एवरेस्ट और लालजी गोधू पर गिरी गाज, मिलावट के चलते हींग पाउडर की बिक्री पर लगी पाबंदी भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने गुणवत्ता के मानकों पर खरा न उतरने और गलत ब्रांडिंग पाए जाने के कारण एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स और लालजी गोधू एंड कंपनी के हींग पाउडर की बिक्री पर रोक लगा दी है। नई दिल्ली में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने नियमों के गंभीर उल्लंघन का हवाला देते हुए कड़ा कदम उठाया है। नियामक ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और लालजी गोधू एंड कंपनी के हींग पाउडर उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह कार्रवाई नमूनों की जांच के दौरान गुणवत्ता में बड़ी खामियां मिलने के बाद की गई है, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया है। जांच में पकड़ी गई गड़बड़ियां नियामक के अनुसार, प्राथमिक खाद्य प्रयोगशाला के विश्लेषक द्वारा की गई जांच में हींग पाउडर के नमूने तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच में उत्पादों की गलत ब्रांडिंग का मामला भी सामने आया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम, 2011 के प्रावधानों के तहत इन उत्पादों को नियमों का उल्लंघन करने वाला पाया गया है। विशेष रूप से, अल्कोहल में घुलनशील पदार्थों की मात्रा निर्धारित न्यूनतम 5 फीसदी के मुकाबले शून्य पाई गई, जो कि एक बड़ा फेरबदल है। विभिन्न किस्मों में मिलावट का खुलासा नियामक ने स्पष्ट किया है कि पीली हींग पाउडर और काली हींग पाउडर दोनों के नमूनों में गुणवत्ता की भारी कमी पाई गई है। इन नमूनों में अल्कोहल में घुलनशील अर्क क्रमशः 3.29 फीसदी और 4.4 फीसदी ही दर्ज किया गया। इसके अलावा, मिश्रित हींग के पाउडर और टुकड़ों में इस्तेमाल होने वाली कच्ची हींग की किस्मों में अत्यधिक मात्रा में स्टार्च मिला हुआ पाया गया है। नियामक ने चेतावनी दी है कि यदि इन कमियों को दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। मसालों की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल केवल हींग ही नहीं, बल्कि खाद्य नियामक ने एवरेस्ट के अन्य मसालों की भी कड़ी जांच की है। जांच के दौरान यह पाया गया कि कंपनी के गरम मसाले, चिकन मसाले और अंडा करी वाले मसालों में भी गंभीर अनियमितताएं मौजूद हैं। इन मसालों के निर्माण और गुणवत्ता में नियमों का पालन नहीं किया गया है, जिसके चलते कंपनी को आधिकारिक रूप से नोटिस भी जारी किया गया है। नियामक की इस कार्रवाई से खाद्य उत्पादों की शुद्धता को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है। इसका आप पर असर खाद्य उत्पादों में मिलावट और घटिया गुणवत्ता की यह कार्रवाई आम उपभोक्ताओं की सेहत और सुरक्षा को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। • भारत में: देश भर के उपभोक्ताओं को अब ब्रांडेड मसालों और हींग की शुद्धता को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा, क्योंकि बाजार में बिकने वाली दैनिक उपयोग की वस्तुओं की गुणवत्ता पर नियामक की नजरें कड़ी हो गई हैं। • बाजार और कीमतों पर असर: इस कार्रवाई के बाद खाद्य उत्पादक कंपनियों पर गुणवत्ता सुधारने का दबाव बढ़ेगा, जिससे विनिर्माण मानकों में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। सवाल-जवाब 1. किन कंपनियों के हींग पाउडर पर रोक लगाई गई है? एफएसएसएआई ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और लालजी गोधू एंड कंपनी के हींग पाउडर पर रोक लगाई है। 2. हींग के नमूनों में मुख्य रूप से क्या खामी पाई गई? नमूनों में अल्कोहल में घुलनशील पदार्थों की मात्रा शून्य या निर्धारित न्यूनतम 5 फीसदी से बहुत कम पाई गई तथा अत्यधिक स्टार्च मिला हुआ था। 3. क्या एवरेस्ट के अन्य उत्पादों की भी जांच की गई है? हाँ, नियामक ने एवरेस्ट के गरम मसाले, चिकन मसाले और अंडा करी मसालों में भी अनियमितताएं पाई हैं। 4. नियामक ने इस मामले में क्या कदम उठाया है? नियामक ने हींग पाउडर की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है और एवरेस्ट को नोटिस जारी किया है। https://trendkia.com/business/evaresta-aura-lalaji-godhu-para-giri-gaja-milavata-ke-chalate-hinga-paudara-ki-bikri-para-lagi-pabndi-24295 TrendKia — Har trend, sabse pehle.