घरेलू वित्तीय संस्थानों और QIB के दम पर जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ पहले दिन 3 गुना भरा, मिले 59 करोड़ शेयरों के आवेदन बुधवार को खुले जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को पहले ही दिन निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला, जहां 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 59.12 करोड़ शेयरों की बोलियां दर्ज की गईं। प्राथमिक बाजार में दस्तक देते ही जियो प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ को निवेशकों की तरफ से जोरदार प्रतिक्रिया मिली है। बुधवार, 21 अक्टूबर को बोली प्रक्रिया शुरू होते ही अलग-अलग श्रेणी के निवेशकों ने बड़े पैमाने पर शेयर खरीदने में दिलचस्पी दिखाई। पहले कारोबारी दिन की समाप्ति तक यह सार्वजनिक पेशकश पूरी तरह भरकर 3.01 गुना सब्सक्राइब हो चुकी थी। कंपनी द्वारा बिक्री के लिए रखे गए 19.75 करोड़ इक्विटी शेयरों के मुकाबले निवेशकों ने कुल 59.12 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन जमा किए। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक आक्रामकता बड़े और संस्थागत बोलीदाताओं की तरफ से देखने को मिली, जिसके चलते इश्यू ने पहले ही दिन अपना पूरा आकार पार कर लिया। संस्थागत निवेशकों की भारी मांग से बना रिकॉर्ड बोली आंकड़ों के विस्तृत विश्लेषण से पता चलता है कि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB श्रेणी में सबसे ज्यादा उछाल दर्ज किया गया। इस वर्ग के लिए तय किए गए कोटे को निवेशकों ने 9 गुना सब्सक्राइब कर दिया, जो बाजार के बड़े खिलाड़ियों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII वर्ग में भी सकारात्मक रुख देखा गया और इस श्रेणी को 1.58 गुना अभिदान प्राप्त हुआ। कंपनी के कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से में 1.30 गुना बोलियां लगाई गईं, जबकि पात्र शेयरधारकों के कोटे को 1.38 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसके विपरीत, छोटे खुदरा निवेशकों की तरफ से शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही और पहले दिन उनका कोटा केवल 0.68 गुना ही भर सका। घरेलू वित्तीय संस्थानों ने विदेशी निवेशकों को पीछे छोड़ा इस निर्गम में घरेलू वित्तीय संस्थानों का दबदबा विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जिन्होंने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को भी बोली के मामले में काफी पीछे छोड़ दिया। उपलब्ध अधिकृत आंकड़ों के अनुसार, देश के वित्तीय संस्थानों की तरफ से अकेले 25.02 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां डाली गईं। इसकी तुलना में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की ओर से कुल 14.99 करोड़ शेयरों की मांग दर्ज की गई। संस्थागत भागीदारी को और मजबूती देते हुए म्यूचुअल फंड कंपनियों ने भी 3.10 करोड़ शेयरों के लिए अपने आवेदन सौंपे। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारतीय वित्तीय तंत्र के भीतर इस निर्गम को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारी और विश्वास था। खुदरा निवेशकों की रफ्तार और आगामी कारोबारी दिन खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के हिस्से में पहले दिन 0.68 गुना आवेदन आने के बाद अब बाजार के जानकारों की निगाहें शेष बचे कारोबारी दिनों पर टिकी हैं। आमतौर पर रिटेल निवेशक सार्वजनिक निर्गम के दूसरे और तीसरे दिन संस्थागत रुझान और ग्रे मार्केट प्रीमियम को भांपने के बाद बड़े पैमाने पर पूंजी लगाते हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा। ऐसे में आवेदन करने के इच्छुक निवेशकों के पास अभी पर्याप्त समय उपलब्ध है। आने वाले दो दिनों में रिटेल और गैर-संस्थागत कोटे में बोलियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना बनी हुई है, जिससे अंतिम आंकड़े और भी बड़े हो सकते हैं। इसका आप पर असर जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ में भारी मांग से प्राथमिक शेयर बाजार में तरलता और खुदरा निवेशकों के आवंटन पर सीधा असर पड़ेगा। • आवंटन की संभावना: इश्यू पहले ही 3.01 गुना भर चुका है और QIB कोटा 9 गुना भरा है। यदि आप रिटेल कोटे में आवेदन कर रहे हैं, तो अंतिम दिन तक ओवरसब्सक्रिप्शन बढ़ने पर शेयर आनुपातिक या लॉटरी आधार पर मिलने की संभावना कम हो सकती है। • आवेदन की समयसीमा: यह निर्गम 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा। इच्छुक निवेशकों को यूपीआई मैंडेट और तकनीकी अड़चनों से बचने के लिए अंतिम दिन दोपहर से पहले आवेदन पूरा कर लेना चाहिए। • बाजार धारणा: घरेलू संस्थानों ने अकेले 25.02 करोड़ शेयरों की बोली लगाई है। इससे यह साफ होता है कि घरेलू फंड प्रबंधकों का भरोसा मजबूत है, जिससे सेकेंडरी मार्केट में लिस्टिंग के समय प्रीमियम मिलने की उम्मीदें बढ़ जाती हैं। • रिटेल निवेशकों की रणनीति: रिटेल कोटा पहले दिन 0.68 गुना भरा है। इसका मतलब है कि पहले दिन के रुझान के आधार पर छोटे निवेशकों के पास मांग और प्रीमियम को परखकर समझदारी से बोली लगाने का मौका है। ऐसा क्यों हुआ जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में पहले दिन भारी सब्सक्रिप्शन का मुख्य कारण मजबूत घरेलू संस्थागत समर्थन और QIB श्रेणी की आक्रामक खरीदारी रही। • संस्थागत भूख: क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने अपने कोटे को 9 गुना भरकर निर्गम को मजबूत शुरुआत दी। बड़े फंड हाउस नए बड़े पब्लिक इश्यू में शुरुआती आवंटन सुरक्षित करने के लिए पहले ही दिन भारी पूंजी लगाते हैं। • घरेलू पूंजी का नेतृत्व: घरेलू वित्तीय संस्थानों ने अकेले 25.02 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं, जो विदेशी निवेशकों की 14.99 करोड़ शेयरों की बोली से कहीं अधिक थी। म्यूचुअल फंड्स ने भी 3.10 करोड़ शेयरों की मांग दर्ज कराकर बुक बिल्डिंग को गति दी। • कर्मचारियों और शेयरधारकों की भागीदारी: कंपनी के कर्मचारियों और शेयरधारकों के कोटे भी पहले ही दिन क्रमशः 1.30 गुना और 1.38 गुना भर गए। आंतरिक हितधारकों के इस समर्थन ने सार्वजनिक बोली प्रक्रिया को और अधिक विश्वसनीयता प्रदान की। सवाल-जवाब 1. जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ पहले दिन कुल कितना सब्सक्राइब हुआ? जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ पहले कारोबारी दिन कुल 3.01 गुना सब्सक्राइब हुआ। 2. पहले दिन कितने शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं? निर्गम में उपलब्ध 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले कुल 59.12 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। 3. संस्थागत और गैर-संस्थागत श्रेणियों का प्रदर्शन कैसा रहा? QIB श्रेणी 9 गुना और गैर-संस्थागत निवेशक (NII) श्रेणी 1.58 गुना सब्सक्राइब हुई। 4. घरेलू वित्तीय संस्थानों और विदेशी निवेशकों ने कितने शेयरों के लिए आवेदन किया? घरेलू वित्तीय संस्थानों ने 25.02 करोड़ शेयरों और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 14.99 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई। 5. यह आईपीओ किस तारीख तक खुला रहेगा? जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा। https://trendkia.com/business/gharelu-vittiya-snsthanon-aura-qib-ke-dama-para-jio-platforms-ka-ipo-pahale-dina-3-guna-bhara-mile-59-karora-sheyaron-ke-avedana-50315 TrendKia — Har trend, sabse pehle.