गोंडा के प्रगतिशील किसान ने उगाई जीरा फूल धान की अनोखी फसल, बाजार में है भारी मांग उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक किसान ने पारंपरिक खेती से हटकर छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध जीरा फूल धान की किस्म उगाई है। खुशबूदार और महीन दानों वाले इस धान की खेती से किसानों को बेहतरीन कमाई का अवसर मिल रहा है। गोंडा जिले के किसान अब पारंपरिक फसलों के दायरे से बाहर निकलकर धान की उन्नत और विशेष किस्मों की खेती पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इसी क्रम में जिले के एक प्रगतिशील किसान सिराज अहमद ने जीरा फूल धान की खेती में सफलता हासिल की है। यह खास किस्म अपनी बेहतरीन खुशबू, बेहद महीन दानों और लजीज स्वाद के लिए पहचानी जाती है। किसान के अनुसार, एक एकड़ के रकबे में इस फसल से लगभग 15 क्विंटल तक का उत्पादन मिल रहा है, जिसकी बाजार में बहुत अधिक मांग बनी हुई है। छत्तीसगढ़ से जुड़ी है इस धान की मुख्य पहचान सिराज अहमद ने इस फसल के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि जीरा फूल धान की मूल उत्पत्ति छत्तीसगढ़ के सरगुजा क्षेत्र से जुड़ी हुई है। इस प्रजाति के चावल के दाने आकार में बहुत छोटे और पतले होते हैं। जब यह पककर तैयार होता है, तो इससे एक भीनी-भीनी खुशबू महकती है और इसका स्वाद भी आम चावलों के मुकाबले काफी अलग और बेहतर होता है। यही खास विशेषता इसे ग्राहकों के बीच लोकप्रिय बनाती है और बाजार में इसकी लगातार अच्छी मांग बनी रहती है। पहली बार की खेती और भविष्य की योजनाएं सिराज अहमद ने इस खरीफ सीजन में पहली बार अपने खेतों में जीरा फूल धान की फसल उगाई है। उन्होंने शुरुआत में लगभग एक एकड़ भूमि पर इसकी रोपाई की थी। फसल की शुरुआती स्थिति और मिलने वाले उत्पादन को देखते हुए वह आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ाने की सोच रहे हैं। उनका मानना है कि यदि खेती में सही किस्म का चुनाव किया जाए और गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए, तो किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है. लागत, उत्पादन और मुनाफे का पूरा गणित जीरा फूल धान की खेती में आने वाले खर्च और मुनाफे का हिसाब भी काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। सिराज अहमद के अनुसार, एक एकड़ जमीन में फसल तैयार करने पर लगभग 20 हजार रुपये की कुल लागत आती है। इसके बदले में करीब 15 क्विंटल तक धान की पैदावार मिल जाती है। बाजार में इस धान का दाम लगभग 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिलने की उम्मीद है। वहीं इसके परिष्कृत चावल की खुदरा कीमत बाजार में 100 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक दर्ज की जा रही है, हालांकि यह भाव स्थानीय मांग और क्वालिटी पर भी निर्भर करता है. कृषि क्षेत्र में नए प्रयोगों का बढ़ता दायरा जीरा फूल धान अपनी अनोखी खुशबू और बारीक बनावट के कारण सामान्य धान की किस्मों से बिल्कुल अलग खड़ा नजर आता है। ऐसे में क्षेत्रीय किसानों के लिए यह कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाने का एक दमदार जरिया बन सकता है। कृषि जानकारों का मानना है कि इस तरह के नए प्रयोग करने से पहले मिट्टी की जांच, स्थानीय जलवायु और बाजार की नब्ज को परख लेना बेहद जरूरी होता है। सिराज अहमद का यह सफल प्रयास आसपास के अन्य किसानों को भी लीक से हटकर खेती करने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसका आप पर असर कृषि क्षेत्र से जुड़े इस नए प्रयोग का सीधा असर स्थानीय किसानों की आय और फसल चयन की प्राथमिकताओं पर पड़ेगा। • उत्पादकता और कमाई: किसानों को पारंपरिक फसलों के मुकाबले अधिक बाजार भाव और बेहतर मुनाफा मिलने की संभावना बढ़ जाती है। • गोंडा में: स्थानीय किसान अब धान की पारंपरिक किस्मों के साथ-साथ इस तरह की प्रीमियम खुशबूदार प्रजातियों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। • लागत प्रबंधन: एकड़ के हिसाब से सीमित लागत में उच्च मूल्य वाली फसल उगाने का नया विकल्प सामने आता है। • बाजार पहुंच: सही गुणवत्ता बनाए रखने पर किसानों को सीधे खुदरा बाजार में ऊंचे दाम प्राप्त हो सकते हैं। • विविधीकरण: कृषि क्षेत्र में नई किस्मों के प्रयोग से बाजार की बदलती मांग के अनुसार ढलने का अवसर मिलता है। ऐसा क्यों हुआ जीरा फूल धान की खेती की तरफ किसानों का रुझान बढ़ने के पीछे इसकी विशेष मांग और बेहतर आर्थिक रिटर्न मुख्य वजह है। • पारंपरिक से हटकर सोच: किसान सामान्य पैदावार के कम मुनाफे से निकलकर अधिक मूल्य देने वाली प्रीमियम किस्मों की तलाश कर रहे हैं। • बाजार की मांग: खुशबूदार और महीन चावल की उपभोक्ता बाजार में लगातार मजबूत मांग बनी हुई है, जिससे ऊंचे दाम मिलते हैं। • उत्पादक राज्यों का प्रभाव: छत्तीसगढ़ की इस पारंपरिक किस्म की लोकप्रियता अन्य राज्यों के प्रगतिशील किसानों तक पहुंच रही है। • कम लागत में मुनाफा: उचित प्रबंधन के साथ प्रति एकड़ सीमित निवेश पर बेहतर पैदावार हासिल होना इस रुख को बढ़ावा दे रहा है। सवाल-जवाब 1. जीरा फूल धान की खेती किस किसान ने की है? गोंडा जिले के प्रगतिशील किसान सिराज अहमद ने पहली बार जीरा फूल धान की खेती की है। 2. जीरा फूल धान मूल रूप से किस राज्य की किस्म मानी जाती है? यह धान मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की प्रसिद्ध किस्म मानी जाती है। 3. एक एकड़ जमीन में इस धान का कितना उत्पादन होता है? एक एकड़ जमीन में जीरा फूल धान से लगभग 15 क्विंटल तक का उत्पादन मिलने की उम्मीद है। 4. बाजार में इसके चावल की कीमत क्या है? तैयार चावल बाजार में 100 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिकता है। 5. एक एकड़ में खेती करने पर कितना खर्च आता है? जीरा फूल धान की खेती में एक एकड़ जमीन पर लगभग 20 हजार रुपये की लागत आती है। 6. इस धान का धान बाजार में किस भाव बिक सकता है? किसान के अनुसार इसके धान की कीमत करीब 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल सकती है। प्रेरणा और सबक सिराज अहमद की यह सफलता उन किसानों के लिए एक बेहतरीन मिसाल है जो खेती में नवाचार करना चाहते हैं। • नया प्रयोग करें: पारंपरिक फसलों के साथ-साथ देश के दूसरे हिस्सों की प्रसिद्ध किस्मों को आजमाकर अपनी आमदनी बढ़ाई जा सकती है। • गुणवत्ता पर ध्यान: कृषि उत्पादों में बेहतर गुणवत्ता और खुशबू जैसी विशेषताएं ग्राहकों को आकर्षित करती हैं। • कम से शुरुआत: किसी भी नई फसल को बड़े पैमाने पर लगाने से पहले छोटे रकबे से अनुभव लेना समझदारी है। • बाजार की समझ: स्थानीय मांग और फसल की विशेषताओं का अध्ययन करके सही समय पर सही उपज बेची जा सकती है। https://trendkia.com/business/gonda-ke-pragatisheel-kisan-ne-ugai-jira-phool-dhan-ki-anokhi-fasal-57580 TrendKia — Har trend, sabse pehle.