बेंगलुरु में प्रॉपर्टी के दाम आसमान पर, ₹2 लाख महीने कमाने वाला भी नहीं खरीद पा रहा 2BHK घर बेंगलुरु में एक 25 वर्षीय युवा की ₹1.80 लाख मासिक आय भी 2BHK फ्लैट खरीदने के लिए कम पड़ रही है। आसमान छूती कीमतों के कारण मध्यम वर्ग के लिए अपना घर खरीदना एक बड़ा संघर्ष बन गया है। देशभर में रियल एस्टेट सेक्टर में प्रॉपर्टी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जिसका ताजा उदाहरण बेंगलुरु का यह मामला है। बेंगलुरु में रहने वाले एक पच्चीस साल के युवा ने सोशल मीडिया पर अपनी आर्थिक स्थिति साझा करते हुए बताया है कि उसकी मासिक कमाई एक लाख अस्सी हजार रुपये है, इसके बावजूद वह एक अदद दो बीएचके फ्लैट खरीदने में असमर्थ महसूस कर रहा है। उस युवा का कहना है कि वह हर महीने सतहत्तर हजार रुपये म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए निवेश करता है, लेकिन इसके बाद भी मकान खरीदने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं जुटा पा रहा है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद देश के टियर-वन शहरों में आवासीय संपत्तियों की कीमतों को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। बजट और खर्चों का गणित अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए उस युवक ने बताया कि वह अकेले एक पेइंग गेस्ट आवास में रहता है और केवल किराए के रूप में हर महीने इकतीस हजार रुपये चुकाता है। वह अपने सभी खर्चों को लेकर बहुत सतर्क रहता है और फिजूलखर्ची से बचता है। अपनी कमाई का जो हिस्सा खर्चों के बाद बच जाता है, उसे पूरी तरह से बचत में बदल देता है। उसकी योजना बेंगलुरु के पॉश इलाके इंदिरानगर में एक दो बीएचके अपार्टमेंट खरीदने की थी, जिसकी बाजार कीमत लगभग एक करोड़ तीस लाख रुपये है। वर्तमान आय और बचत के जरिए वह इस भारी-भरकम रकम को जुटाने में पूरी तरह असफल साबित हो रहा है। मध्यम वर्गीय संघर्ष और भविष्य की योजनाएं युवक ने अपनी पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखता है, इसलिए उसे पैसों की अहमियत अच्छे से पता है। वह अपने वित्त को इस तरह प्रबंधित करता है कि एक भी रुपया बेकार न जाए। उसने फैसला किया है कि वह तीस वर्ष की आयु तक विवाह नहीं करेगा और अपने सपनों का आशियाना खरीदने के लिए अन्य वित्तीय विकल्पों पर भी गौर कर रहा है। उसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों तक अपने निवेश पोर्टफोलियो को मजबूत करना और होम लोन का सहारा लेकर अपने घर के सपने को सच करना है। सोशल मीडिया पर चर्चा और खरीदारों की चिंता इस पोस्ट के इंटरनेट पर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने टिप्पणी की कि बाजार में मांग घट रही है और कई संपत्तियां बिना खरीदार के यूं ही खाली पड़ी हैं, जिससे कृत्रिम रूप से बढ़ाई गई कीमतें जल्द ही नीचे आ सकती हैं। इस पर युवक ने सवाल उठाया कि क्या वाकई आने वाले वक्त में प्रॉपर्टी सस्ती होगी या मौजूदा समय में ही सौदा करना समझदारी होगी। उसने चिंता जताई कि आज के हालात में रियल एस्टेट में निवेश करना किसी जुए से कम नहीं है। एक अन्य यूजर ने स्पष्ट किया कि जब तक देश में कोई बड़ी आर्थिक उथल-पुथल न हो, तब तक प्रॉपर्टी के दाम कम होने की उम्मीद न के बराबर है। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर होने वाली छंटनी जैसी घटनाएं ही इस बाजार को प्रभावित कर सकती हैं। बेंगलुरु का रेंटल मार्केट और पुराना विकल्प चर्चा के दौरान कई लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि बेंगलुरु के प्रॉपर्टी बाजार में तैयार फ्लैटों की बहुतायत होने के बावजूद उनकी कीमतें घटने का नाम नहीं ले रही हैं। कुछ यूजर्स ने सलाह दी कि बिल्कुल नया फ्लैट खरीदने के बजाय पांच से छह साल पुरानी रीसेल प्रॉपर्टी खरीदना एक बेहतर और किफायती विकल्प हो सकता है। एक यूजर ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उसने हाल ही में इतनी ही पुरानी एक टू बीएचके प्रॉपर्टी बेहद कम कीमत पर खरीदी है जो नई प्रॉपर्टी से काफी सस्ती पड़ी। इसके अलावा, बेंगलुरु में लगातार बढ़ता हुआ किराया भी आम नौकरीपेशा लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। इसका आप पर असर बेंगलुरु और देश के अन्य बड़े शहरों में लगातार बढ़ रहे प्रॉपर्टी के दाम आम मध्यमवर्गीय नौकरीपेशा लोगों के लिए घर खरीदने के सपने को बेहद दूर की कौड़ी बना रहे हैं। • भारत में: महानगरों में आवासीय संपत्तियों की आसमान छूती कीमतें यह दर्शाती हैं कि केवल अच्छी वेतन वृद्धि से घर खरीदने की बुनियादी जरूरत पूरी नहीं हो सकती। इसके लिए लोगों को अपनी वित्तीय योजना और दीर्घकालिक निवेश पर अत्यधिक जोर देना पड़ रहा है। • बेंगलुरु में: शहर में अत्यधिक महंगे होते किराए और करोड़ों रुपये की संपत्ति की कीमतें युवाओं को महंगे इलाकों से दूर उपनगरों में देखने या पुराने रीसेल फ्लैट खरीदने पर मजबूर कर रही हैं। ऐसा क्यों हुआ शहरी आवासीय बाजारों में संपत्ति के दाम बेकाबू होने के पीछे मजबूत मांग, सीमित भूमि उपलब्धता और निर्माण लागत में लगातार इजाफा प्रमुख कारण हैं। • शहरी भूमि की कमी: देश के आईटी और वित्तीय केंद्रों में प्राइम लोकेशंस पर जमीन की भारी कमी के कारण डेवलपर्स महंगे प्रोजेक्ट्स ला रहे हैं। • निवेश और मांग का असंतुलन: अधिक रिटर्न की उम्मीद में रियल एस्टेट में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश होने से कीमतें कृत्रिम रूप से उच्च स्तर पर बनी हुई हैं। • किराए के बाजार का दबाव: कॉर्पोरेट हब में पेशेवरों की लगातार आवक से रेंटल यील्ड और प्रॉपर्टी के दाम समानांतर रूप से ऊपर चढ़ रहे हैं। सवाल-जवाब 1. बेंगलुरु में 2BHK खरीदने की कोशिश करने वाले युवक की मासिक आय कितनी है? उस युवा की मासिक कमाई एक लाख अस्सी हजार रुपये है। 2. युवक हर महीने म्यूचुअल फंड में कितनी एसआईपी करता है? वह हर महीने सतहत्तर हजार रुपये की एसआईपी करता है। 3. युवक बेंगलुरु के किस इलाके में अपार्टमेंट खरीदना चाहता है? वह इंदिरानगर इलाके में दो बीएचके अपार्टमेंट खरीदने की सोच रहा है। 4. इंदिरानगर में उस 2BHK अपार्टमेंट की कीमत कितनी बताई गई है? उस अपार्टमेंट की कीमत लगभग एक करोड़ तीस लाख रुपये है। 5. युवक वर्तमान में रहने के लिए हर महीने कितना किराया देता है? वह अकेले एक पीजी में रहकर हर महीने इकतीस हजार रुपये किराया चुकाता है। https://trendkia.com/business/earning-2-lakh-monthly-still-not-enough-to-buy-2bhk-in-bengaluru-due-to-skyrocketing-property-prices-39099 TrendKia — Har trend, sabse pehle.