# गर्दनीबाग में बनेगा प्रदेश का पहला टेक पार्क, दरभंगा में कार्गो हब के लिए 225 करोड़ मंजूर

> बिहार मंत्रिमंडल ने पटना के गर्दनीबाग में राज्य का पहला टेक पार्क तैयार करने के लिए एनबीसीसी के साथ समझौते को मंजूरी दे दी है, जिससे 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां मिलने की उम्मीद है। वहीं दरभंगा हवाईअड्डे के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के भूमि अधिग्रहण का बजट बढ़ाकर 225 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-10-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/gardanibagh-men-banega-pradesha-ka-pahala-teka-parka-darbhanga-men-kargo-haba-ke-lie-225-karora-mnjura-47542 · **Language:** Hindi
**Tags:** बिहार कैबिनेट, गर्दनीबाग टेक पार्क, एनबीसीसी इंडिया, दरभंगा कार्गो हब, बिहार आईटी पॉलिसी, रोजगार अवसर

बिहार की राजधानी में आधुनिक तकनीकी आधारभूत ढांचे को रफ्तार देने के लिए सोमवार को कैबिनेट स्तर पर बड़ा फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में संपन्न हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पटना स्थित गर्दनीबाग में प्रदेश का पहला टेक पार्क विकसित करने की योजना पर मुहर लगाई गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने की प्रशासनिक हरी झंडी मिल चुकी है। राज्य के आईटी विभाग के मुताबिक, बिहार वित्त (संशोधन) नियमावली के प्रावधानों के अंतर्गत नामांकन आधार पर एनबीसीसी (इंडिया) का चयन किया गया है, जिसके साथ शीघ्र ही आधिकारिक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

## आईटी और विनिर्माण क्षेत्र में भारी निवेश आकर्षित करने का खाका
राजधानी पटना में प्रस्तावित गर्दनीबाग टेक पार्क राज्य के भीतर आईटी और आईटी-सक्षम सेवाओं (ITES) के पूरे तंत्र को एक नई पहचान देगा। प्रशासन का आकलन है कि आधुनिक कारोबारी सुविधाओं से लैस इस परिसर के जरिए बड़े महानगरों की तर्ज पर स्थानीय स्तर पर तकनीकी इकोसिस्टम मजबूत होगा। यह परिसर सूचना प्रौद्योगिकी के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण (ESDM) उद्योग से जुड़े निवेशकों को भी आकर्षित करेगा। नीतिगत स्तर पर इस परियोजना को बिहार आईटी पॉलिसी 2024 और बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2026 के साथ जोड़ा गया है, जिससे तकनीकी कंपनियों को राज्य में अपना कामकाज स्थापित करने में मदद मिलेगी।

## रोजगार के नए मौके और युवाओं के पलायन पर रोक की रणनीति
सरकार के अनुमान के मुताबिक, इस टेक हब के विकसित होने के बाद 100 से ज्यादा देशी-विदेशी कंपनियों के यहां निवेश करने की प्रबल संभावना है। इसके संचालन से सीधे तौर पर 5,000 से अधिक कुशल पेशेवरों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य बिहार के शिक्षित व तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को गृह राज्य में ही करियर के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना है। इससे आजीविका की खोज में बड़े शहरों की ओर रुख करने वाले युवाओं के पलायन पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

## दरभंगा में लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के लिए बजट संशोधन
औद्योगिक और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे के विस्तार के क्रम में मंत्रिमंडल ने दरभंगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के समीप बनने वाले लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया। इस परियोजना के वास्ते कुल 49.9973 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है, जिसके लिए पूर्व में 50 एकड़ भूमि हेतु 138 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। हालांकि, भूमि मुआवजे के नए आकलन और दरों में हुई वृद्धि के बाद कैबिनेट ने संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति देते हुए इस बजट को बढ़ाकर 225 करोड़ रुपये कर दिया है। यह केंद्र तैयार होने से मिथिलांचल समेत पूरे उत्तर बिहार के फल, सब्जी और अन्य कृषि उत्पादों को हवाई मार्ग के जरिए देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों व अन्य राज्यों तक शीघ्रता से पहुंचाने में उल्लेखनीय मदद मिलेगी।

## इसका आप पर असर
इस फैसले से बिहार में तकनीकी पेशेवरों के लिए गृह राज्य में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और उत्तर बिहार के किसानों को सीधा बाजार संपर्क मिलेगा।

- **भारत में:** देश की आईटी और विनिर्माण कंपनियों को बिहार में विस्तार के लिए रियायती नीतियों के तहत नए केंद्र स्थापित करने का मौका मिलेगा। इससे राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी प्रतिभा के क्षेत्रीय विकेंद्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
- **बिहार में:** राज्य के तकनीकी युवाओं को स्थानीय स्तर पर 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियों के अवसर प्राप्त होंगे। इससे पेशेवरों को रोजगार के लिए अन्य महानगरों में जाने की बाध्यता कम होगी।
- **किसानों और व्यापारियों के लिए:** दरभंगा कार्गो हब के जरिए मिथिलांचल के मखाना और फल जैसे कृषि उत्पाद सीधे हवाई मार्ग से अन्य राज्यों में पहुंच सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और स्थानीय उत्पादकों को अपनी उपज का बेहतर बाजार मूल्य मिल सकेगा।
- **स्थानीय अर्थव्यवस्था पर:** टेक पार्क में 100 से अधिक कंपनियों के आने से पटना में सहायक सेवाओं, रियल एस्टेट और रिटेल क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। इससे स्थानीय स्तर पर अप्रत्यक्ष रोजगार के व्यापक अवसर तैयार होंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
राज्य में तकनीकी उद्योग की कमी के चलते प्रतिभा पलायन और कृषि उत्पादों के लिए बुनियादी ढांचे की अनुपलब्धता को दूर करने के लिए यह फैसला लिया गया।

- **तकनीकी पलायन रोकने की पहल:** बिहार में आईटी इकोसिस्टम के अभाव में शिक्षित युवाओं को आजीविका के लिए दूसरे महानगरों पर निर्भर रहना पड़ता था। इस टेक पार्क का निर्माण स्थानीय स्तर पर तकनीकी प्रतिभा को बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
- **नीतिगत प्रोत्साहन का क्रियान्वयन:** राज्य सरकार द्वारा लाई गई बिहार आईटी पॉलिसी 2024 और जीसीसी पॉलिसी 2026 के लक्ष्यों को जमीन पर उतारने के लिए संस्थागत ढांचा जरूरी था। गर्दनीबाग में टेक पार्क बनने से इन नीतियों के तहत कंपनियों को आकर्षित करना आसान होगा।
- **जमीन मुआवजे की लागत में संशोधन:** दरभंगा एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक पार्क के लिए पूर्व स्वीकृत 138 करोड़ रुपये का फंड भूमि मुआवजे की नई दरों के कारण कम पड़ रहा था। इसलिए परियोजना को गति देने के लिए कैबिनेट ने बजट बढ़ाकर 225 करोड़ रुपये किया।
- **उत्तर बिहार में लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी की मांग:** मिथिलांचल के कृषि और बागवानी उत्पादों को देश के बड़े शहरों तक तेजी से पहुंचाने के लिए एयर कार्गो की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। यह लॉजिस्टिक हब इसी कनेक्टिविटी अंतर को समाप्त करने के लिए बनाया जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. बिहार का पहला टेक पार्क कहां बनाया जाएगा?
यह टेक पार्क राजधानी पटना के गर्दनीबाग इलाके में विकसित किया जाएगा।

### 2. इस टेक पार्क के विकास का जिम्मा किसे सौंपा गया है?
मंत्रिमंडल ने नामांकन आधार पर सरकारी कंपनी एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के चयन को मंजूरी दी है।

### 3. गर्दनीबाग टेक पार्क से कितने रोजगार मिलने की संभावना है?
सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना से 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।

### 4. परियोजना में कितनी कंपनियों के निवेश की उम्मीद है?
इस परिसर में 100 से अधिक आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम कंपनियों के निवेश करने की संभावना जताई गई है।

### 5. दरभंगा में लॉजिस्टिक पार्क के लिए कितनी जमीन अधिग्रहित की जा रही है?
दरभंगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के समीप 49.9973 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

### 6. दरभंगा एयरपोर्ट भूमि अधिग्रहण का बजट कितना कर दिया गया है?
मुआवजा दरों में वृद्धि के चलते इस परियोजना का बजट 138 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 225 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

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