# घरेलू एलपीजी पर सब्सिडी जारी रखने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण जरूरी, नई बुकिंग पर लागू होंगे नए नियम

> घरेलू गैस सिलेंडर पर सरकारी वित्तीय सहायता जारी रखने के लिए आधार सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना प्रमाणीकरण के सिलेंडर बुक करने पर खाते में मिलने वाली आर्थिक राहत रुक जाएगी।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/gharelu-lpg-para-sabsidi-jari-rakhane-ke-lie-bayometrika-aadhaar-pramanikarana-jaruri-nai-bukinga-para-lagu-honge-nae-niyama-36118 · **Language:** Hindi
**Tags:** एलपीजी सब्सिडी, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, घरेलू गैस सिलेंडर, आधार ईकेवाईसी, पेट्रोलियम मंत्रालय, रसोई गैस बुकिंग

घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर पर मिलने वाली वित्तीय राहत को लेकर एक अहम प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य किया गया है। अगर किसी उपभोक्ता ने अपने कनेक्शन के साथ बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण यानी बीएए की प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो नई बुकिंग कराने पर मिलने वाली सब्सिडी राशि सीधे तौर पर प्रभावित होगी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से साझा किए गए ब्योरे के मुताबिक, रसोई गैस पर सरकारी रियायत का लाभ उठाने वाले प्रत्येक परिवार को अपनी पहचान प्रमाणित करानी होगी, ताकि सीधे बैंक खाते में जाने वाली आर्थिक मदद बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।

## सब्सिडी प्रणाली में बायोमेट्रिक सत्यापन लागू करने का मुख्य उद्देश्य
रसोई गैस वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए बायोमेट्रिक आधार सत्यापन की व्यवस्था तैयार की गई है। इस पूरी कवायद का मूल मकसद यह तय करना है कि सरकारी खजाने से दी जाने वाली सब्सिडी का वास्तविक फायदा केवल उन्हीं परिवारों को मिले जो इसके वास्तविक पात्र हैं। जब हर एक कनेक्शन आधार के जरिए किसी प्रमाणित व्यक्ति से जुड़ जाता है, तो रियायती दरों वाले घरेलू सिलेंडरों को अवैध तरीके से कमर्शियल या इंडस्ट्रियल कामों में भेजने की गुंजाइश खत्म हो जाती है। इसके अतिरिक्त, एक ही नाम या पते पर चल रहे फर्जी, डुप्लीकेट और अपात्र कनेक्शनों को पूरी तरह से छांटकर बाहर करने में मदद मिलती है। इस व्यवस्था से किसी भी पात्र परिवार को गैस कनेक्शन से वंचित नहीं किया जाएगा, बल्कि उनके सत्यापन के लिए कई सुविधाजनक विकल्प खुले रखे गए हैं।

## प्रमाणीकरण की स्थिति के आधार पर उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला असर
सत्यापन की स्थिति के अनुसार उपभोक्ताओं को दो अलग श्रेणियों में देखा जा सकता है। जिन उपभोक्ताओं ने पूर्व में ही अपना बायोमेट्रिक आधार सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा करा लिया है, उन्हें किसी नई कागजी कार्रवाई या दोबारा जांच से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे सभी परिवारों को पहले की ही तरह बिना किसी बदलाव के सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर मिलते रहेंगे। वहीं दूसरी ओर, जिन उपभोक्ताओं ने अब तक यह जांच पूरी नहीं कराई है, उनकी नई बुकिंग पर मिलने वाला सब्सिडी लाभ फिलहाल रोक दिया जाएगा। हालांकि, जैसे ही ऐसे उपभोक्ता अपनी बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी कर लेंगे, उनके कनेक्शन पर सब्सिडी के साथ रिफिल बुकिंग की सुविधा फिर से बहाल कर दी जाएगी।

## उपभोक्ता इन तीन आसान तरीकों से पूरा कर सकते हैं सत्यापन
गैस उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए तेल कंपनियों ने प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को बेहद सरल और बहुविकल्पीय बनाया है। पहली सुविधा रिफिल की घर पर डिलीवरी के समय ही उपलब्ध होती है, जहां सिलेंडर पहुंचाने वाला कर्मचारी अपनी तेल विपणन कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए उपभोक्ता के घर पर ही बायोमेट्रिक जांच पूरी कर सकता है। दूसरा तरीका यह है कि उपभोक्ता सीधे अपनी गैस एजेंसी या वितरक के दफ्तर में जाकर वहां मौजूद बायोमेट्रिक मशीन पर अपनी उंगलियों के निशान या चेहरे से सत्यापन करा सकते हैं। तीसरा और सबसे सुलभ विकल्प स्मार्टफोन ऐप का है, जिससे घर बैठे स्वयं ई-केवाईसी की जा सकती है।

अपनी संबंधित तेल विपणन कंपनी के अनुसार उपभोक्ता अधिकृत मोबाइल ऐप्लिकेशन का चयन कर सकते हैं। इंडेन के ग्राहक इंडियन ऑयल वन ऐप का उपयोग कर सकते हैं, भारत गैस के उपभोक्ता हैलो बीपीसीएल ऐप की सहायता ले सकते हैं, जबकि एचपी गैस के कनेक्शन धारक एचपी पे ऐप के जरिए घर बैठे प्रमाणीकरण कर सकते हैं। खुद से ई-केवाईसी पूरी करने की विस्तृत जानकारी और वीडियो ट्यूटोरियल पीएमयूवाई के आधिकारिक पोर्टल पर भी उपलब्ध कराए गए हैं।

## लगभग नब्बे प्रतिशत कनेक्शन धारक करा चुके हैं जांच पूरी
आंकड़ों के अनुसार 19 सितंबर 2026 तक देश के 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं ने अपना बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण सफलता से पूरा कर लिया है, जो कुल सक्रिय कनेक्शनों का 89.9 प्रतिशत कवरेज दर्शाता है। शुरुआत में उपभोक्ताओं को यह प्रक्रिया 30 जून 2026 तक पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद आम लोगों को पर्याप्त अवसर देने के उद्देश्य से समय-सीमा को कई चरणों में आगे बढ़ाया गया, जिसमें 31 जुलाई, 7 अगस्त, 15 अगस्त, 23 अगस्त, 31 अगस्त, 7 सितंबर और अंततः 14 सितंबर 2026 तक विस्तार दिया गया था।

## सत्यापन अभियान के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक संपर्क
अक्टूबर 2023 से ही तेल विपणन कंपनियों ने देश भर में एक बड़ा जनसंपर्क अभियान चला रखा है। उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए 12 करोड़ से अधिक एसएमएस और वॉट्सऐप संदेश भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा गैस वितरकों और डिलीवरी कर्मियों ने उन परिवारों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क साधा है जिनका सत्यापन अधूरा था। डिस्ट्रीब्यूटर के परिसरों, भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण इलाकों में विशेष शिविर लगाकर लोगों को मौके पर ही बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा करने की सुविधा दी गई है।

## इसका आप पर असर
घरेलू गैस पर मिलने वाली सरकारी आर्थिक मदद जारी रखने के लिए उपभोक्ताओं को अपना बायोमेट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य हो गया है।

- **भारत में:** देश भर के सक्रिय एलपीजी उपभोक्ताओं को 1 अक्टूबर से नई बुकिंग पर सब्सिडी पाने के लिए आधार आधारित सत्यापन पूरा करना होगा। यदि यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो सब्सिडी राशि बैंक खाते में आना बंद हो जाएगी और पूरा व्यावसायिक मूल्य चुकाना पड़ेगा।
- **रिफिल डिलीवरी पर असर:** सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मी के मोबाइल ऐप से तत्काल बायोमेट्रिक जांच पूरी की जा सकती है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी सब्सिडी बहाल कराने के लिए अलग से कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- **एजेंसी जाकर सत्यापन:** जो उपभोक्ता स्मार्टफोन ऐप का उपयोग नहीं करते, वे अपनी नजदीकी गैस एजेंसी जाकर काउंटर पर उंगलियों के निशान से सत्यापन करा सकते हैं। वितरक के कार्यालय में यह सुविधा बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराई जा रही है।
- **घर बैठे ऐप से सुविधा:** इंडियनऑयल वन, हैलो बीपीसीएल या एचपी पे ऐप का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक घर बैठे चंद मिनटों में ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके लिए पीएमयूवाई पोर्टल पर उपलब्ध वीडियो गाइड की मदद ली जा सकती है।
- **सत्यापित ग्राहकों को राहत:** जिन 89.9 प्रतिशत परिवारों ने पहले ही प्रमाणीकरण पूरा कर लिया है, उन्हें कोई नया कदम उठाने की आवश्यकता नहीं है। उनकी सब्सिडी और बुकिंग सेवाएं सामान्य रूप से बिना किसी रुकावट के चलती रहेंगी।

## ऐसा क्यों हुआ
सरकार ने घरेलू रसोई गैस वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और सब्सिडी के गलत इस्तेमाल को खत्म करने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण की अनिवार्यता तय की है।

- **कमर्शियल डायवर्जन पर रोक:** रियायती दरों वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का होटल, रेस्तरां और औद्योगिक इकाइयों में अवैध इस्तेमाल रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। हर सिलेंडर को एक वास्तविक आधार-सत्यापित व्यक्ति से जोड़ने से कालाबाजारी पर पूर्ण अंकुश लगेगा।
- **फर्जी और दोहरे कनेक्शन हटाना:** वितरण प्रणाली में दर्जनों फर्जी, डुप्लीकेट और अपात्र गैस कनेक्शन लंबे समय से सरकारी सब्सिडी का दुरुपयोग कर रहे थे। बायोमेट्रिक पहचान से डेटाबेस पूरी तरह शुद्ध हो जाएगा और केवल पात्र परिवार ही प्रणाली में बचेंगे।
- **लंबे अभियान के बाद अंतिम चरण:** तेल विपणन कंपनियां अक्टूबर 2023 से ही देशव्यापी आउटरीच अभियान चला रही हैं और 14 सितंबर 2026 तक कई बार तारीखें बढ़ाई जा चुकी हैं। लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो जाने के बाद अब बचे हुए उपभोक्ताओं को सत्यापन के लिए प्रेरित करने हेतु यह नियम लागू किया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या 1 अक्टूबर से घरेलू गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी बंद हो रही है?
सब्सिडी केवल उन्हीं उपभोक्ताओं की नई बुकिंग पर रुकेगी जिन्होंने बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण नहीं कराया है। सत्यापन पूरा होते ही सब्सिडी दोबारा मिलने लगेगी।

### 2. अगर मैंने पहले ही आधार प्रमाणीकरण करवा लिया है, तो क्या दोबारा कराना होगा?
नहीं, जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया नहीं दोहरानी होगी।

### 3. घर बैठे खुद से ई-केवाईसी कैसे पूरी की जा सकती है?
उपभोक्ता अपनी गैस कंपनी के ऐप जैसे IndianOil ONE, HelloBPCL या HP PAY के जरिए स्मार्टफोन से खुद बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कर सकते हैं।

### 4. क्या गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय भी सत्यापन कराया जा सकता है?
हां, डिलीवरी करने वाला कर्मचारी अपने अधिकृत मोबाइल ऐप की मदद से डिलीवरी के वक्त ही मौके पर प्रमाणीकरण पूरा कर सकता है।

### 5. अब तक कितने प्रतिशत उपभोक्ताओं ने यह प्रमाणीकरण पूरा कर लिया है?
19 सितंबर 2026 तक देश के 27.43 करोड़ सक्रिय उपभोक्ताओं यानी करीब 89.9 प्रतिशत लोगों ने बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कर लिया है।

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