# फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सुनील भारती मित्तल को लीजन ऑफ ऑनर से नवाजने का किया ऐलान

> भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल को फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर' प्रदान किया जाएगा।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/french-rashtrapati-emmanuel-macron-ne-sunil-bharti-mittal-ko-legion-of-honour-se-navajane-ka-kiya-ailana-46951 · **Language:** Hindi
**Tags:** सुनील भारती मित्तल, भारती एंटरप्राइजेज, लीजन ऑफ ऑनर, इमैनुएल मैक्रों, भारत फ्रांस संबंध, यूटेलसैट, टेलीकॉम

भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन और संस्थापक सुनील भारती मित्तल को फ्रांस सरकार ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर' के लिए चुना है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से इस प्रतिष्ठित सम्मान की घोषणा की गई है। वैश्विक टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में सुनील भारती मित्तल के योगदान तथा भारत और फ्रांस के द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों को सुदृढ़ करने के उनके प्रयासों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस सम्मान को फ्रांसीसी गणराज्य की परंपरा में विशिष्ट दर्जा प्राप्त है, जिसकी शुरुआत नेपोलियन बोनापार्ट ने वर्ष 1802 में की थी।

## तीन दशकों से अधिक पुरानी व्यापारिक साझेदारी का सम्मान
भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथू ने इस फैसले पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सुनील भारती मित्तल वर्ष 1992 से ही, यानी जब एयरटेल की नींव रखी जा रही थी, फ्रांस के एक मजबूत और विश्वसनीय मित्र रहे हैं। तीन दशकों से भी लंबे इस समय में मित्तल ने दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के बीच एक सेतु की तरह काम किया है। राजदूत माथू के अनुसार, इस साझेदारी ने यह साबित किया है कि जब भारतीय और फ्रांसीसी उद्यम एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो वे वैश्विक स्तर पर कितने बड़े और दूरगामी परिणाम हासिल कर सकते हैं।

वर्तमान समय में सुनील भारती मित्तल प्रमुख सैटेलाइट ऑपरेटर यूटेलसैट के उपाध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। राजदूत थियरी माथू ने रेखांकित किया कि यह सम्मान ऐसे समय में आ रहा है जब भारत और फ्रांस अंतरिक्ष तकनीक और आधुनिक डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। यूटेलसैट के जरिए दोनों देशों के बीच उपग्रह संचार नेटवर्क को विस्तार देने में मित्तल की सक्रिय भागीदारी रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

## नई दिल्ली स्थित फ्रांसीसी दूतावास में आयोजित होगा भव्य समारोह
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, 'शेवेलिये दे ल ऑर्द्र नासियोनाल दे ला लेजियों द ऑनर' की यह उपाधि सुनील भारती मित्तल को 28 अक्टूबर, 2026 को औपचारिक रूप से भेंट की जाएगी। इस विशेष अलंकरण समारोह की मेजबानी नई दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास द्वारा की जाएगी, जहां दोनों देशों के प्रमुख राजनयिक, उद्योगपति और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।

सुनील भारती मित्तल ने इस सम्मान की घोषणा पर फ्रांसीसी गणराज्य और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अपनी यात्रा को याद करते हुए साझा किया कि फ्रांस के साथ उनका जुड़ाव वर्ष 1992 में शुरू हुआ था, जब जनरल दे जो (कॉम्पैनी जेनेराल दे जो) ने भारत में मोबाइल सेवाओं की शुरुआत के लिए भारती के साथ ऐतिहासिक साझेदारी की थी। मित्तल ने स्पष्ट किया कि तीन दशक पहले शुरू हुआ यह तालमेल आज भी अटूट बना हुआ है और वे यूरोपीय सैटेलाइट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी यूटेलसैट के को-चेयरमैन के रूप में इसे आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि वे भविष्य में भारत और फ्रांस के आर्थिक व तकनीकी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए लगातार काम करते रहेंगे।

## वैश्विक और राष्ट्रीय नागरिक अलंकरणों की समृद्ध सूची
सुनील भारती मित्तल को मिले इस नए अंतरराष्ट्रीय सम्मान से पहले भी उनके नेतृत्व को वैश्विक मंचों पर सराहा जा चुका है। वर्ष 2024 में ब्रिटेन के सम्राट राजा चार्ल्स तृतीय ने उन्हें 'नाइट कमांडर ऑफ द मोस्ट एक्सीलेंट ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर' (केबीई) से सम्मानित किया था, जिसके साथ वे इस प्रतिष्ठित ब्रिटिश सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय नागरिक बने थे।

भारत सरकार ने भी उद्योग और व्यापार जगत में उनके असाधारण योगदान के लिए वर्ष 2007 में देश के शीर्ष नागरिक पुरस्कारों में शामिल पद्म भूषण से उन्हें विभूषित किया था। फ्रांस का लीजन ऑफ ऑनर मिलने के साथ ही मित्तल उन चुनिंदा वैश्विक उद्योगपतियों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें भारत के साथ-साथ यूरोप के दो सबसे प्रभावशाली देशों के सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुए हैं।

## इसका आप पर असर
यह सम्मान भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते व्यापारिक और तकनीकी गठबंधनों की दिशा को रेखांकित करता है।

- **भारतीय उद्योग जगत के लिए:** वैश्विक स्तर पर भारतीय कारोबारियों की साख मजबूत होती है जिससे यूरोपीय बाजारों में साझेदारी के नए रास्ते खुलते हैं। भारतीय कंपनियों को विदेशी सहयोग और तकनीकी निवेश हासिल करने में दीर्घकालिक मदद मिलती है।
- **टेलीकॉम और सैटेलाइट सेक्टर में:** यूटेलसैट जैसी साझेदारियों से भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड और डिजिटल कनेक्टिविटी परियोजनाओं को रफ्तार मिलेगी। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाएं पहुंचाने की योजनाएं अधिक सक्षम बन सकेंगी।
- **वैश्विक निवेश और रोजगार:** भारत और फ्रांस के द्विपक्षीय संबंधों के मजबूत होने से घरेलू स्तर पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में पूंजी प्रवाह बढ़ सकता है। इससे उच्च तकनीक और अंतरिक्ष क्षेत्र में पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
- **कूटनीतिक और रणनीतिक स्तर पर:** यूरोप के प्रमुख देशों के साथ भारत के व्यापारिक रिश्ते गहरे होने से आपूर्ति श्रृंखलाओं में स्थिरता आएगी। आधुनिक संचार तकनीकों में आत्मनिर्भरता और वैश्विक साझेदारी का संतुलन बेहतर होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
फ्रांस सरकार द्वारा यह सर्वोच्च सम्मान भारत और फ्रांस के आर्थिक संबंधों को विस्तार देने में सुनील भारती मित्तल के तीन दशकों के योगदान के मूल्यांकन के बाद दिया गया है।

- **दीर्घकालिक टेलीकॉम सहयोग:** वर्ष 1992 में जब भारत में मोबाइल नेटवर्क की शुरुआत हो रही थी, तब फ्रांस की कंपनी जनरल दे जो ने भारती के साथ हाथ मिलाया था। मित्तल ने उस साझेदारी को दशकों तक निरंतर बनाए रखा और मजबूत किया।
- **अंतरिक्ष और सैटेलाइट कनेक्टिविटी:** यूटेलसैट के नेतृत्व में मित्तल की भूमिका ने दोनों देशों को अगली पीढ़ी की सैटेलाइट तकनीक में साझीदार बनाया है। दोनों देश इस समय स्पेस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साझा विकास पर जोर दे रहे हैं।
- **द्विपक्षीय व्यापारिक सेतु:** फ्रांसीसी राजदूत के अनुसार, मित्तल ने यह प्रमाणित किया है कि दोनों देशों के उद्योगपति मिलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़े परिणाम दे सकते हैं। इसी निरंतर व्यापारिक निष्ठा के चलते फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने उन्हें इस सम्मान के लिए चुना।

## सवाल-जवाब

### 1. सुनील भारती मित्तल को फ्रांस का कौन सा सम्मान दिया गया है?
उन्हें फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर' प्रदान किया गया है।

### 2. लीजन ऑफ ऑनर की स्थापना किसने और कब की थी?
इस सम्मान की स्थापना नेपोलियन बोनापार्ट ने वर्ष 1802 में की थी।

### 3. सुनील भारती मित्तल को यह सम्मान किस उपलब्धि के लिए मिला है?
उन्हें भारत और फ्रांस के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने तथा टेलीकॉम व डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह पुरस्कार मिला है।

### 4. यह सम्मान समारोह कब और कहां आयोजित किया जाएगा?
यह सम्मान 28 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया जाएगा।

### 5. सुनील भारती मित्तल और फ्रांस का व्यापारिक जुड़ाव कब शुरू हुआ था?
यह जुड़ाव 1992 में शुरू हुआ था, जब जनरल दे जो ने भारत में मोबाइल सेवाएं शुरू करने के लिए भारती के साथ साझेदारी की थी।

### 6. सुनील भारती मित्तल को पूर्व में कौन से प्रमुख नागरिक सम्मान मिल चुके हैं?
उन्हें 2007 में भारत का पद्म भूषण और 2024 में ब्रिटेन का नाइट कमांडर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर सम्मान मिल चुका है।

## प्रेरणा और सबक
सुनील भारती मित्तल की यह यात्रा दर्शाती है कि दूरदर्शिता और निरंतर वैश्विक साझेदारी से भारतीय नेतृत्व को दुनिया में सर्वोच्च पहचान दिलाई जा सकती है।

- **दीर्घकालिक संबंधों का महत्व:** तीन दशकों से अधिक समय तक अंतरराष्ट्रीय साझीदारों का विश्वास बनाए रखना ही स्थायी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
- **सहयोग के जरिए विस्तार:** वैश्विक स्तर पर मिलकर काम करने से घरेलू उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय तकनीक और प्रतिष्ठा दोनों प्राप्त होते हैं।
- **निरंतर नया सीखने की ललक:** पारंपरिक टेलीकॉम से आगे बढ़कर सैटेलाइट संचार और अंतरिक्ष तकनीक में कदम रखना यह सिखाता है कि उद्योग जगत में भविष्योन्मुखी बने रहना आवश्यक है।

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