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  "type": "article",
  "title": "Ferrari पर लगाऊं या घोड़ों पर, क्रिप्टो अरबपति के £5 मिलियन के तोहफे पर भड़के नाइजेल फराज, बोले ये मेरा निजी मामला",
  "summary": "नाइजेल फराज ने एक क्रिप्टो अरबपति से मिले £5 मिलियन के तोहफे पर सफाई देने से इनकार कर दिया और कहा कि वे इसे चाहे फेरारी खरीदने में उड़ाएं या घोड़ों पर लगाएं, यह सिर्फ उनका मामला है। तोहफे को संसद में घोषित न करने पर अब जांच शुरू हो गई है।",
  "content": "रिफॉर्म यूके के नेता नाइजेल फराज ने एक क्रिप्टो अरबपति से मिले £5 मिलियन के तोहफे को लेकर पूछे गए सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका साफ कहना है कि वे इस रकम का क्या करेंगे, चाहे महंगी गाड़ियां खरीदें या घोड़ों पर दांव लगाएं, इससे किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए।\n\nमंगलवार को कई रेडियो और टीवी इंटरव्यू के दौरान फराज इस अघोषित तोहफे पर पूछे गए सवालों से चिढ़ते नजर आए और इसे उन्होंने पूरी तरह निजी मामला बताया। एलबीसी रेडियो पर बातचीत में फराज ने कहा, यह बिना किसी शर्त वाला तोहफा है। अगर मैं चाहूं तो इसे फेरारी पर खर्च कर सकता हूं। उन्होंने आगे जोड़ा, मैं इस पैसे का जो चाहूं वो कर सकता हूं। चाहूं तो इसे घोड़ों पर लगा दूं।\n\nकौन है तोहफा देने वाला अरबपति\n£5 मिलियन यानी 6.7 मिलियन डॉलर का यह तोहफा क्रिस्टोफर हार्बोर्न ने दिया है। हार्बोर्न ब्रिटिश नागरिक हैं और थाईलैंड में रहते हैं। USDT जारी करने वाली कंपनी टीथर में उनकी करीब 12% हिस्सेदारी है और संडे टाइम्स रिच लिस्ट में वे छठे स्थान पर हैं।\n\nजांच क्यों शुरू हुई\nसंसदीय मानक आयुक्त ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि 2024 में क्लैक्टन से सांसद चुने जाने के बाद फराज को यह तोहफा घोषित करना चाहिए था या नहीं। नियम के मुताबिक नए सांसदों को पिछले साल मिले £300 से ज्यादा के तोहफे दर्ज करवाने होते हैं, बशर्ते उन्हें राजनीतिक गतिविधि से जोड़ना मुमकिन हो।\n\nफराज का दावा है कि जब यह रकम उनके हाथ में आई, तब वे राजनीति में नहीं थे। हालांकि बीबीसी रेडियो 4 के निक रॉबिन्सन ने याद दिलाया कि फराज ने अपने ही पॉडकास्ट पर 40 मिनट तक संसद में उतरने की संभावना पर चर्चा की थी। इस पर फराज ने कहा कि उस वक्त वे अपना मन बनाने से काफी दूर थे।\n\nतोहफे की वजह पर बदलते बयान\nतोहफे के मकसद को लेकर फराज का बयान भी बदलता रहा है। पहले उन्होंने तर्क दिया कि यह उनकी निजी सुरक्षा के लिए मिली रकम है, इसलिए इसे घोषित करना जरूरी नहीं था। बाद में उन्होंने इसे 27 साल तक ब्रेक्जिट के लिए अभियान चलाने का इनाम बताया।\n\nअलग-अलग बयान देने के आरोप को उन्होंने खारिज किया और कहा कि यह पैसा उन्हें बिना किसी शर्त के मिला है। एलबीसी रेडियो पर फराज ने कहा, मेरा मानना है कि यह मेरी जिंदगी के पच्चीस साल देने, सिटी ऑफ लंदन की मोटी कमाई छोड़ने और ढेर सारी गालियां सहने का इनाम था। मेरा मानना है कि यही इरादा था, चाहे असल में रहा हो या नहीं। यह समीकरण का एक पहलू है। दूसरा पहलू यह है कि मैं उस पैसे का क्या करना चाहता हूं। वह मैंने बिल्कुल साफ कर दिया है।\n\nक्रिप्टो को बढ़ावा देने के आरोप पर सफाई\nफराज ने इस धारणा को भी गलत बताया कि इस तोहफे के बदले उन्होंने क्रिप्टो के पक्ष में पैरवी की। उनका कहना है कि उन्हें इंडस्ट्री का प्रचार करने के लिए पैसे नहीं मिले, क्योंकि वे पहले से ही कानून बदलने के समर्थक रहे हैं। बीबीसी से उन्होंने कहा कि अगर लंदन क्रिप्टो ट्रेडिंग का बड़ा केंद्र बन भी जाए, तो भी यह वैश्विक बाजार का बेहद छोटा हिस्सा रहेगा और इससे कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।\n\nफराज खुद को क्रिप्टो का चैंपियन बताते रहे हैं। वे एक राष्ट्रीय बिटकॉइन रिजर्व बनाने और डिजिटल एसेट्स पर कैपिटल गेन टैक्स घटाने की मांग करते आए हैं।\n\nरिफॉर्म यूके को मिला बड़ा चंदा\nयह तोहफा उन करोड़ों पाउंड के चंदे से अलग है जो हार्बोर्न ने खुद रिफॉर्म यूके को दिया है। रिफॉर्म को हाल में मिली ज्यादातर फंडिंग में हार्बोर्न और बिटमेक्स के सह-संस्थापक बेन डेलो का बड़ा हिस्सा है। पहली तिमाही में क्रिप्टो अरबपतियों ने रिफॉर्म यूके को 9.4 मिलियन डॉलर का चंदा दिया।\n\nलेबर पार्टी ने फराज पर इस तोहफे को लेकर जांच से बचने का आरोप लगाया है। यह मामला तब सामने आया जब ब्रिटेन ने क्रिप्टो में दिए जाने वाले राजनीतिक चंदे पर रोक लगाई थी, हालांकि न तो हार्बोर्न का फराज को दिया तोहफा और न ही रिफॉर्म यूके को दिया उनका चंदा क्रिप्टोकरेंसी के रूप में था।\n\nनियम तोड़ने पर क्या होगा\nजब फराज से पूछा गया कि अगर वे नियम तोड़ते पाए गए तो क्या वे पैसा लौटाएंगे, तो उन्होंने कहा कि सच कहूं तो यह आपका मामला नहीं है, लेकिन अगर मानक आयुक्त तय करते हैं कि यह जरूरी है, तो हम इस पर फिर बात करेंगे। नियम उल्लंघन साबित होने पर उन्हें हाउस ऑफ कॉमन्स से निलंबित किया जा सकता है और क्लैक्टन में उपचुनाव तक की नौबत आ सकती है।\n\nइसका आप पर असर\n• क्रिप्टो निवेशकों के लिए: फराज एक राष्ट्रीय बिटकॉइन रिजर्व और डिजिटल एसेट्स पर कम कैपिटल गेन टैक्स की मांग कर रहे हैं, जो आगे चलकर क्रिप्टो रखने वालों के लिए टैक्स नियमों को प्रभावित कर सकता है।\n• आम पाठक के लिए: यह मामला दिखाता है कि राजनीति में मिलने वाले बड़े तोहफों और चंदे पर पारदर्शिता के नियम कितने अहम हैं, क्योंकि नियम तोड़ने पर सांसद का निलंबन और उपचुनाव तक हो सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नाइजेल फराज को तोहफे में कितनी रकम मिली?\nउन्हें £5 मिलियन यानी करीब 6.7 मिलियन डॉलर का तोहफा मिला।\n\n2. यह तोहफा किसने दिया?\nयह तोहफा थाईलैंड में रहने वाले ब्रिटिश अरबपति क्रिस्टोफर हार्बोर्न ने दिया, जिनकी टीथर में करीब 12% हिस्सेदारी है।\n\n3. फराज पर जांच क्यों हो रही है?\nसंसदीय मानक आयुक्त यह जांच कर रहे हैं कि 2024 में क्लैक्टन से सांसद चुने जाने के बाद फराज को यह तोहफा घोषित करना चाहिए था या नहीं।\n\n4. फराज इस पैसे को लेकर क्या कह रहे हैं?\nउनका कहना है कि यह बिना शर्त वाला निजी तोहफा है और वे इसे चाहे फेरारी खरीदने में लगाएं या घोड़ों पर, यह उनका अपना मामला है।\n\n5. नियम उल्लंघन साबित होने पर क्या हो सकता है?\nफराज को हाउस ऑफ कॉमन्स से निलंबित किया जा सकता है और क्लैक्टन में उपचुनाव तक की नौबत आ सकती है।\n\n6. रिफॉर्म यूके को क्रिप्टो अरबपतियों से कितना चंदा मिला?\nपहली तिमाही में क्रिप्टो अरबपतियों ने रिफॉर्म यूके को 9.4 मिलियन डॉलर का चंदा दिया।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-06-24",
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