.