बहराइच में प्रदूषण मुक्त दीपावली का नया क्रेज, बिजली से चलने वाले अनोखे पटाखों की बाजार में धूम बहराइच में इस बार दीपावली पर इलेक्ट्रिक पटाखों की भारी मांग देखने को मिल रही है। बिना धुएं और कचरे वाले ये इको-फ्रेंडली पटाखे रिमोट से चलते हैं और हैप्पी दिवाली बोलने के साथ पारंपरिक आवाज भी निकालते हैं। बहराइच शहर में इस बार दीपावली के मौके पर पटाखों के पारंपरिक बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के बीच लोग अब पूरी तरह से नए विकल्पों की तरफ रुख कर रहे हैं। शहर के बाजारों में इस समय जिस उत्पाद की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है इलेक्ट्रिक पटाखा। यह अनोखा ट्रेंड त्योहार पर लोगों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बन चुका है और इसकी खरीदारी के लिए दुकानों पर काफी भीड़ उमड़ रही है। बिना प्रदूषण और कचरे के रोशनी का नया साधन पारंपरिक पटाखों के विपरीत इस नए इलेक्ट्रिक विकल्प की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इससे किसी भी तरह का धुआं या प्रदूषण नहीं फैलता है। इसके अलावा, इन्हें जलाने के बाद जमीन पर किसी भी प्रकार का कागजी कचरा या मलबा भी इकट्ठा नहीं होता है। एक बार निवेश करने के बाद ग्राहक इस उत्पाद का उपयोग आसानी से पांच से छह साल तक कर सकते हैं। यदि इनका रखरखाव बहुत अच्छी तरह से किया जाए, तो यह अगले त्योहारी सीजन में भी पूरी तरह से काम करने योग्य बने रहते हैं। कम बिजली खपत और आधुनिक फीचर्स इस बारे में जानकारी देते हुए स्थानीय दुकानदार मनीष जायसवाल ने बताया कि यह उत्पाद बिजली की बेहद कम खपत करता है। इसकी कुल ऊर्जा खपत लगभग 60 से 70 वॉट के आसपास है, जो कि घर में चलने वाले सामान्य पंखे की बिजली खपत से भी कम है। आधुनिक तकनीक से लैस इस इलेक्ट्रिक पटाखे में शानदार रोशनी के लिए आकर्षक झालरें और एक बेहतरीन साउंड सिस्टम जोड़ा गया है। यह मशीन ऑन होते ही हैप्पी दिवाली बोलने के साथ-साथ पारंपरिक पटाखों की झालर जैसी तेज और जोरदार आवाज भी उत्पन्न करती है। रिमोट कंट्रोल से सुरक्षा और आसान संचालन इस आधुनिक उत्पाद की एक और खास विशेषता इसका संचालन है जिसमें बटन के साथ रिमोट कंट्रोल का विकल्प भी मिलता है। यदि इसे घर की छत या किसी अन्य ऊंचाई वाले स्थान पर सुरक्षित तरीके से स्थापित कर दिया जाए, तो बच्चे अपने कमरे के अंदर बैठकर ही बिना किसी दुर्घटना के डर के इसे आसानी से संचालित कर सकते हैं। बाजार में इन इको-फ्रेंडली और ट्रेंडिंग पटाखों की कीमत 2,000 से 2,200 रुपए के दायरे में तय की गई है। जो ग्राहक इन्हें खरीदना चाहते हैं, वे बहराइच शहर के पीपल चौराहे के पास मौजूद मॉडर्न इलेक्ट्रिक की दुकान पर जाकर इन्हें आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। त्योहार के इस माहौल में पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए बच्चों की खुशियों को बरकरार रखने के लिए यह तकनीक लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। इसका आप पर असर त्योहारों के दौरान इलेक्ट्रिक पटाखों का यह नया विकल्प पर्यावरण को सुरक्षित रखने के साथ उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित और किफायती अनुभव सुनिश्चित करता है। • बहराइच में: स्थानीय खरीदार पीपल चौराहे पर स्थित दुकान से इन उपकरणों को 2,000 से 2,200 रुपए की कीमत पर आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। यह विकल्प पारंपरिक पटाखों पर होने वाले बार-बार के खर्च को बचाता है। • भारत में: देश भर के उपभोक्ताओं के लिए यह तकनीक बच्चों की सुरक्षा और वायु प्रदूषण को कम करने का एक व्यावहारिक जरिया बनती जा रही है। इससे त्योहारों के दौरान धुएं और कचरे की समस्या से काफी हद तक राहत मिलती है। ऐसा क्यों हुआ बढ़ते वायु प्रदूषण और पारंपरिक पटाखों से जुड़े सुरक्षा जोखिमों के कारण बाजार में इन सुरक्षित और आधुनिक विकल्पों की मांग तेजी से बढ़ी है। • बढ़ता प्रदूषण स्तर: दीपावली के दौरान पारंपरिक पटाखों के जलने से हवा में हानिकारक धुएं और कणों की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे लोग अब पर्यावरण के अनुकूल समाधान ढूंढ रहे हैं। • सुरक्षा प्राथमिकता: बच्चों द्वारा पारंपरिक पटाखे जलाने से होने वाले हादसों और जलने के खतरों से बचने के लिए रिमोट कंट्रोल आधारित उपकरणों की लोकप्रियता बढ़ी है। • लागत और उपयोगिता: एक बार खरीदे जाने पर कई वर्षों तक चलने की खूबी और बेहद कम बिजली खपत ने इसे उपभोक्ताओं के लिए एक किफायती विकल्प बना दिया है। सवाल-जवाब 1. बहराइच में इलेक्ट्रिक पटाखे कहां मिल रहे हैं? यह उत्पाद बहराइच शहर के पीपल चौराहे पर स्थित मॉडर्न इलेक्ट्रिक की दुकान पर उपलब्ध है। 2. इन इलेक्ट्रिक पटाखों की कीमत कितनी है? बाजार में इन इको-फ्रेंडली पटाखों की कीमत 2,000 से 2,200 रुपए के आसपास है। 3. यह इलेक्ट्रिक पटाखा कितनी बिजली की खपत करता है? इसकी ऊर्जा खपत महज 60 से 70 वॉट के आसपास है, जो एक सामान्य पंखे से भी कम है। 4. क्या यह पटाखा कोई आवाज या संदेश भी देता है? यह मशीन हैप्पी दिवाली बोलने के साथ पारंपरिक पटाखों की चटाई जैसी जोरदार आवाज निकालती है। 5. इन पटाखों को कितने साल तक इस्तेमाल किया जा सकता है? सही रखरखाव करने पर इन्हें पांच से छह साल तक आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। https://trendkia.com/business/electric-fireworks-gain-massive-popularity-in-bahraich-for-a-pollution-free-diwali-celebration-57471 TrendKia — Har trend, sabse pehle.