# लीडरशिप संकट के बीच इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक ने बालाजी नुथलापडी को सौंपी अंतरिम कमान

> पीएन वासुदेवन के इस्तीफे के बाद इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक के बोर्ड ने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बालाजी नुथलापडी को अंतरिम सीईओ नियुक्त करने की मंजूरी दी है.

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/equitas-small-finance-bank-ne-balaji-nuthalapadi-ko-banaya-antarima-ceo-55972 · **Language:** Hindi
**Tags:** इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, बालाजी नुथलापडी, पीएन वासुदेवन, बैंकिंग शेयर, आरबीआई, शेयर बाजार

इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक के शीर्ष प्रबंधन में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। बैंक के निदेशक मंडल ने 3 नवंबर 2026 को बालाजी नुथलापडी को अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने के प्रस्ताव को अपनी हरी झंडी दे दी है। यह फैसला बैंक के लंबे समय तक प्रबंध निदेशक और सीईओ रहे पीएन वासुदेवन के पद छोड़ने के कुछ ही दिनों बाद लिया गया है। हालांकि, यह नई नियुक्ति बैंकिंग नियामक रिजर्व बैंक की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद ही प्रभावी होगी। इसके साथ ही बैंक प्रशासन ने एक पूर्णकालिक और स्थायी एमडी एवं सीईओ की तलाश के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि नेतृत्व में निरंतरता बनी रहे।

## पीएन वासुदेवन के इस्तीफे से उपजा था संकट
बैंक में नेतृत्व परिवर्तन की यह नौबत 29 अक्टूबर 2026 को आई, जब तत्कालीन एमडी और सीईओ पीएन वासुदेवन ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया। इस इस्तीफे के पीछे उनकी बेटी के एक गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी के साथ जुड़ाव के चलते संभावित हितों के टकराव का मामला सामने आया था। वासुदेवन की बेटी यूनीको हाउसिंग फाइनेंस की सह-संस्थापक और प्रमोटर हैं। हालांकि वासुदेवन ने स्पष्ट किया था कि उनके और उनकी बेटी के सभी कामकाज नियामकीय नियमों और कानूनी सीमाओं के पूरी तरह दायरे में थे, लेकिन बाजार और शेयरधारकों के बीच बनी धारणा ने बैंक पर भारी दबाव बना दिया।

इस्तीफे की घोषणा होते ही बैंक के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। 29 अक्टूबर 2026 को बाजार सत्र के दौरान इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर 20 फीसदी की भारी गिरावट के साथ लोअर सर्किट पर पहुंच गया था। इस अप्रत्याशित झटके ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया और बैंक के शीर्ष स्तर पर तुरंत किसी अनुभवी पेशेवर को लाने की जरूरत महसूस होने लगी।

## बालाजी नुथलापडी का करियर और बैंकिंग अनुभव
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक की अंतरिम कमान संभालने जा रहे बालाजी नुथलापडी बैंकिंग और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में दशकों लंबा अनुभव रखते हैं। उन्होंने साल 1996 में आईआईएम अहमदाबाद से अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद 1997 में उन्होंने वैश्विक बैंकिंग दिग्गज सिटी के साथ अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत की। सिटी में उनका यह सफर करीब 28 साल से भी अधिक समय तक चला।

सिटी में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने एशिया-पैसिफिक यानी एपीएसी और यूरोप, मिडिल ईस्ट व अफ्रीका यानी ईएमईए जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जिम्मेदारियां संभालीं। मई 2021 में उन्हें सिटी साउथ एशिया के लिए ऑपरेशंस और टेक्नोलॉजी के प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद सितंबर 2024 में उनकी पदोन्नति हुई और वह प्रबंध निदेशक के साथ-साथ सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल्स टेस्टिंग एक्जिक्यूशन के चीफ बनाए गए।

मार्च 2025 में बालाजी नुथलापडी इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक का हिस्सा बने, जहां उन्हें एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के साथ टेक्नोलॉजी और ऑपरेशंस की कमान दी गई थी। चूंकि वह पहले से ही बैंक की शीर्ष प्रबंधन टीम में शामिल रहे हैं, इसलिए वह संस्था की कार्यप्रणाली, आंतरिक रणनीतियों और प्रक्रियाओं से भली-भांति वाकिफ हैं। उनके पास बैंकिंग ऑपरेशंस, रिस्क कंट्रोल, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, वेल्थ मैनेजमेंट और आधुनिक बैंकिंग प्रोडक्ट्स का गहरा व्यावहारिक ज्ञान है। मौजूदा समय में निवेशकों का भरोसा दोबारा कायम करने के लिए उनका यह व्यापक अनुभव बैंक के काफी काम आ सकता है।

## बाजार और शेयर पर इस फैसले का क्या होगा असर
बाजार विशेषज्ञों की नजर में बालाजी नुथलापडी को अंतरिम कमान सौंपना बैंक की स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम है। इससे यह साफ संदेश गया है कि बैंक ने नेतृत्व शून्यता को तुरंत भरने के लिए अपने ही भीतर से एक अनुभवी चेहरे को आगे किया है। पहले से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहने की वजह से उन्हें बैंक के दैनिक कामकाज को समझने में अतिरिक्त समय नहीं गंवाना पड़ेगा।

फिर भी, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर में स्थायी स्थिरता या तेजी सिर्फ एक चेहरे के बदलाव से तय नहीं होगी। शेयर बाजार के निवेशक इस बात पर भी करीबी नजर रखेंगे कि रिजर्व बैंक इस अंतरिम नियुक्ति पर अपनी अंतिम मुहर कब लगाता है। इसके अलावा बैंक बोर्ड स्थायी एमडी और सीईओ के पद पर किसे चुनता है और उत्तराधिकार की यह प्रक्रिया कितनी सुगमता से पूरी होती है, यह भी शेयर के भविष्य के प्रदर्शन के लिए बेहद अहम साबित होगा।

## इसका आप पर असर
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयरधारकों और खाताधारकों के लिए शीर्ष नेतृत्व में बदलाव स्थिरता का संकेत देता है, हालांकि अंतिम स्पष्टता के लिए कुछ समय इंतजार करना होगा।

- **शेयरधारकों पर असर:** बैंक के शेयर में 20 फीसदी के लोअर सर्किट के बाद अंतरिम नेतृत्व आने से घबराहट कम हो सकती है। लेकिन निवेशकों को नई खरीदारी या स्थिति तय करने से पहले आरबीआई की औपचारिक मंजूरी और स्थायी सीईओ के चयन का इंतजार करना चाहिए।
- **खाताधारकों और जमाकर्ताओं पर असर:** बैंक के रोजमर्रा के कामकाज, शाखा संचालन और ग्राहक सेवाओं पर इस बदलाव का कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। बचत खातों और सावधि जमा पर बैंक की ब्याज दरें और सुरक्षा नियम पहले की तरह ही सुरक्षित बने रहेंगे।
- **लोन ग्राहकों पर प्रभाव:** बैंक के रिटेल, एमएसएमई या माइक्रोफाइनेंस लोन के मौजूदा नियमों या ईएमआई प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कर्जदार अपने मौजूदा शेड्यूल के अनुसार भुगतान जारी रख सकते हैं और नई मंजूरियों पर भी प्रक्रिया सामान्य रहेगी।
- **संस्थागत निवेशकों का रुख:** संस्थागत निवेशक गवर्नेंस और आंतरिक नियंत्रण को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। पूर्णकालिक एमडी और सीईओ की अंतिम घोषणा तक बैंक के शेयर मूल्य में अस्थिरता बनी रह सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक में यह नेतृत्व परिवर्तन शीर्ष स्तर पर उपजे हितों के टकराव और उसके बाद शेयर बाजार में आई तेज बिकवाली के चलते हुआ है।

- **इस्तीफे का मुख्य कारण:** पूर्व एमडी और सीईओ पीएन वासुदेवन ने 29 अक्टूबर 2026 को पद छोड़ दिया था। उनकी बेटी यूनीको हाउसिंग फाइनेंस नामक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की सह-संस्थापक और प्रमोटर हैं, जिससे संभावित हितों के टकराव को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
- **शेयर में भारी गिरावट:** वासुदेवन के इस्तीफे की खबर आते ही बैंक के शेयर में बिकवाली तेज हो गई और 29 अक्टूबर को शेयर इंट्राडे में 20 फीसदी टूटकर लोअर सर्किट पर पहुंच गया था। इस तेज गिरावट ने निवेशकों में गहरा अविश्वास पैदा कर दिया था।
- **अंतरिम समाधान की आवश्यकता:** बैंक के बोर्ड ने 3 नवंबर 2026 को बालाजी नुथलापडी को अंतरिम कमान देकर नेतृत्व का शून्य भरने का निर्णय लिया। बैंक के पहले से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर होने के कारण वह संस्था के आंतरिक ऑपरेशंस और रिस्क मैनेजमेंट से पहले ही अच्छी तरह वाकिफ हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक का नया अंतरिम सीईओ किसे नियुक्त किया गया है?
बैंक के बोर्ड ने 3 नवंबर 2026 को बालाजी नुथलापडी को अंतरिम सीईओ बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.

### 2. पीएन वासुदेवन ने अपने पद से इस्तीफा क्यों दिया था?
उनकी बेटी के यूनीको हाउसिंग फाइनेंस नामक गैर-बैंकिंग कंपनी की सह-संस्थापक होने के चलते हितों के टकराव की आशंका पैदा हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने 29 अक्टूबर 2026 को इस्तीफा दे दिया.

### 3. इस्तीफे के दिन बैंक के शेयर पर क्या असर पड़ा था?
29 अक्टूबर 2026 को वासुदेवन के इस्तीफे की खबर के बाद शेयर इंट्राडे में 20 फीसदी गिरकर लोअर सर्किट पर पहुंच गया था.

### 4. बालाजी नुथलापडी का पेशेवर अनुभव क्या है?
उन्होंने 1996 में आईआईएम अहमदाबाद से पढ़ाई की और सिटी में 28 साल से ज्यादा समय तक काम किया, जिसके बाद मार्च 2025 में वह इक्विटास बैंक में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बने थे.

### 5. क्या बालाजी नुथलापडी की नियुक्ति तुरंत लागू हो चुकी है?
बोर्ड की मंजूरी के बाद यह नियुक्ति तभी औपचारिक रूप से लागू होगी जब रिजर्व बैंक से इसकी मंजूरी मिल जाएगी.

### 6. क्या बैंक ने स्थायी सीईओ की तलाश शुरू कर दी है?
हां, बैंक ने नए और स्थायी एमडी एवं सीईओ की तलाश के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है, तब तक बालाजी अंतरिम जिम्मेदारी संभालेंगे.

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