# डाबर को बड़ा झटका, FSSAI ने शहद और घी समेत कई उत्पादों की बिक्री पर लगाई रोक

> एफएसएसएआई ने भ्रामक दावों और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन के चलते डाबर इंडिया के कई उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी है। नियामक ने कंपनी से 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-08-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/fssai-directs-dabur-india-to-halt-sales-of-honey-ghee-and-other-products-over-misleading-claims-13254 · **Language:** Hindi
**Tags:** डाबर, एफएसएसएआई, शहद, घी, खाद्य सुरक्षा, एफएमसीजी

देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनी डाबर इंडिया को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई की ओर से एक बड़ा झटका मिला है। नियामक ने कंपनी को अपने कई प्रमुख खाद्य उत्पादों की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकने का सख्त निर्देश दिया है। एफएसएसएआई का कहना है कि कंपनी द्वारा अपने उत्पादों के विज्ञापनों और पैकेजिंग पर ऐसे दावे किए जा रहे थे जो ग्राहकों को भ्रमित करने वाले हैं और मौजूदा खाद्य सुरक्षा नियमों के बिल्कुल विपरीत हैं।

## किन उत्पादों पर गिरी गाज और क्या हैं निर्देश
नियामक की यह कार्रवाई डाबर के कई लोकप्रिय उत्पादों पर लागू होती है, जिनमें शहद, ऐपल साइडर विनेगर, वर्जिन कोकोनट ऑयल, तिल का तेल, देसी घी, नारियल पानी और कोकोनट मिल्क जैसे सामान शामिल हैं। इसके साथ ही एफएसएसएआई ने कंपनी को यह भी निर्देश दिया है कि वह आदेश मिलने के ठीक 15 दिनों के भीतर अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट यानी एटीआर नियामक के पास जमा करे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्देशों का पालन किस प्रकार किया गया है।

## भ्रामक दावों पर नियामक की कड़ी आपत्ति
एफएसएसएआई के अनुसार, डाबर अपनी आधिकारिक वेबसाइट और विभिन्न उत्पादों के लेबल पर “100% नैचुरल”, “100% प्योर”, “100% प्योरिटी गारंटीड” और “100% ऑर्गेनिक” जैसे बड़े दावे कर रहा था। नियामक का स्पष्ट मानना है कि खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 के दायरे में इस प्रकार के “100%” वाले दावे बेहद अस्पष्ट हैं। इन दावों को पूरी तरह से प्रमाणित नहीं किया जा सकता है और ये सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं को गुमराह करने का काम करते हैं।

## लोगो और अनुमति से जुड़ी अन्य गड़बड़ियां
विस्तृत जांच के दौरान नियामक ने यह भी पाया कि डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर बिना किसी वैध एफएसएसएआई ऑर्गेनिक मंजूरी के ‘जैविक भारत’ के आधिकारिक लोगो का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा, डाबर होममेड कोकोनट मिल्क के पैकेट पर “100% प्योरिटी” का दावा मुद्रित पाया गया, जो स्थापित नियमों के सरासर खिलाफ था।

## पहले भी मिल चुका था चेतावनी भरा नोटिस
कार्रवाई से पहले नियामक ने कंपनी को इस संबंध में नोटिस भेजकर इन सभी दावों में सुधार करने की हिदायत दी थी। हालांकि, एफएसएसएआई का कहना है कि कंपनी की तरफ से इस दिशा में कोई भी संतोषजनक सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया। इसी लापरवाही के कारण अब नियामक को इन विशेष उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने का सख्त कदम उठाना पड़ा है। फिलहाल यह पूरी प्रशासनिक कार्रवाई भ्रामक विज्ञापनों और लेबलिंग के नियमों के गंभीर उल्लंघन के आधार पर की गई है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले विज्ञापनों और खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर नियामकों की सख्ती बढ़ने से आम खरीदारों को अधिक पारदर्शी और प्रामाणिक उत्पाद मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. एफएसएसएआई ने डाबर के किन उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई है?
नियामक ने शहद, ऐपल साइडर विनेगर, वर्जिन कोकोनट ऑयल, तिल का तेल, देसी घी, नारियल पानी और कोकोनट मिल्क की बिक्री पर रोक लगाई है।

### 2. डाबर के उत्पादों पर किस तरह के दावों पर आपत्ति जताई गई है?
कंपनी द्वारा उत्पादों पर '100% नैचुरल', '100% प्योर', '100% प्योरिटी गारंटीड' और '100% ऑर्गेनिक' जैसे दावे किए जा रहे थे।

### 3. नियामक ने कंपनी को रिपोर्ट जमा करने के लिए कितना समय दिया है?
एफएसएसएआई ने डाबर इंडिया को 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।

### 4. किन उत्पादों पर 'जैविक भारत' लोगो के गलत इस्तेमाल का मामला सामने आया है?
जांच के दौरान डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर बिना वैध मंजूरी के इस लोगो का इस्तेमाल पाया गया।

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